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Lakhimpur Kheri News: गरीब कुम्हार भाईयों के लिए सरकार एक जोरदार योजना लेकर आई है, जिसमें उन्हें नि:शुल्क माटीकला टूल किट्स प्रदान की जाएगी. यह योजना उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक मिट्टी के काम को बढ़ावा देना और कारीगरों को आधुनिक उपकरणों से जोड़ना है.
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश सरकार पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है. इसी क्रम में लखीमपुर खीरी जिले में प्रजापति समाज (कुम्हार) समुदाय के लोगों की आमदनी दोगुनी करने के लिए सरकार की ओर से नि:शुल्क माटीकला टूल किट्स प्रदान की जाएगी. यह योजना उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक मिट्टी के काम को बढ़ावा देना और कारीगरों को आधुनिक उपकरणों से जोड़ना है.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में आज भी प्रजापति समाज के लोग मिट्टी के बर्तन तैयार करते हैं. उनके बाद उनकी बिक्री कर अपनी आजीविका चलाते हैं, लेकिन कुछ लोग आज भी हैं, जो आधुनिक मिट्टी के चाक नहीं खरीद पाते हैं, जिस कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. अब सरकार की ओर से उन्हें निःशुल्क इलेक्ट्रिक चाक उपलब्ध कराया जाएगा.
निःशुल्क माटी कला टूल्स किट का वितरण
वहीं बातचीत करते हुए उदित श्रीवास्तव ने बताया कि माटी कला से जुड़े कुम्हार और इस उद्योग में रुचि रखने वाले अन्य कारीगरों को निःशुल्क माटी कला टूल्स किट का वितरण किया जाना है. उन्होंने बताया कि ऐसे कारीगर जिनकी आय का स्रोत ही माटी कला है और जिनकी उम्र 18 साल से कम और 55 साल से अधिक नहीं है, उन्हें इस योजना का लाभ लेने के लिए माटी कला पोर्टल पर ग्रामोद्योग आवेदन करना होगा.
यहां करना होगा आवेदन
इसके लिए आवेदक को जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और आधार कार्ड की फोटो के साथ आवेदन करना होगा. वित्तीय वर्ष 2026-27 में निशुल्क विद्युत चालित चाक वितरण के लिए जनपद को 50 का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस योजना के तहत उद्यम संचालित करने के लिए टूल किट प्राप्त करने के लिए इच्छुक अभ्यर्थी अपना आवेदन पत्र विभाग की वेबसाइट https://upmatikalaboard. in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
कार्यालय में जमा करें ये दस्तावेज
इसके बाद आवेदन रसीद, आधार कार्ड, फोटो, जाति प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड/परिवार कार्ड और शिक्षा सम्बन्धी अभिलेखों की छायाप्रति एकत्रित करते हुए 10 मई तक कार्यालय कार्य दिवस में जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में जमा कर सकते हैं. योजना के तहत पात्र कारीगरों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर अपने काम को और बेहतर बना सकें. इस पहल से न केवल कुम्हार समाज की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि पारंपरिक माटीकला को भी नया जीवन मिलेगा. स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और युवा भी इस काम से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.


