8.2 C
Munich

Meet IAS Anurag Yadav: ‘मैं भी 25 साल से अफसर हूं…’ कौन हैं IAS अनुराग यादव, क्यों CEC ज्ञानेश कुमार से भिड़े?

Must read


Last Updated:

Meet IAS Anurag Yadav: यूपी के वरिष्ठ IAS अनुराग यादव उस वक्त चर्चा में आ गए जब उनकी मुख्य चुनाव आयुक्त से तीखी बहस हो गई. कूच बिहार में ऑब्जर्वर रहते हुए वह एक मीटिंग में बुनियादी सवालों का जवाब नहीं दे पाए. इसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया. इसके बाद प्रशासनिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है. आइए इस खबर में जानते हैं IAS अनुराग यादव के बारे में.

ख़बरें फटाफट

Zoom

IAS अनुराग यादव कूच बिहार चुनाव के दौरान CEC ज्ञानेश कुमार से बहस के बाद चर्चा में हैं. (फाइल फोटो)

Who is IAS Anurag Yadav: चुनाव जैसे संवेदनशील सिस्टम में अनुशासन और जवाबदेही सबसे ऊपर मानी जाती है. लेकिन जब यही सिस्टम सीनियर अफसरों के बीच टकराव की वजह बन जाए तो मामला सिर्फ एक मीटिंग तक सीमित नहीं रहता. पश्चिम बंगाल चुनाव की समीक्षा बैठक में जो हुआ उसने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया कि क्या अनुभव और अधिकार के बीच संतुलन बिगड़ रहा है? यूपी कैडर के आईएएस अनुराग यादव और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच हुई तीखी बहस ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है. ‘मैं भी 25 साल से अफसर हूं…’ जैसी सीधी प्रतिक्रिया सिर्फ गुस्से का इजहार नहीं थी बल्कि उस मानसिकता को भी दिखाती है जहां एक सीनियर अधिकारी अपने सम्मान को प्राथमिकता देता है. लेकिन क्या यह जवाबदेही से ऊपर हो सकता है? यही इस पूरे विवाद का सबसे अहम पहलू बन गया है.

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल के कूच बिहार दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के जनरल ऑब्जर्वर रहे अनुराग यादव को चुनाव आयोग ने हटा दिया है. बताया गया कि वह एक वर्चुअल मीटिंग में अपने क्षेत्र के बेसिक सवालों का तुरंत जवाब नहीं दे पाए, इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से उनकी बहस हो गई. हालांकि आयोग का कहना है कि उन्हें बहस के कारण नहीं, बल्कि काम में कमी के चलते हटाया गया है.

चुनाव आयोग के अनुसार IAS अनुराग यादव को बहस के कारण नहीं बल्कि कार्य में कमी के चलते हटाया गया.

कौन हैं IAS अनुराग यादव और क्यों चर्चा में आए?

  • यूपी कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी अनुराग यादव अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव के बावजूद इस विवाद के बाद सुर्खियों में आ गए हैं. अनुराग यादव 2000 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में प्रधान सचिव स्तर पर तैनात हैं. हाल ही में उन्हें सोशल वेलफेयर और सैनिक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इससे पहले वे IT जैसे अहम विभागों में भी काम कर चुके हैं. प्रशासनिक अनुभव और लंबे करियर के चलते उन्हें एक सीनियर और प्रभावशाली अधिकारी माना जाता है.
  • पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान उन्हें कूच बिहार दक्षिण सीट का जनरल ऑब्जर्वर बनाया गया था. यह भूमिका बेहद अहम होती है क्योंकि ऑब्जर्वर को चुनाव आयोग की ‘आंख और कान’ माना जाता है. ऐसे में क्षेत्र से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी उनके पास होनी चाहिए. लेकिन मीटिंग के दौरान पोलिंग बूथ जैसी बुनियादी जानकारी देने में देरी ने उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए.

विवाद कैसे बढ़ा और क्या हुआ फैसला?

वर्चुअल रिव्यू मीटिंग के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने सभी ऑब्जर्वर्स से उनके क्षेत्रों की जानकारी मांगी. जब अनुराग यादव की बारी आई तो वे तुरंत जवाब नहीं दे पाए. इसी दौरान हुई टिप्पणी पर उन्होंने कड़ा ऐतराज जताया और कहा कि उनके 25 साल के अनुभव का सम्मान किया जाना चाहिए. इसके बाद कुछ देर के लिए बैठक में सन्नाटा छा गया. बाद में चुनाव आयोग ने उन्हें ऑब्जर्वर पद से हटा दिया और इसे “कार्य में कमी” का मामला बताया.

अनुराग यादव कौन हैं?

अनुराग यादव 2000 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. वह उत्तर प्रदेश कैडर से आते हैं. वे राज्य सरकार में प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी हैं और कई महत्वपूर्ण विभागों में काम कर चुके हैं. उनका प्रशासनिक अनुभव करीब 25 साल का है.

उन्हें पद से क्यों हटाया गया?

चुनाव आयोग के अनुसार उन्हें बहस के कारण नहीं बल्कि कार्य में कमी के चलते हटाया गया. मीटिंग के दौरान वे अपने क्षेत्र से जुड़ी बुनियादी जानकारी समय पर नहीं दे पाए, जिसे गंभीरता से लिया गया.

CEC से उनका विवाद क्या था?

वर्चुअल मीटिंग में मुख्य चुनाव आयुक्त की टिप्पणी पर अनुराग यादव ने आपत्ति जताई और कहा कि उनसे इस तरह बात नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए सख्त प्रतिक्रिया दी.

इस मामले का क्या संदेश जाता है?

यह मामला दिखाता है कि चुनाव आयोग किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करता. साथ ही यह भी साफ होता है कि सीनियरिटी के बावजूद जवाबदेही जरूरी है, खासकर चुनाव जैसे संवेदनशील काम में.

About the Author

authorimg

Sumit Kumar

सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article