Dharohar : राजस्थान के पाली जिले में अरावली की वादियों के बीच स्थित बीजापुर का राता महावीर स्वामी जैन तीर्थ इतिहास, आस्था और संघर्ष की अनोखी मिसाल है. करीब 1700 साल पुराना यह मंदिर कभी समृद्ध ‘हस्तिकुण्डी’ नगरी का हिस्सा था, जो राष्ट्रकूट वंश की राजधानी मानी जाती थी. यहां की भव्य वास्तुकला और प्राचीन प्रतिमाएं आज भी उस गौरवशाली दौर की झलक दिखाती हैं. इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि मोहम्मद गजनवी के आक्रमण के दौरान इस क्षेत्र ने भारी विनाश झेला, मंदिर तोड़े गए और नगरी उजाड़ दी गई. बावजूद इसके, जैन समुदाय की अटूट आस्था ने इस तीर्थ को बार-बार पुनर्जीवित किया. आज यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि इतिहास के संघर्ष और पुनर्निर्माण की जीवंत कहानी भी बयां करता है.


