नई दिल्ली: कनाडा में इन दिनों गैंगवार बढ़ गया है. अकसर गोलियों की आवाज गूंजने लगती है. इन तमाम गैंग के पीछे भारतीय शख्स का हाथ होता है. सभी का कनेक्शन भारत के एक गैंग से निकले, तो यह सिर्फ क्राइम नहीं बल्कि एक खतरनाक नेटवर्क की कहानी बन जाती है. हालिया फायरिंग ने यही दिखाया है कि गैंगवार अब सीमाओं में बंधा नहीं है. लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है और इसके साथ ही एक नाम तेजी से सामने आया है वह है मुन्ना ब्रैंपटन का. सोशल मीडिया पर खुलेआम जिम्मेदारी लेना, धमकियां देना और वारदात को ‘ट्रेलर’ बताना इस बात की ओर इशारा करता है कि अब इन्हें बिलकुल भी खौफ नहीं है. यह गैंग सिर्फ अपराध नहीं कर रहा, डर का माहौल बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है.
इस पूरे मामले ने कनाडा में रहने वाले भारतीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है. फायरिंग की घटनाएं अब इक्का-दुक्का नहीं रहीं, बल्कि एक पैटर्न बनती दिख रही हैं. ऑटोविला कार सेल्स और मनी रंधावा कोठी पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग ने साफ कर दिया कि गैंग अपने विरोधियों को चेतावनी देने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. इस सबके बीच सवाल उठ रहा है आखिर मुन्ना ब्रैंपटन कौन है और उसकी ताकत कितनी बड़ी है?
मुन्ना ब्रैंपटन को मन्ना ब्रैंपटन भी कहा जाता है. (फाइल फोटो)
सोशल मीडिया धमकी, गैंगवार और कनाडा में फैलता नेटवर्क
- कनाडा के ब्रैम्पटन और मिसिसॉगा में हुई हालिया फायरिंग की जिम्मेदारी खुद गैंग ने ली है. वीडियो और पोस्ट में खुलेआम कहा गया कि यह सिर्फ ‘ट्रेलर’ था और अगली बार घर में घुसकर हत्या की जाएगी. इस तरह की भाषा से साफ है कि गैंग मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है.
- गैंग का आरोप है कि निशाने पर आए लोग उनके दुश्मनों को हथियार और चोरी की गाड़ियां मुहैया करा रहे थे. यही वजह बताकर फायरिंग को अंजाम दिया गया. इस तरह की घटनाएं दिखाती हैं कि गैंग अब इंटरनेशनल स्तर पर अपने ऑपरेशन चला रहा है और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर डर फैला रहा है.
मुन्ना ब्रैंपटन कौन है?
मुन्ना ब्रैंपटन को मन्ना ब्रैंपटन भी कहा जाता है, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कनाडा में सक्रिय सदस्य माना जाता है. वह ब्रैम्पटन में रहकर गैंग के लिए फायरिंग, हत्या और लॉजिस्टिक सपोर्ट जैसे काम करता है. उसका नाम कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सामने आ चुका है. पुलिस के अनुसार वह गैंग का एक महत्वपूर्ण ऑपरेटिव है, जो सीधे वारदातों को अंजाम देने में शामिल रहता है.
हालिया फायरिंग में क्या हुआ?
ऑटोविला कार सेल्स और मनी रंधावा कोठी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई. इसके बाद गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर जिम्मेदारी ली. उन्होंने धमकी दी कि यह सिर्फ शुरुआत है और आगे और बड़े हमले किए जा सकते हैं. इस घटना के बाद इलाके में डर का माहौल है और पुलिस जांच में जुटी है.
क्या मुन्ना ब्रैंपटन पर पहले भी आरोप लगे हैं?
हां, उस पर कनाडा में कई फायरिंग और हत्या के आरोप हैं. सबसे चर्चित मामला सोनू चट्टा की हत्या का बताया जाता है, जिसमें उसने कथित तौर पर घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया. इसके अलावा कई शूटआउट में उसका नाम सामने आया है, इससे उसकी छवि गैंग के सबसे खतरनाक सदस्यों में बन गई है.
कनाडा में गैंग का बढ़ता खतरा
कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है. एक्सटॉर्शन, फायरिंग और गैंगवार की घटनाएं बढ़ रही हैं. स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व भी इस पर चिंता जता चुके हैं. मुन्ना ब्रैंपटन जैसे सदस्य इस नेटवर्क को जमीन पर मजबूत बना रहे हैं. यह सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गैंग ऑपरेशन बन चुका है, जो आने वाले समय में और बड़ी चुनौती बन सकता है.





