UPSC Success Story: पिता सिक्योरिटी गार्ड, बेटा बनेगा सरकारी अफसर, 5वें अटेंप्ट में पास की यूपीएससी परीक्षा

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Jatin Jakhar UPSC Success Story: यूपीएससी परीक्षा में 4 बार फेल होने के बाद भी सिक्योरिटी गार्ड के बेटे जतिन जाखड़ ने हार नहीं मानी. यूपीएससी सीएसई के 5वें प्रयास में AIR 191 हासिल कर उन्होंने अपना ख्वाब पूरा किया. संघर्ष से सफलता तक की यह कहानी किसी को भी प्रेरित कर सकती है.

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Jatin Jakhar UPSC Success Story: पढ़ाई और यूपीएससी की तैयारी के लिए जतिन 9 साल परिवार से दूर रहे

नई दिल्ली (Jatin Jakhar UPSC Success Story). यूपीएससी परीक्षा दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल है. हर साल लाखों युवा इसमें अपनी किस्मत आजमाते हैं. इसमें सफल होने वालों में से कुछ की कहानियां केवल अंकों और रैंक की नहीं, बल्कि अटूट धैर्य और माता-पिता के त्याग की होती हैं. ऐसी ही एक कहानी हरियाणा के जतिन जाखड़ की है, जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 191वीं रैंक हासिल की. जतिन के पिता सिक्योरिटी गार्ड हैं. उन्होंने हर कदम पर अपने बेटे को मोटिवेट किया.

जतिन जाखड़ का यूपीएससी सफर आसान नहीं था. वे लगातार 4 बार यूपीएससी परीक्षा में फेल हुए. बार-बार मिलती असफलता के बीच किसी का भी हौसला डगमगा सकता है, लेकिन जतिन ने हार को ही अपनी ताकत बना लिया. उनके पास न तो बड़े कोचिंग संस्थानों की चमक-धमक थी और न ही कोई आलीशान सुविधाएं.. बस था तो अपने पिता के संघर्ष का अहसास और खुद पर अटूट विश्वास. आखिकार यूपीएससी परीक्षा के 5वें प्रयास में सफल होकर जतिन जाखड़ ने कामयाबी की नई इबारत रच दी.

अभावों में बीता बचपन

जतिन जाखड़ हरियाणा के झज्जर जिले निवासी सामान्य परिवार से हैं. उनके पिता सेना से रिटायर्ड हैं. वह परिवार का भरण-पोषण करने और बच्चों को अच्छी शिक्षा मुहैया करवाने के लिए लंबे समय से सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम कर रहे हैं. जतिन ने बचपन से देखा कि कैसे उनके पिता ने कम तनख्वाह में भी उनके सपनों के लिए अपनी जरूरतों का त्याग किया. यही वह आग थी, जिसने जतिन को दिन-रात मेहनत करने के लिए प्रेरित किया.

4 बार असफल, फिर भी नहीं मानी हार

यूपीएससी के सफर में जतिन जाखड़ का सामना कई तरह के संघर्षों से हुआ. जब उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की थी तो उन्हें लगा था कि वे जल्द ही इसे पार कर लेंगे. लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था. लगातार चार प्रयासों में वे यूपीएसीस मेंस या इंटरव्यू तक पहुंचकर भी अंतिम चयन से बाहर हो गए. एक वक्त ऐसा भी आया जब उनके आस-पास के लोग सवाल उठाने लगे, लेकिन जतिन ने खुद को कमरे में बंद कर अपनी कमियों पर काम करना जारी रखा.

5वें प्रयास में मिली ऐतिहासिक सफलता

साल 2025 के यूपीएससी परिणाम जतिन जाखड़ के जीवन का सबसे बड़ा दिन लेकर आए. अपने 5वें प्रयास में उन्होंने 191वीं रैंक हासिल की. जतिन जाखड़ शुरुआती पढ़ाई के बाद ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन की डिग्री के लिए घर से बाहर चले गए थे. वह लगभग 9 साल परिवार से दूर रहे. इस दौरान यूपीएससी सीएसई की तैयारी भी करते रहे. उन्होंने कॉलेज के दिनों में ही सरकारी अफसर बनने का सपना देख लिया था. उसी को साकार करने के लिए वह डटे रहे.

जतिन की सफलता का मंत्र क्या है?

लगातार 4 बार की असफलता भी जतिन जाखड़ के इरादों को डिगा नहीं सकी. यूपीएससी के 5वें प्रयास की ऐतिहासिक जीत के पीछे उनकी सटीक रणनीति और अनुशासन का बड़ा हाथ रहा. बेसिक्स मजबूत करने के लिए सामान्य अध्ययन के साथ ही राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर पकड़ बनाई. करेंट अफेयर्स के लिए वे अखबारों, सरकारी रिपोर्ट और ग्लोबल घटनाक्रमों का गहराई से एनालिसिस करते थे. जतिन ने मुख्य परीक्षा के लिए घंटों लेखन का अभ्यास किया और इंटरव्यू के लिए कई मॉक इंटरव्यू दिए.

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Deepali Porwal

With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys…और पढ़ें



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