Reuven Azar Exclusive Interview: ईरान जंग को खत्म कराने में भारत की भूमिका काफी अहम हो सकती है. नई दिल्ली में इजरायल के राजदूत रुविन अजार ने कहा कि वेस्ट एशिया में भारत का बड़ा स्टेक है. दूसरी तरफ, इस मामले में पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र की बतौर मध्यस्थ की भूमिका पर भी रुविन ने बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा कि इस मामले में पाकिस्तान, तुर्की समेत अन्य देशों की क्या भूमिका होगी, इसका फैसला अमेरिका ही करेगा. साथ ही रुविन अजार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह हफ्ता ईरान के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है. बता दें कि न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका मिडिल ईस्ट में बड़ी तादाद में जवानों को भेजने की तैयारी कर रहा है. ऐसे में ईरान में ग्राउंड ऑफेंसिव की संभावना बढ़ गई है. News18 हिन्दी को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में रुविन अजार ने कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं.
इजरायली राजदूत रुविन अजार के साक्षात्कार के अहम अंश -:
क्या यह युद्ध आने वाले कुछ दिनों में खत्म होगा या फिर कुछ हफ्ते लगेंगे?
ये युद्ध जल्द खत्म हो, ये हम उम्मीद करते हैं. बातचीत जारी है ये सुनकर हमें खुशी हुई. दबाव की वजह से ईरान बातचीत के लिए तैयार हुआ है. हमें नहीं पता कि ये बातचीत सफल होगी कि नहीं, पर हमारा स्टैंड साफ है – ईरान से हमें होने वाले परमाणु खतरे को हम खत्म करना चाहते हैं. ईरान की धरती पर यूरेनियम का एनरिचमेंट नहीं होना चाहिए. ईरान पर विश्वास नहीं किया जा सकता…ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल पर हम रोक लगाना चाहते हैं. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल दुनिया के लिए खतरा है. इसके अलावा आतंकवादी संगठन को मदद को हम रोकना चाहते हैं.
क्या आप कन्फर्म कर रहे हैं कि बातचीत चल रही है, बावजूद इसके कि ईरान वार्ता से मना कर रहा है?
ईरान बहुत कुछ मना करता है. इजरायल और गल्फ में नागरिकों पर हमले हो रहे हैं, पर ईरान मना कर रहा है. ईरान से बातचीत दबाव का नतीजा है. बातचीत से एक उम्मीद जगी है.
युद्ध खत्म होने का हमारे पास कोई टारगेट डेट नहीं है. हमारे पास पर्याप्त ऑक्सीजन है इस ऑपरेशन को कुछ हफ्ते जारी रखने के लिए. यह हफ्ता ईरान की सत्ता के लिए विनाशकारी होने जा रहा है. हमलोग समझौते पर पहुंच सकते हैं, नहीं तो हमारा ऑपरेशन जारी रहेगा.
– रुविन अजार, भारत में इजरायल के राजदूत
क्या संघर्षविराम या बातचीत या फिर किसी डील को लेकर इजरायल गंभीर है?
इजरायल, अमेरिका के साथ पूरी तरह से तालमेल में है. हमारे साझा हित और साझा मकसद हैं. हमारे तीन लक्ष्य हैं – न्यूक्लियर और मिलिट्री प्रोग्राम को खत्म करना, बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को खत्म करना और ईरान के लोगों को अपने भविष्य और मौजूदा सत्ता के खिलाफ एक मौका देना. जब तक सत्ता परिवर्तन नहीं होता या हम मिलिट्री से मकसद पूरा नहीं करते तब तक हम ऐसा करते रहेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इजरायल के पीएम को अपडेट किया है. मिलिट्री ऑपरेशन को लेकर भी अमेरिका और इजरायल में तालमेल है.
कूटनीति की तरफ हम जा सकते हैं और भारत की भूमिका का स्वागत करते हैं. भारत की भूमिका Conducive है. पश्चिम एशिया में भारत का बहुत स्टेक है, पश्चिम एशिया में बहुत भारतीय रहते हैं. भारत एक इकनॉमिक पावर है और भारत पश्चिम एशिया में सहयोग के बहुत प्रोजेक्ट का ऑफर दे सकता है.
– रुविन अजार, भारत में इजरायल के राजदूत
आपके पीएम नेतन्याहू ने कहा है कि हमले जारी रहेंगे. युद्ध का अगला चरण क्या होगा?
हमारे हमले ईरान पर जारी रहेंगे है…ईरान में मिलिट्री मकसद पूरा नहीं हुआ है. ईरान के साथ समझौता होने तक या ईरान के मिलिट्री टारगेट को खत्म करने तक ये हमला जारी रहेगा.
भारत ने कहा है कि कूटनीति और बातचीत से समाधान होना चाहिए. क्या आप भारत की मध्यस्थता में भूमिका को देखते है?
हम कूटनीति और बातचीत का समर्थन करते हैं और 47 साल से यही कर रहे हैं, जबसे ईरान में मौजूदा सत्ता आई है. ईरान में अयातुल्ला (अली खामेनेई) की सत्ता हमें बर्बाद करना चाहती है. कूटनीति की तरफ हम जा सकते हैं और भारत की भूमिका का स्वागत करते हैं. भारत की भूमिका Conducive है. पश्चिम एशिया में भारत का बहुत स्टेक है, पश्चिम एशिया में बहुत भारतीय रहते हैं. भारत एक इकनॉमिक पावर है और भारत पश्चिम एशिया में सहयोग के बहुत प्रोजेक्ट का ऑफर दे सकता है. पश्चिम एशिया में सुरक्षा की जरूरत है. पश्चिम एशिया के भविष्य का भारत हिस्सा हो सकता है. भारत की किसी भी तरह की भूमिका का हम स्वागत करते हैं. अमेरिका को तय करना है कैसे वो बातचीत करेंगे.
हमने रिपोर्ट देखी है कि पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं. आप कैसे देखते हैं?
यह अमेरिका को तय करना है कि क्या उन्हें मध्यस्थता की जरूरत है या कैसे ये होने जा रहा है. इजरायल के लिए महत्वपूर्ण है कि हमारा मकसद कैसे पूरा होता है. इस युद्ध को खत्म करने में इजरायल कूटनीतिक पहल का समर्थन करेगा.
क्या आप युद्ध खत्म करने का कोई टारगेटेड तारीख दे सकते हैं?
युद्ध खत्म होने का हमारे पास कोई टारगेट डेट नहीं है. हमारे पास पर्याप्त ऑक्सीजन है इस ऑपरेशन को कुछ हफ्ते जारी रखने के लिए. यह हफ्ता ईरान की सत्ता के लिए विनाशकारी होने जा रहा है. हमलोग समझौते पर पहुंच सकते हैं, नहीं तो हमारा ऑपरेशन जारी रहेगा.




