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Turning Point: 6 गेंदें…14 रन, मुकुल चौधरी ने आखिरी ओवर में पलटा पासा, जिसने हार को जीत में बदल दिया

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Turning Point: मुकुल चौधरी ने ईडन गार्डन्स में अपनी करिश्माई बल्लेबाजी से हारा हुआ मैच लखनऊ की झोली में डाल दिया. अंतिम ओवर में 14 रनों की दरकार थी, जहां मुकुल ने वैभव अरोड़ा की गेंदों पर दो गगनचुंबी छक्के जड़कर पासा पलट दिया. आखिरी गेंद पर आवेश खान की तेज दौड़ और केकेआर की फील्डिंग चूक ने लखनऊ को ‘थ्रिलर’ जीत दिलाई. 27 गेंदों में 54 रनों की पारी खेलने वाले मुकुल इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े ‘टर्निंग पॉइंट’ और नायक साबित हुए.

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मुकुल चौधरी ने एलएसजी को दिलाई यादगार जीत.

नई दिल्ली. आईपीएल का रोमांच जब अपनी चरम सीमा पर होता है, तो वह किसी बॉलीवुड थ्रिलर से कम नहीं लगता. ईडन गार्डन्स के मैदान पर लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला कुछ ऐसा ही था. एक समय हार की कगार पर खड़ी लखनऊ के लिए मुकुल चौधरी एक ऐसे हीरो बनकर उभरे, जिन्होंने हार और जीत के बीच के फासले को महज 6 गेंदों में पाट दिया. मैच के 19वें ओवर तक पलड़ा कोलकाता का भारी था. मैदान पर तनाव इतना था कि लखनऊ के कोच जस्टिन लैंगर अपनी च्युइंग गम को पागलों की तरह चबा रहे थे, तो दूसरी तरफ केकेआर के खेमे में आंद्रे रसेल और श्रेयस अय्यर के चेहरे पर घबराहट साफ दिख रही थी. लखनऊ को आखिरी ओवर में जीत के लिए 14 रनों की दरकार थी. क्रीज पर थे मुकुल चौधरी, जो 54 रनों पर खेल रहे थे.उनके साथ दूसरे छोर पर थे आवेश खान.

केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने आखिरी ओवर तेज गेंदबाज वैभव अरोड़ा (Vaibhav Arora) को दिया. वैभव ने पहली गेंद शॉर्ट लेंथ फेंकी. आवेश खान ने चतुराई दिखाई और गेंद को मिड-विकेट की तरफ धकेलकर एक रन लिया. लक्ष्य अब 5 गेंदों में 13 रन था, लेकिन सबसे बड़ी बात यह थी कि स्ट्राइक अब इन-फॉर्म मुकुल चौधरी (Mukul Chaudhary) के पास थी. वैभव ने दूसरी गेंद पर गलती की और मुकुल को उनके पाले में शॉर्ट गेंद दे दी. मुकुल ने बिना किसी झिझक के पुल शॉट खेला और गेंद डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग की बाउंड्री के बाहर जाकर छह रन के लिए गिरी. अब समीकरण बदल चुका था. 4 गेंदों में 7 रन चाहिए थे. लखनऊ के खेमे में जान आ गई थी.

मुकुल चौधरी ने एलएसजी को दिलाई यादगार जीत.

पांचवीं गेंद पर मुकुल ने छक्का जड़ स्कोर किया बराबर
इसके बाद वैभव अरोड़ा ने वापसी और 20वें ओवर की तीसरी और चौथी गेंद डॉट डाली. यही वह समय था जब केकेआर ने वापसी की कोशिश की. वैभव अरोड़ा ने लगातार दो बेहतरीन यॉर्कर फेंकी. मुकुल ने स्कूप करने की कोशिश की लेकिन गेंद बल्ले पर नहीं आई. दो लगातार डॉट गेंदों ने केकेआर के फैंस में फिर से उम्मीद जगा दी. अब 2 गेंदों पर 7 रनों की जरूरत थी. वैभव ने एक बार फिर पांचवीं गेंद को यॉर्कर की कोशिश की, लेकिन गेंद थोड़ी वाइड और फुल रही. मुकुल चौधरी ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए उसे स्वीपर कवर के ऊपर से फ्लैट छक्का जड़ दिया. इस शॉट ने न केवल मुकुल का अर्धशतक पूरा किया, बल्कि स्कोर भी बराबर कर दिया. वैभव अरोड़ा पिच पर ही हताशा में बैठ गए.

