उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के मुहम्मदाबाद गोहना रेलवे स्टेशन 13C पर अंडरपास और ओवरब्रिज न होने की वजह से प्रतिदिन घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी होती है. ऐसे में राहगीरों का कहना है कि यदि यहां अंडरपास या ओवरब्रिज बन जाए, तो लोगों को काफी सुविधा मिलेगी. आइए जानते हैं उनकी मांग क्या है.
दो जनपदों को जोड़ती है यह मुख्य सड़क
लोकल 18 से बात करते हुए मुहम्मदाबाद गोहना विधानसभा के पूर्व बसपा प्रत्याशी डॉ. धर्म सिंह गौतम ने बताया कि इस रेलवे फाटक पर प्रतिदिन घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है. शुरुआती दौर में यहां से कम ट्रेनें गुजरती थीं, इसलिए समस्या कम थी, लेकिन अब ट्रेनों की संख्या बढ़ने से फाटक अक्सर बंद रहता है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
उन्होंने बताया कि इस सड़क से हजारों यात्री और वाहन गुजरते हैं, लेकिन अंडरपास या ओवरब्रिज न होने के कारण ट्रेन गुजरने के समय रेलवे फाटक बंद हो जाता है और लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है. यदि किसी को कहीं जल्दी पहुंचना हो, तो वह समय पर नहीं पहुंच पाता. ऐसे में सरकार को इस रेलवे फाटक पर अंडरपास या ओवरब्रिज का निर्माण कराना चाहिए, क्योंकि यह सड़क दो जनपदों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है.
प्रतिदिन हजारों गाड़ियों का होता है आवागमन
भीमरतन कुमार सिंकू ने बताया कि अंडरपास और ओवरब्रिज न होने की वजह से यहां आए दिन घंटों जाम लगा रहता है. कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है, जिससे मरीजों को काफी परेशानी होती है. रेलवे फाटक बंद होते ही यहां दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है, क्योंकि प्रतिदिन हजारों की संख्या में बड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं.
उन्होंने कहा कि कई बार एक ट्रेन गुजरने के बाद दूसरी ट्रेन आ जाती है, जिससे समस्या और बढ़ जाती है. यदि यहां अंडरपास या ओवरब्रिज बन जाए, तो जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है.
जाम में एंबुलेंस फंसने से चली जाती है मरीजों की जान
पूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी मनोज कुमार ने बताया कि जब से यह रेलवे फाटक बना है, तब से लोगों को जाम की समस्या झेलनी पड़ रही है. रेलवे फाटक बंद होने पर एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती हैं, जिससे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और कई बार उनकी जान तक चली जाती है.
उन्होंने कहा कि फाटक बंद होने से वाहनों की लंबी कतार लग जाती है, जिसके कारण एंबुलेंस भी फंस जाती हैं. यदि यहां ओवरब्रिज या अंडरपास बन जाए, तो लोगों को आने-जाने में काफी सुविधा मिलेगी. उन्होंने बताया कि पिछले लगभग दो वर्षों से, जब से यहां ट्रेनों की संख्या बढ़ी है, तब से यह समस्या और गंभीर हो गई है.
शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
अभयदीप ने बताया कि स्थानीय लोगों ने कई बार रेलवे विभाग और उच्च अधिकारियों से शिकायत कर इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन आज तक इसका समाधान नहीं हो सका. उनका कहना है कि यदि यहां अंडरपास बन जाए, तो लोगों का समय बचेगा और उन्हें घंटों जाम में नहीं फंसना पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि रेलवे फाटक बंद होते ही यहां जाम लग जाता है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी होती है. इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों तक को अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.


