ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर हो गया. 15 दिनों के लिए युद्ध रुक गया है. इस दौरान अमेरिका-ईरान शांति वार्ता करेंगे. इजरायल भी इस सीजफायर को मान गया है. ईरान जंग पर पाकिस्तान बड़ा उड़नबाज बन रहा था. वह दुनिया को बता रहा है कि उसके कारण है अमेरिका-ईरान के बीच जंग रुकी है. वह जोर-जोर से चिल्ला रहा है कि देखो हमने मीडिएट किया, तब जाकर युद्ध रुका. मगर इस बड़बोले पन में उसने एक बात ऐसी कह दी, जो हकीकत से कोसों दूर है. पाकिस्तान ने ईरान जंग के बीच ही लेबनान को लेकर भी एक बड़ा दावा किया. इसके बाद होना क्या था, बेंजामिन नेतन्याहू ने तुरंत पाकिस्तान की हवा निकाल दी.
दरअसल, अभी केवल ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम हुआ है. इजरायल भी ईरान संग युद्धविराम पर मान गया है. मगर लेबनान पर उसने सीजफायर का फैसला नहीं किया है. जी हां, ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की घोषणा के बीच इजरायल की लड़ाई लेबनान के मोर्च पर जारी रह सकती है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि यह दो हफ्तों का संघर्ष-विराम लेबनान पर लागू नहीं होता है. हालांकि, ईरान के साथ युद्धविराम इजरायल भी सहमति व्यक्त की है.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘इजरायल, राष्ट्रपति ट्रंप के उस फैसले का समर्थन करता है, जिसके तहत ईरान के खिलाफ हमलों को दो हफ्तों के लिए रोक दिया गया है. यह समर्थन इस शर्त पर है कि ईरान तुरंत जलडमरूमध्य (स्ट्रेट्स) को खोल दे और अमेरिका, इजरायल व इस क्षेत्र के अन्य देशों पर होने वाले सभी हमलों को रोक दे.’
बयान में कहा गया, ‘इजरायल, अमेरिका के उन प्रयासों का भी समर्थन करता है जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान अब अमेरिका, इजरायल, अरब पड़ोसी देशों और पूरी दुनिया के लिए कोई परमाणु, मिसाइल या आतंकवादी खतरा न बना रहे. अमेरिका ने इजरायल को बताया है कि वह आने वाली बातचीत में उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जो अमेरिका, इजरायल और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के साझा लक्ष्य हैं.
इसके साथ ही, इजरायली प्रधानमंत्री के कार्यालय ने बयान में कहा कि यह दो हफ्तों का संघर्ष-विराम लेबनान पर लागू नहीं होता है. इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष-विराम समझौते के तहत ईरान के खिलाफ हमलों को दो हफ्ते के लिए सशर्त रोकने की घोषणा की. उन्होंने इस कदम को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को फिर से खोलने के प्रयासों से जोड़ा.
ईरान ने इस प्रस्ताव को अस्थायी रूप से स्वीकार करने का संकेत दिया, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अगर ईरान पर हमले बंद हो जाते हैं, तो तेहरान भी अपनी सैन्य कार्रवाई रोक देगा. इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घोषणा की थी कि ईरान और अमेरिका ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर तत्काल प्रभाव से सीजफायर पर सहमति बना ली है, जिसमें लेबनान सहित सभी क्षेत्र शामिल हैं. हालांकि, हकीकत यह है कि लेबनान पर अभी सीजफायर नहीं हुआ है.





