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पश्चिम बंगाल के वोटर लिस्ट में नाम कटने का कोई सटीक डाटा नहीं है. इसे लेकर चुनाव आयोग की भारी आलोचना हो रही है. लोग आयोग की पारदर्शिता पर लगातार सवाल उठा रहे हैं. यह रवैया चुनाव की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर रहा है. अब देखना है कि आयोग इस मामले में क्या जवाब देता है.
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की तीसरी सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी कर दी है. (फाइल फोटो)
कोलकाता. निर्वाचन आयोग ने शनिवार को 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत तीसरी पूरक मतदाता सूची प्रकाशित की. हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि तीसरी सूची से कितने नाम हटाए गए या इसमें शामिल किए गए. यह सूची शुक्रवार रात को प्रकाशित दूसरी पूरक सूची के बाद आई है.
आयोग ने सोमवार (23 मार्च) को ‘विचाराधीन’ मतदाताओं की पहली पूरक सूची जारी की थी, लेकिन हटाए गए नामों की संख्या या उस सूची में निपटाए गए मामलों की सटीक संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, जिसे लेकर विभिन्न पक्षों ने आलोचना की. निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, ‘पूरक सूची’ से तात्पर्य मतदाताओं के नामों की एक अतिरिक्त सूची से है जो अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद शामिल की जाती है.
इनमें आम तौर पर नए नामांकित मतदाता, विवरणों में सुधार और सत्यापन के बाद बहाल किए गए नाम शामिल होते हैं. इसके साथ ही, कार्यालय ने संबंधित विलोपन सूचियां भी जारी की हैं, जिनमें नाम के दोहराव, मृत्यु या निवास स्थान परिवर्तन जैसे कारणों से हटाए गए नाम शामिल हैं.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें





