नई दिल्ली: देश के मौसम चक्र में इस समय एक साथ कई प्रणालियां सक्रिय हैं, जिससे उत्तर से लेकर पूर्वोत्तर और मध्य भारत तक हाहाकार मचा हुआ है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों और स्काईमेट के विश्लेषण के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक मौसम की यह लुका-छिपी जारी रहेगी. एक तरफ जहां उत्तर-पश्चिम भारत में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) अपना असर दिखा रहे हैं, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में कुदरत का रौद्र रूप भारी बारिश के रूप में सामने आने वाला है. राजस्थान और हरियाणा के किसानों पर इस समय अपनी मेहनत की कमाई को मिट्टी में मिलने का खतरा है. आसमान से बरस रही आफत ने खेतों में ‘डबल अटैक’ कर दिया है. एक तरफ वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण बेमौसम बारिश और ओले गिरने की संभावन के चलते पकी-पकाई फसलों पर संकट मंडरा रहा है. राजस्थान में मार्च के महीने में सामान्य से 61% अधिक बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.
पूर्वोत्तर भारत: 28 मार्च तक भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वोत्तर और उससे सटे पूर्वी भारत के लिए आने वाले दिन काफी भारी हो सकते हैं. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 24 और 27 मार्च को व्यापक वर्षा की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भी 24, 27 और 28 मार्च को गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. नागालैंड में विशेष रूप से 28 मार्च 2026 को कहीं-कहीं अति भारी वर्षा जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर सकती है. इस दौरान बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है.
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में आंधी, बारिश और बढ़ता पारा
उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय दो लगातार पश्चिमी विक्षोभों के कारण पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में इस सप्ताह गरज-चमक के साथ वर्षा और तेज हवाओं का दौर बना रहेगा. राजस्थान में तो मार्च के महीने में ही प्री-मानसून जैसे हालात हैं. दूसरी ओर, मध्य भारत में अब गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मध्य भारत के राज्यों में अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है. हालांकि, इसके बाद के 4 दिनों में तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा लेकिन बढ़ती उमस और अचानक आने वाली आंधी किसानों की मुसीबत बढ़ा सकती है.
24 से 28 मार्च: कैसा रहेगा देश का हाल?
· 24 मार्च: उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्से येलो अलर्ट पर हैं, जहां बारिश और बिजली गिरने की संभावना है. दक्षिण भारत के कुछ तटीय इलाकों में भी बादलों की आवाजाही रहेगी.
· 28 मार्च: महीने के अंत तक उत्तर-पश्चिम भारत (जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल) और पूर्वोत्तर के साथ-साथ मध्य भारत के कुछ हिस्सों (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़) में मौसम खराब रहने के आसार हैं.
किसानों के लिए डबल मुसीबत
यह समय रबी फसलों की कटाई का है. एक तरफ बारिश और ओले गिरने से फसलों के भीगने और सड़ने का डर है तो दूसरी तरफ तापमान में बढ़ोतरी से दाना सूखने की समस्या आ सकती है. विशेष रूप से राजस्थान और हरियाणा के किसानों के लिए 27 मार्च तक का समय काफी संवेदनशील है, क्योंकि तेज हवाएं कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलों को गिरा सकती हैं.
सवाल-जवाब
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश कब तक जारी रहेगी?
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की गतिविधियां 24 मार्च से शुरू होकर 28 मार्च 2026 तक अलग-अलग चरणों में जारी रहेंगी.
क्या मध्य भारत में अब लू (Heatwave) चलने की संभावना है?
फिलहाल तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी, लेकिन लू जैसी स्थिति का तत्काल कोई पूर्वानुमान नहीं है. हालांकि, गर्मी और उमस बढ़ेगी.
28 मार्च को किन राज्यों में सबसे अधिक खतरा है?
28 मार्च को नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और बारिश हो सकती है.



