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एक दिन में गिरे 27 विकेट, जब लॉर्ड्स की पिच बनी बल्लेबाजों के लिए ‘कब्रगाह’, 138 साल के कायम विश्व कीर्तिमान

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एक दिन में गिरे 27 विकेट, जब लॉर्ड्स की पिच बनी बल्लेबाजों के लिए ‘कब्रगाह’

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27 wickets in one day in test record: लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर 1888 में एक ऐसा टेस्ट मैच खेला गया, जिसके दूसरे दिन बना रिकॉर्ड आज तक कायम है. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए इस मुकाबले में गेंदबाजों ने ऐसा कहर बरपाया कि नतीजा दो दिन के भीतर ही आ गया. मैच के दूसरे दिन कुल 27 विकेट गिरे, जो टेस्ट मैच के किसी एक दिन में गिरे सबसे ज्यादा विकेटों का रिकॉर्ड बन गया. यह रिकॉर्ड 138 साल से बरकरार है.

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टेस्ट मैच के एक दिन में गिरे सबसे ज्यादा विकेट का रिकॉर्ड.

नई दिल्ली. भले ही मौजूदा समय में टी20 क्रिकेट की चकाचौंध है, लेकिन टेस्ट इस खेल का वो फॉर्मेट है, जिसका रोमांच आज भी फैंस के सिर चढ़कर बोलता है. 149 साल से भी ज्यादा के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में तमाम ऐसे रिकॉर्ड बने, जिनका टूटना असंभव सा लगता है. कई ऐसे रिकॉर्ड हैं, जो 100 साल से भी ज्यादा लंबे समय से कायम हैं. इन्हीं में शामिल एक ऐसा विश्व कीर्तिमान है, जिसे बने हुए 138 साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक ज्यों का त्यों बरकरार है. इस रिकॉर्ड का गवाह 1888 में ‘क्रिकेट का मक्का’ कहे जाने वाला लॉर्ड्स का ऐतिहासिक मैदान बना था. मुकाबला था इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच.

ऑस्ट्रेलिया की टीम प्रतिष्ठित एशेज सीरीज खेलने इंग्लैंड आई हुई थी. सीरीज का पहला मुकाबला लॉर्ड्स में खेला गया. यूं तो इस मैदान पर कई बल्लेबाजों ने टेस्ट शतक जड़े हैं, लेकिन लॉर्ड्स की पिच बल्लेबाजों के लिए सबसे मुश्किल में एक मानी जाती है. मुकाबले का टॉस ऑस्ट्रेलिया ने जीता और बल्लेबाजी का फैसला किया. बॉबी पील (4 विकेट), जॉनी ब्रिग्स (3 विकेट) और जॉर्ज लोहमैन (2 विकेट) की आग उगलती गेंदबाजी के आगे ऑस्ट्रेलिया पारी पहले ही दिन सिर्फ 116 रन पर सिमट गई. टीम ने 71.2 ओवर तक बल्लेबाजी जरूर की, लेकिन बैटर रन एक-एक रन के लिए संघर्ष करते नजर आए. पहले ही दिन इंग्लैंड की बैटिंग भी आ गई. दिन का खेल खत्म हुआ तो इंग्लैंड का स्कोर 18/3 था. पहले दिन के खेल में कुल 13 विकेट गिरे, लेकिन दूसरे दिन जो हुआ उसका शायद किसी को अंदेशा तक नहीं था.

दूसरे दिन का खेल और बन गया इतिहास
पहले दिन नाबाद लौटी डब्ल्यू जी ग्रेस और वॉल्टर रीड की जोड़ी जब दूसरे दिन मैदान में उतरी तो उसकी कोशिश इंग्लैंड को बड़े स्कोर तक ले जाने की थी, लेकिन टीम के स्कोर में सिर्फ चार रन ही जुड़े थे कि रीड को चार्ली टर्नर ने अपने जाल में फंसाकर चलता कर दिया. टर्नर ने अपनी घातक गेंदबाजी ऐसा कहर बरपाया कि इंग्लैंड की पूरी पारी सिर्फ 53 रन पर ढेर हो गई. टर्नर ने पंजा खोला. उनका साथ तीन विकेट लेकर जेजे फेरिस ने दिया, जिससे ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी के आधार पर 63 रन की बड़ी बढ़त मिली. ऑस्ट्रेलियाई टीम जब दूसरी पारी में बैटिंग के लिए उतरी तो उसका भी इंग्लैंड वाला ही हश्र हुआ. लोहमैन (4 विकेट) और पील (4 विकेट) की जबरदस्त गेंदबाजी का कंगारू बल्लेबाजों के पास कोई जवाब नहीं था और पूरी टीम सिर्फ 60 रन जोड़कर पवेलियन लौट गई. अब इंग्लैंड के सामने 124 रन का लक्ष्य था.

27 विकेट का वर्ल्ड रिकॉर्ड
उम्मीद थी कि इंग्लैंड की टीम चौथी पारी में टिककर बल्लेबाजी करेगी और छोटे से लक्ष्य को हासिल कर लेगी, लेकिन पिच का खेला जारी रहा. इंग्लैंड की पहली पारी में नाक में दम करने वाले टर्नर और फेरिस एक बार फिर काल बने और दोनों ने पंजा खोलकर इंग्लैंड की पारी को 47 रन पर समेटकर 61 रन से ऑस्ट्रेलिया को जीत दिला दी. मैच दो दिन में ही खत्म हो गया. दूसरे दिन के खेल के दौरान कुल 27 विकेट गिरे. यह टेस्ट मैच के किसी एक दिन गिरे सबसे ज्यादा विकेट का रिकॉर्ड बन गया. 1902 में इन्हीं दोनों टीमों के बीच मेलबर्न में भिड़ंत हुई, जिसके पहले दिन कुल 25 विकेट गिरे थे.

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Shivam Upadhyay

शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें



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