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Animal husbandry : मऊ में पशुपालन विभाग कुक्कुट पालन को बढ़ावा देने के लिए कम ब्याज पर बैंक ऋण उपलब्ध करा रहा है. ये ब्याज भी सरकार देगी. लोकल 18 से मऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीपी चौरसिया बताते हैं कि जनपद में कुक्कुट विकास नीति के तहत 10 हजार से लेकर 60 हजार बर्ड क्षमता तक की यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है. 10 हजार बर्ड क्षमता की यूनिट स्थापित करने के लिए 1 एकड़ भूमि की जरूरत होगी. कुल लागत 99 लाख 53 हजार निर्धारित की गई है. पोल्ट्री फार्म संचालन में विद्युत शुल्क और इलेक्ट्रिक में भी छूट दी जा रही है.
मऊ. बेरोजगारों के लिए अच्छी खबर है. मऊ में पशुपालन विभाग कुक्कुट पालन को बढ़ावा देने के लिए कम ब्याज पर बैंक ऋण उपलब्ध करा रहा है. इसके माध्यम से आप अपना यूनिट का प्लांट स्थापित कर 12 से 15 लाख रुपये की कमाई कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए करना क्या होगा. लोकल 18 से मऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीपी चौरसिया ने बताया कि जनपद में कुक्कुट विकास नीति 2022 के तहत 10 हजार से लेकर 60 हजार बर्ड क्षमता तक की यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस योजना के तहत पशुपालक अंडा फार्म खोलकर सालाना 12 से 15 लाख रुपये तक की आय की कमा सकते हैं. इसके लिए पशुपालन विभाग कम ब्याज पर बैंक ऋण उपलब्ध करा रहा है.
कितना देगा बैंक
डॉ. सीपी चौरसिया ने बताया कि 10 हजार बर्ड क्षमता की यूनिट स्थापित करने के लिए लगभग 1 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी. इस परियोजना की कुल लागत 99 लाख 53 हजार निर्धारित की गई है. योजना के अंतर्गत कुल परियोजना की लागत का 70% बैंक ऋण के माध्यम से मिलेगा. जबकि शेष 30% राशि लाभार्थी को स्वयं लगानी होगी. बैंक ऋण पर लगने वाले ब्याज में 7% तक की ब्याज सब्सिडी सरकार की ओर से वापस की जाएगी. यह सुविधा लगातार जारी रहेगी. सरकार की ओर से पोल्ट्री फार्म संचालन में विद्युत शुल्क और इलेक्ट्रिक में भी छूट दी जा रही है. भूमि खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में भी राहत मिलेगी.
किन दस्तावेजों की जरूरत
अगर पशुपालक वैज्ञानिक तरीके से इस व्यवसाय का संचालन करते हैं तो उन्हें प्रति 1.5 लाख रुपए से अधिक की आय हो सकती है. इस प्रकार सालाना आमदनी 12 से 15 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. यदि आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता का विवरण, जमीन संबंधित दस्तावेज और डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) जैसे आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे. अधिक जानकारी के लिए पशुपालक अपने जिले के पशुपालन विभाग कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें


