गुवाहाटी: पिछले एक दशक से ज्यादा समय से केंद्र की सत्ता से बेदखल और देश के ज्यादातर राज्यों में जनाधार खो चुकी कांग्रेस अब बौखलाहट में नजर आ रही है. पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हो रहे विधानसभा चुनावों कांग्रेस किसी भी तरह अपनी ताकत दिखाने को आतुर है. केरल और असम में सत्ता पाने की उम्मीद में कांग्रेस कुछ ज्यादा ही आक्रामक नजर आ रही है. खासकर पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बयान देने में लगातार सीमाएं लांघ रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने पहले केरल में क्षेत्रवाद को बढ़ावा देने वाला बयान देते दिखे अब उन्होंने असम में इस्लामिक तुष्टीकरण से प्रेरित बातें कही है.
मल्लिकार्जुन का मुस्लिम तुष्टीकरण वाला बयान!
असम विधानसभा चुनाव की एक जनसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- ‘यहां हिंदू और मुसलमान भाई भी बैठे हैं. अगर कोई जहरीला सांप आपके सामने से गुजर रहा है और नमाज भी पढ़ रहे हैं, नमाज तोड़कर उस जहरीली सांप को मारना. ये क़ुरआन में कहा है. मैं यही कहूंगा, आप नमाज तोड़ने की परवाह ना करें. ये जहरीला सांप है आरएसएस और बीजेपी. इसको अगर आप नहीं मारेंगे तो आप कभी बचेंगे नहीं.’
मल्लिकार्जुन का क्षेत्रवाद को बढ़ावा देने वाला बयान!
लगातार बयानबाजी में सीमाएं लांघ रहे हैं मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे लगातार बयान देने में सीमाएं लांघ रहे हैं. शायद उन्हें तनिक भी अंदाजा नहीं है कि वह देश की सबसे पुरानी राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस के सर्वोच्च पद पर हैं. उनकी जुबान से निकली बात का असर किस हद तक हो सकता है, शायद वह इसपर विचार नहीं कर रहे हैं. कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर रहते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने पहले केरल में क्षेत्रवाद को बढ़ावा देने वाली बात कही. उसके बाद अब असम में समाज के एक बड़े हिस्से को हिंसक बनने की प्रेरणा देते दिखे.
असम और केरल विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के प्रयास में जुटी कांग्रेस को इस बात का भी अंदाजा नहीं है कि उनके पार्टी अध्यक्ष के इस तरह के बयानों का देश के दूसरे हिस्सों में क्या असर होगा. केरल के लोगों को श्रेष्ठ बताकर शायद उन्हें इस विधानसभा चुनाव में कुछ वोट मिल जाए, लेकिन जब वह गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे राज्यों के चुनाव में कांग्रेस के लिए वोट मांगने जाएंगे तो अपने इस बयान के लिए वहां के वोटरों को क्या जवाब देंगे.
RSS-बीजेपी की तुलना सांप से करना कितना जायज
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ इस देश में कोई प्रतिबंधित संगठन नहीं है. इस संगठन से देश के करोड़ों लोग जुड़े हैं. वहीं बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी मानी जाती है. केंद्र में लगातार 12 साल से सरकार चला रही है. इसके अलावा देश के करीब 18 राज्यों में बीजेपी की सरकारें चल रही हैं. ऐसे में इतनी बड़ी राजनीतिक ताकत की तुलना जहरीले सांप से करना कितना सही है.
शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में हार के डर से पार्टी इस तरह के तीखे बयान दे रही है. उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे 9 अप्रैल को ऐसा जवाब दें कि राहुल गांधी और कांग्रेस को कहीं जगह न मिले. साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस बार जनता कांग्रेस को कड़ा सबक सिखाने के मूड में है.




