Who is Ashok Mittal: कौन हैं अशोक मित्तल, जो राज्यसभा में राघव चड्डा की लेंगे जगह? मिठाई की दुकान से LPU के चांसलर बनने की कहानी

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Who is Ashok Mittal: राजनीति में अकसर बड़े नाम और पुराने चेहरे ही चर्चा में रहते हैं, लेकिन कभी-कभी कोई ऐसा शख्स सामने आता है जिसकी कहानी अलग ही प्रेरणा देती है. अशोक मित्तल उन्हीं नामों में से एक हैं. एक साधारण परिवार से निकलकर शिक्षा जगत में अपनी पहचान बनाना और फिर राजनीति में अहम जिम्मेदारी हासिल करना आसान नहीं होता. आम आदमी पार्टी (AAP) ने जब राज्यसभा में उन्हें बड़ी भूमिका सौंपी है. यह सिर्फ एक राजनीतिक फैसला नहीं था, बल्कि यह उस सोच का संकेत भी है जिसमें शिक्षा और अनुभव को महत्व दिया जा रहा है. उनकी यात्रा यह बताती है कि सफलता केवल राजनीति में नहीं, बल्कि समाज के हर क्षेत्र में काम करके भी हासिल की जा सकती है.

दिलचस्प बात यह है कि उनकी शुरुआत किसी बड़े उद्योग या विरासत से नहीं, बल्कि एक छोटे मिठाई के कारोबार से हुई थी. आज वही शख्स राघव चड्डा जैसे चर्चित नेता की जगह ले रहा है. यह बदलाव बताता है कि राजनीति में अब प्रोफेशनल और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग भी तेजी से जगह बना रहे हैं. अशोक मित्तल का नाम इसलिए भी खास हो जाता है क्योंकि उन्होंने लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा देने का काम किया है.
अशोक मित्तल का जन्म पंजाब के जालंधर में हुआ था.

मिठाई की दुकान से यूनिवर्सिटी तक का सफर

  • अशोक मित्तल का जन्म पंजाब के जालंधर में हुआ था. उनके पिता ने ‘लवली स्वीट्स’ नाम से छोटा सा मिठाई का कारोबार शुरू किया था. अशोक मित्तल ने अपने भाइयों के साथ इस काम में हाथ बंटाया. लेकिन उनका सपना कुछ बड़ा करने का था. धीरे-धीरे उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखा और 2005 में लवली प्रोफेशनल युनिवर्सिटी की स्थापना की, जो आज देश की सबसे बड़ी निजी यूनिवर्सिटीज में गिनी जाती है.
  • उन्होंने कानून की पढ़ाई गुरु नानक देव विश्वविद्यालय से की. इसके बाद शिक्षा क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने एक ऐसा संस्थान खड़ा किया जहां हजारों छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. उनकी सोच हमेशा यही रही कि शिक्षा के जरिए समाज को कुछ लौटाया जाए. यही वजह है कि LPU आज राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना चुका है.
  • अशोक मित्तल का सफर सिर्फ बिजनेस या शिक्षा तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने अपने काम के जरिए लाखों युवाओं को रोजगार और बेहतर अवसर दिलाने में मदद की. उनकी यूनिवर्सिटी में अलग-अलग क्षेत्रों की पढ़ाई होती है और यहां से पढ़े छात्र देश-विदेश में काम कर रहे हैं. इस तरह उन्होंने शिक्षा को रोजगार से जोड़ने का काम किया.
  • राजनीति में आने के बाद भी उनका फोकस वही रहा शिक्षा, रोजगार और विकास. AAP से जुड़कर उन्होंने पंजाब में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई. 2022 में वे राज्यसभा पहुंचे और संसद में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी. उनकी छवि एक शांत, व्यावहारिक और विकास पर ध्यान देने वाले नेता की रही है.

अशोक मित्तल कौन हैं और क्यों चर्चा में हैं?

अशोक मित्तल एक शिक्षा उद्यमी और राज्यसभा सांसद हैं. हाल ही में AAP ने उन्हें राज्यसभा में उप नेता की जिम्मेदारी दी गई है, इससे वे चर्चा में आए हैं. उनकी पहचान LPU के संस्थापक के रूप में भी है, जिसने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध बनाया.

उनका शुरुआती जीवन कैसा रहा?

वे एक साधारण परिवार से आते हैं और उनके पिता का मिठाई का छोटा कारोबार था. उन्होंने उसी से अपने करियर की शुरुआत की. लेकिन मेहनत और दूरदृष्टि के बल पर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा नाम बनाया.

LPU की स्थापना क्यों खास मानी जाती है?

LPU भारत की सबसे बड़ी निजी यूनिवर्सिटीज में से एक है. यह हजारों छात्रों को शिक्षा और रोजगार के अवसर देती है. इसकी स्थापना ने पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दी.

राजनीति में उनकी भूमिका क्या रही है?

वे 2022 में राज्यसभा सांसद बने और संसद में शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात रखते रहे हैं. अब उन्हें उप नेता बनाया गया है, जिससे उनकी भूमिका और अहम हो गई है.

राघव चड्ढा की जगह उन्हें क्यों चुना गया?

यह फैसला पार्टी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. अनुभव और संतुलित सोच के कारण अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी दी गई है, ताकि संसद में पार्टी को मजबूत आवाज मिल सके.

नई भूमिका में क्या होगा फोकस

अब जब AAP ने उन्हें राज्यसभा में अहम जिम्मेदारी दी है, तो उम्मीद की जा रही है कि वे शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को और मजबूती से उठाएंगे. उनकी पृष्ठभूमि उन्हें इन विषयों पर गहराई से काम करने का अनुभव देती है.



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