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Who is Pallavi Patel : कौशांबी की सिराथू सीट से विधायक पल्लवी पटेल ने यूपी का राजनीति गरमा दी है. आज वे अपने हजारों समर्थकों के साथ विधानसभा कूच के इरादे से लखनऊ की सड़कों पर उतरीं. पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग लगाकर रोके जाने से गुस्साए कार्यकर्ता सुरक्षा घेरा तोड़कर सीधे चारबाग रेलवे स्टेशन जा पहुंचे. पल्लवी पटेल खुद समर्थकों के साथ खड़ी ट्रेन के इंजन पर चढ़ गईं. कहा जा रहा है कि 2027 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पल्लवी के ये तेवर विपक्ष में जान फूंकने वाले हैं. आइये जानते हैं पल्लवी हैं कौन. पल्लवी अनुप्रिया पटेल की बहन हैं और डिप्टी सीएम केशव मौर्य को पिछले चुनाव में पटकनी दे चुकी हैं.
चारबाग स्टेशन की ओर से पल्लवी के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है.
सपा के टिकट पर विधायक बनी पल्लवी ने कहा कि वे तीन महीने के जन-जागरूकता अभियान के बाद आज सरकार और न्यायपालिका से जवाब मांगने आई हैं. घंटों चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और हंगामे के बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया और पल्लवी पटेल समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों से ईको गार्डन भेज दिया. बाद में उनके खिलाफ चारबाग स्टेशन की ओर से FIR दर्ज कराई गई. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पल्लवी के ये तेवर विपक्ष में जान फूंकने वाले हैं.
दो धड़ों बंट गई पार्टी
डॉ. पल्लवी पटेल कौशांबी की सिराथू सीट से विधायक हैं. यहां उन्होंने बीजेपी के दिग्गज और वर्तमान में उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य का हराया था. पल्लवी अपना दल कमेरावादी की अध्यक्ष कृष्णा पटेल की बड़ी बेटी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की बड़ी बहन हैं. सिराथू विधानसभा केशव की पारंपरिक सीट रही है. यह सीट पटेल बहुल है. पल्लवी अनुप्रिया से एक साल बड़ी है. पल्लवी पटेल ने 2009 में राजनीति में कदम रखा. पिता सोने लाल पटेल की मौत के बाद उनकी मां पार्टी की अध्यक्ष बनीं. अनुप्रिया पटेल को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई. साल 2014 में कृष्णा पटेल ने पल्लवी को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया तो अनुप्रिया ने इसका विरोध किया. मामला 2016 में चुनाव आयोग पहुंचा. पार्टी दो धड़े में बंट गई.
सिराथू में ही ससुराल
पल्लवी ने बायो-टेक्नॉलजी से ग्रेजुएशन के बाद सब्जियों और फलों के फंगस पर अपनी डॉक्टरेट पूरी की है. कौशांबी उनका ससुराल है, जहां सिराथू सीट पड़ती है. पिछले चुनाव में अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल (एस) बीजेपी के साथ मैदान में थी, दूसरी ओर अपना दल (कमेरावादी) ने समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा. अनुप्रिया पटेल ने अपनी बहन पल्लवी के खिलाफ भी प्रचार किया, लेकिन पल्लवी को जीतने से रोक नहीं पाईं.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें


