जानिए दुनिया भर में मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता स्वतंत्रता दिवस के बारे में…..
विश्व भर में हर साल अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता स्वतंत्रता दिवस 3 मई को मनाया जाता है। इस दिन को प्रेस दिवस के नाम से भी जाना जाता है।
प्रेस क्या है
प्रेस और मीडिया का सबसे पहला उद्देश्य देश के लोगों को शिक्षित करना, सूचित करना, जागरूक करना और प्रेरित करना है। मीडिया लोगों की सोच बदल लेने मदद करती है।
मीडिया को लोकतंत्र का “फोर्थ पिलर” भी कहा गया है। मीडिया लोगों के बीच एक पुल का काम करती है। जो लोगों को विभिन्न संस्थानों के साथ-साथ देश में चल रहे विवादों की जानकारी देती है।
प्रेस और मीडिया हम सभी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों से जोड़े रखती है। मीडिया आजकल हमारे लिए प्रेस वाहक का काम करती है।जो हर सुबह हमें सारी खबरें घर बैठे ही बताती है।
शहर में हो रही सभी घटनाओं के साथ-साथ देश में चल रहे वाद-विवादों के बारे में बताती है। मीडिया पूरी दुनिया में खबरें का गाने का एक सबसे अच्छा माध्यम है। मीडिया से मिली जानकारी की वजह से सभी लोग अपडेट रहते हैं।
प्रेस दिवस मनाने का उद्देश्य
देशभर में प्रेस की आजादी के प्रति जागरूकता फैलाना ही प्रेस दिवस मनाने का उद्देश्य है। अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता स्वतंत्र दिवस मनाने का उद्देश्य, मीडिया की आजादी पर हमलों से या मीडिया की रक्षा करने वाले एवं मरने वाले पत्रकारों को श्रद्धांजलि अर्पित करना भी है।
कब से हुई थी प्रेस दिवस मनाने की शुरुआत
संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा द्वारा विश्व स्तर पर प्रेस की आज़ादी को सम्मान देने के लिए 3 मई को अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता स्वतंत्र दिवस घोषित किया गया। इस दिन को प्रेस दिवस के रूप में भी जाना जाता है।
साल 1997 से यूनेस्को द्वारा हर साल 3 मई को प्रेस दिवस मनाया जाता है। इस दिन प्रेस के लिए अच्छे कार्य करने वाली संस्थान या फिर व्यक्ति को एक पुरस्कार भी दिया जाता है। जिस पुरस्कार का नाम “गिलेरमो कानो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम प्राइज” है।
प्रेस दिवस कैसे मनाया जाता है
प्रेस दिवस के दिन प्रेस की स्वतंत्रता की महत्वता को निर्धारित करने के लिए कई जगहों पर विभिन्न तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
हमारे देश भारत में प्रेस दिवस उन सभी पत्रकारों को सम्मान देने के लिए भी मनाया जाता है, जिन पत्रकारों ने जानकारी देने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली या फिर गवा दी।
इसी के साथ उन सभी पत्रकारों को सम्मान पुरस्कार प्रदान करके सम्मानित भी किया जाता है। विभिन्न सरकारी कार्यालयों पर सरकारी अधिकारी एवं मंत्री कला का प्रदर्शन के लिए कई प्रोग्राम आयोजित करते हैं।
साथ ही स्कूल,कॉलेज और अन्य शैक्षिक संस्थानों में प्रेस दिवस बनाने के लिए विभिन्न तरह के प्रोग्राम आयोजित किए जाते हैं।कहीं पर निबंध लेखन होता है तो कहीं पर डिबेट प्रोग्राम भी कराया जाता है।
क्यों पड़ी प्रेस दिवस मनाने की जरूरत
प्रेस दिवस मनाने की सबसे बड़ी जरूरत थी प्रेस की स्वतंत्रता। दरअसल दुनिया भर के कई देशों में पत्रकारों पर दवाब डाला जाता है।
मीडिया पत्रकार या मीडिया संस्थान जब भी सरकार के खिलाफ कुछ लिखते और दिखाते हैं तो उनको कई बार प्रताड़ित किया जाता है।
कई बार पत्रकारों को मारने की धमकी मिलती है, तो कई पत्रकारों को मौत के घाट उतार भी दिया गया। इसी के साथ-साथ मीडिया संस्थान को भी बंद करने की धमकी दी जाती है।
इन सभी कारणों की वजह से प्रेस दिवस मनाना शुरू किया गया ताकि पत्रकार आजादी से पत्रकारिता कर सके।
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