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तमिलनाडु में बड़ा उलटफेर हुआ है. मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन कोलाथुर सीट से हार गए हैं, जबकि टीवीके चीफ थलापति विजय को पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व में बड़ी जीत मिली है. पूरे तमिलनाडु को सरप्राइज देते हुए विजय की पार्टी टीवीके ने इतिहास रच दिया है.
विजय अपनी दोनों सीटों पर जीत गए हैं, जबकि स्टालिन कोलाथुर से हार गए. (फाइल फोटो)
चेन्नई. तमिलनाडु की राजनीति में इस बार नतीजों ने ऐसा मोड़ लिया है, जिसने पूरे सियासी समीकरण को झकझोर दिया है. राज्य के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन का अपना मजबूत गढ़ माने जाने वाले कोलाथुर से हारना सिर्फ एक सीट का नुकसान नहीं, बल्कि सत्ता से जाने का भी सीधा संकेत है. वहीं दूसरी ओर, अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय ने दोनों सीटों (पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व) पर जीत दर्ज कर यह साफ कर दिया है कि राज्य की राजनीति में एक नया चेहरा तेजी से उभर रहा है. यह नतीजा सिर्फ जीत-हार का आंकड़ा नहीं, बल्कि तमिलनाडु में बदलते जनमत, नई राजनीतिक आकांक्षाओं और पारंपरिक दलों के सामने खड़ी चुनौती की कहानी भी कहता है.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा, जो डीएमके के लिए एक महत्वपूर्ण झटका है और राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक नाटकीय बदलाव का संकेत देता है. यह चौंकाने वाली हार अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) के व्यापक उदय के बीच हुई. टीवीके के वीएस बाबू ने कोलाथुर से जीत हासिल की. उन्होंने 68,419 वोट हासिल किए और स्टालिन को 7,731 वोटों के अंतर से हराया.
पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली (पूर्व) में विजय ने मारी बाजी
टीवीके के प्रमुख विजय ने पेरम्बूर निर्वाचन क्षेत्र में 53,715 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की. पेरम्बूर में, विजय ने 120,365 वोट हासिल किए, और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के आर.डी. शेखर को पीछे छोड़ दिया. शेखर 66,650 वोटों के साथ काफी पीछे रह गए, और दोनों के बीच 53,715 वोटों का भारी अंतर रहा. पट्टाली मक्कल काची (PMK) की एम. थिलागबामा तो और भी पीछे रह गईं, जिन्हें सिर्फ़ 8,561 वोट मिले. जिसे कभी DMK के मज़बूत गढ़ के ख़िलाफ़ एक कड़ा मुकाबला माना जाता था, वह अब एकतरफ़ा हो गया, जिससे विजय की चुनावी सफलता का पैमाना ज़ाहिर होता है. इसी तरह तिरुचिरापल्ली (पूर्व) में भी विजय ने बाजी मारी है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें


