दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन के नियम-Long & Healthy life ke Niyam

Date:

प्रत्येक मनुष्य दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन चाहता है , इंसान यह सोचता है कि वह 100 साल से ज्यादा जिएऔर लंबे समय तक सेहतमंद रहे |

लेकिन आज की lifestyle को देखकर लंबी उम्र की सौगात पाना काफी मुश्किल लगता है,

आज के दौर में जैसे लोग ब्लड प्रेशर, ओबेसिटी, डायबिटीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं,

लेकिन बदलाव लाकर लंबी और सेहतमंद जिंदगी की सौगात पाई जा सकती है,  

यदि स्वस्थ और दीर्घजीवी बनना हो तो कुछ नियमों को अवश्य समझ लेना चाहिए |

  • आसन –प्राणायाम, जप ध्यान, संयम-सदाचार आदि से मनुष्य का दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन होता है|
  • मोटे एवं सूती वस्त्र पहने, सिंथेटिक वस्त्र स्वास्थ्य के लिए हितकर नहीं है|
  • आप जो कार्य करते हैं, सप्ताह में कम से कम 1 दिन उससे मुक्त हो जाइए, मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि जो आदमी सदा एक जैसा काम करता रहता है उसको थकान और बुढ़ापा जल्दी आता है|
  • चाय -कॉफी, शराब- कबाब, धूम्रपान बिल्कुल त्याग दें, पान मसाले की मुसीबत से भी सदैव बचें, यह धातु को क्षीण रक्त को दूषित करके कैंसर को जन्म देता है, अतः इसका त्याग करें |
  • मल मूत्र का वेग (हाजत) नहीं रोकना चाहिए इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है व बीमार भी पड़ सकते हैं अतः कुदरती हाजत यथाशीघ्र पूरी कर लेनी चाहिए|
  • प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए, सुबह शाम खुली हवा में टहलना उत्तम स्वास्थ्य की कुंजी है|
  • दीर्घ आयु व स्वस्थ जीवन के लिए प्रातः कम से कम 5 मिनट तक लगातार तेज दौड़ना या चला तथा कम से कम 15 मिनट नियमित योगासन करने चाहिए |
  • लघुशंका करने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए, ना ही पानी पीने के तुरंत बाद लघुशंका जाना चाहिए ,लघुशंका करने की इच्छा हुई तब पानी पीना,
  • भोजन करना मैथुन करना आदि भी हितकारी नहीं है क्योंकि ऐसा करने से भिन्न भिन्न प्रकार के मूत्ररोग हो सकते हैं ऐसा वेदों में स्पष्ट बताया गया है |

अंग्रेजी दवाइयों से सावधान रहना चाहिए

अगर आप दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन चाहते हैं तो आपको अंग्रेजी दवाइयों से भी सावधान रहना पड़ेगा आप जो जहरीली अंग्रेजी दवाइयां खा रहे हैं,

उनके परिणाम का भी जरा विचार कर लें,

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने भारत सरकार को 72 हजार के करीब दवाइयों के नाम लिखकर उन पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया है,

क्यों क्योंकि यह जहरीली दवाइयां दीर्घकाल तक पेट में जाने के बाद यकृत गुर्दे और आंतों कर पर हानिकारक असर करती हैं,

जिससे मनुष्य के प्राण तक जा सकते हैं, कुछ वर्ष पहले पेरासिटामोल नामक दवाई जिसे लोग बुखार को तुरंत दूर करने के लिए या कम करने के लिए प्रयोग करते रहे हैं,

वहीं दवाई जापान में पोलियो का कारण घोषित करने करके प्रबंधित कर दी गई है, उसके बावजूद भी प्रजा का प्रतिनिधित्व करने वाली सरकार प्रजा का हित ना देखते हुए शायद केवल अपना ही हित देख रही है|

किसी भी प्रकार का घाव हुआ हो ताकि लगवाए हो या ना लगवाए हो ऑपरेशन का घाव अंदरूनी घाव हो या बाहर हो घाव पक्का हो या ना पकाऊ लेकिन,

आपको प्रतिजैविक लेकर जठरा, आँतो, यकृत एवं गुर्दो को साइड इफेक्ट द्वारा बिगड़ने की कोई जरूरत नहीं है,

घाव को साफ करने के लिए ताजे गोमूत्र का प्रयोग करें बाद में घाव पर हल्दी का लेप करें,

उपवास —

1 से 3 दिन तक उपवास रखें, ध्यान रखें कि उपवास के दौरान केवल उबालकर ठंडा किया हुआ या गुनगुना गर्म पानी ही पीना है, अन्य कोई भी वस्तु खाने पीने नहीं है, दूध भी नहीं लेना है,

उपवास के बाद जितने दिन उपवास किया हो उतने दिन केबल मूंग को उबालकर जो पानी बचता है वही पानी पीना है,

मूंग का पानी क्रमशः गाढ़ा कर सकते हैं मूंग के पानी के बाद क्रमशाह मूंग खिचड़ी दाल-चावल, रोटी सब्जी इस प्रकार का सामान्य खुराक पर आ जाना है

अगर आप इन सब बातों का ध्यान रखेंगे तो अवश्य ही दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन प्राप्त करेंगे |

https://hindiblogs.co.in/contact-us/

https://www.pmwebsolution.in/

लेखक-पुनीत मिश्र
Previous article
Next article

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

बिपिन चंद्र पाल जी की पुण्यतिथि-Bipin Chandra Pal ji’s death anniversary

बिपिन चंद्रपाल जी की पुण्यतिथि हर साल देश में...

परशुराम जयंती-Parshuram Jayanti

हर साल परशुराम जयंती देशभर में 14 मई को...

सुखदेव थापर की कहानी-Story of Sukhdev Thapar

जानिए देश के लिए शहीद होने वाले सुखदेव थापर...

विश्व परिवार दिवस -World family day

दुनिया भर में विश्व परिवार दिवस 15 मई को...