दोस्तों हम सभी जानते हैं हमारी मातृभूमि पर बहुत दिनों तक ब्रिटिश सरकार का राज रहा उसके बाद 15 अगस्त 1947 को हमारे देश को आजादी प्राप्त हुई,
स्वतंत्रता के ढाई वर्ष के बाद भारत सरकार ने संविधान लागू किया, और भारत को एक प्रजातांत्रिक गणराज्य घोषित किया।
लगभग 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन के बाद 26 जनवरी सन 1950 को भारत के संविधान को भारत की संविधान सभा में पास किया गया ।
इस घोषणा के बाद से इस दिन को प्रतिवर्ष भारतीय गणतंत्र दिवस के रूप में मनाने लगे।
गणतंत्र दिवस भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है गणतंत्र का अर्थ होता है जनता के द्वारा जनता के लिए शाशन।
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है क्योंकि हमारे देश का संविधान लागू हुआ था।
26 जनवरी 19३० को रावी नदी के तट पर स्वतंत्रता सेनानियों ने पूर्ण स्वतंत्रता की घोषणा की थी ,
जब जलियांवाला बाग की घटना हुई, इस घटना ने भगत सिंह और उधम सिंग जैसे क्रांतिकारियों को जन्म दिया।
क्योंकि यह घटना बहुत ही दुखदाई घटना थी, इसमें अंग्रेजी फौज ने महिलाओं सहित सब लोगों को मार डाला था।
घटना के बाद सभी का दिल आजादी की आग में जलने लगा सब लोग भारत की आजादी के लिए बलिदान देने को तैयार थे।
26 जनवरी स्वतंत्रता आंदोलन को देश आजाद हुआ और लोकतांत्रिक राज्य घोषित किया गया,
26 जनवरी के दिन ही 1930 में स्वतंत्रता सेनानियों ने प्रतिज्ञा ली थी कि जब तक भारत पूरी तरह से स्वतंत्र नहीं हो जाता यह आंदोलन इसी तरह चलता रहेगा ।
15 अगस्त सन 1947 को देश आजाद हुआ और 26 जनवरी सन 1950 को हमारा देश भारत लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया, दूसरे शब्दों में कहा जाए तो भारत पर अब खुद का राज था और अब भारत पर कोई बाहरी शक्ति शासन नहीं कर सकती थी।
भारत का संविधान लिखित एवं सबसे बड़ा संविधान है संविधान निर्माण की प्रक्रिया में 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन लगे थे।
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर भारतीय संविधान के प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे।
26 जनवरी को दिल्ली में राजपथ पर भारत के राष्ट्रपति का के द्वारा झंडा फहराया जाता है राष्ट्रीय गान गाया जाता है,
फिर 21 तोपों की सलामी दी जाती है उसके बाद राष्ट्रपति द्वारा विशेष सम्मान जैसे अशोक चक्र और कीर्ति चक्र दिए जाते हैं और देशभर से चुने हुए बच्चों को वीरता पुरस्कार भी दिए जाते हैं।
दिल्ली के राजधानी होने पर और दूसरे राष्ट्रपति का निवासी होने के कारण केंद्रीय स्तर पर भी दिल्ली में ही मनाया जाता है।
डॉ राजेंद्र प्रसाद हमारे देश के राष्ट्रपति बने थे, तभी से इसी दिन भारत की राजधानी नई दिल्ली में राष्ट्रपति की राज्य की सवारी भी निकाली जाती है।
26 जनवरी के दिन जल सेना ,वायु सेना, थल सेना टुकड़ियों की रैली करती है और लाल किले तक पहुंचती है,
यह दिन भारतीय लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन होता है २६ जनवरी सभी लोग बहुत ही खुशी और उत्साह के साथ मनाते हैं|
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