मैदान पर पसरा जब सन्नाटा
इसके बाद मैदान पर सन्नाटा था. सुपर ओवर की सुगबुगाहट होने लगी थी. वैभव ने शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद फेंकी, मुकुल चूक गए, लेकिन आवेश खान बिजली की रफ्तार से नॉन-स्ट्राइकर एंड से भागे. अंगकृष रघुवंशी के पास डायरेक्ट हिट मारने का मौका था, लेकिन वह चूक गए. विकेटकीपर ने थ्रो फेंका लेकिन वह भी स्टंप्स से दूर रहा. आवेश खान बिना डाइव लगाए सुरक्षित क्रीज में पहुंच गए. बाई का एक रन और लखनऊ ने ‘हीस्ट ऑफ द हीस्ट्स’ को अंजाम दे दिया.

मुकुल चौधरी ने एलएसजी को दिलाई रोमांचक जीत.

मुकुल चौधरी एक नया सितारा
मैच खत्म होते ही आवेश खान ने अपना हेलमेट उतारकर जीत का जश्न मनाया. वहीं मुकुल चौधरी ने हाथ जोड़कर आसमान की तरफ देखा. यह जीत केवल रनों की नहीं, बल्कि नर्व्स की थी. मुकुल चौधरी, जो शायद मैच की शुरुआत में चर्चा का केंद्र नहीं थे, खेल खत्म होते-होते ‘मैन ऑफ द मोमेंट’ बन चुके थे. केकेआर के दिग्गज आंद्रे रसेल और ऋषभ पंत दोनों की नजरें आसमान की ओर थीं, लेकिन एक के पास राहत थी और दूसरे के पास मलाल. आईपीएल के इतिहास में यह ओवर हमेशा एक ‘टर्निंग पॉइंट’ के रूप में याद रखा जाएगा, जहां एक युवा बल्लेबाज ने अनुभवी गेंदबाजी आक्रमण के सामने घुटने टेकने के बजाय इतिहास लिख दिया. मुकुल चौधरी की 27 गेंदों में 54 रनों की पारी ने यह साबित कर दिया कि क्रिकेट में जब तक आखिरी गेंद न फेंकी जाए, तब तक कुछ भी मुमकिन है.

एलएसजी ने केकेआर को 3 विकेट से हराया
मुकुल चौधरी की बेखौफ नाबाद अर्धशतकीय पारी के दम पर लखनऊ सुपर जायंट्स केकेआर को आखिरी गेंद तक चले रोमांचक मुकाबले में तीन विकेट से हराया. एलएसजी ने 16वें ओवर की आखिरी गेंद पर 128 रन पर मोहम्मद शमी के रूप में अपना सातवां विकेट गंवा दिया था. टीम को आखिरी चार ओवर में 54 रन चाहिए थे, और चौधरी ने आवेश खान (नाबाद एक) के साथ मिलकर टीम को जीत दिलाई. एलएसजी के लिए आयुष बडोनी ने भी 54 रन की शानदार पारी खेली. चौधरी ने अपनी पारी की शुरुआती आठ गेंदों में केवल दो रन बनाए, लेकिन बाद में सात छक्के लगाकर नाबाद 54 रन बनाए. इनमें से वैभव अरोड़ा की गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी के अंदाज में खेला गया हेलीकॉप्टर शॉट दर्शनीय था.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें



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