Last Updated:
मणिपुर के उखरूल जिले में तैनात बीएसएस के कांस्टेबल मिथुन मंडल शहीद हो गए हैं. फायरिंग में घायल होने के बाद उन्हें इम्फाल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और उनका पार्थिव शरीर पैतृक घर भेज दिया गया है.
मणिपुर में तैनात बीएसएफ के कांस्टेबल मिथुन मंडल ने देश के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया है.
BSF News: सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कांस्टेबल मिथुन मंडल ने देश के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया है. 10 अप्रैल 2026 को उखरूल जिले में तैनात कांस्टेबल मिथुन मंडल ने गोलीबारी में गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. जिसके बाद उन्हें समीतवर्ती अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. कांस्टेबल मिथुन मंडल के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक निवास के लिए रवाना कर दिया गया है.
बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कांस्टेबल मिथुन मंडल बीएसएफ की 170वीं बटालियन की ए कंपनी में तैनात थे. 10 अप्रैल को वह रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) ड्यूटी पर तैनात थे. ड्यूटी के दौरान उनकी जिम्मेदारी सड़कों को सुरक्षित रखने के साथ किसी भी खतरे से बचाना था. इसी बीच, मोंगकोट चेपू गांव में तांगखुल नागा और कुकी समूहों के बीच फायरिंग शुरू हो गई. इस गोलीबारी में मिथुन मंडल के बाएं कंधे में गोली लग गई.
बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घायल होने के तुरंत बाद कांस्टेबल मिथुन मंडल इम्फाल के आरआईएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां गंभीर रूप से जख्मी होने के चलते उन्हें नहीं बचाया जा सका. अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. बीएसएफ के अनुसार, ड्यूटी के दौरान कांस्टेबल मिथुन मंडल ने बल की सर्वोच्च परंपराओं का पालन किया है. उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना अपनी ड्यूटी को निभाया है.
इंफाल एयरपोर्ट पर दी गई श्रद्धांजलि
बीएसएफ ने 11 अप्रैल 2026 को इंफाल एयरपोर्ट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. इस दौरान एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया था. इस समारोह में बीएसएफ के लगभग 200 जवानों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान, मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह और डीजीपी राजीव सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. सभी ने शहीद कांस्टेबल मिथुन मंडल को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी है. समारोह के दौरान पूरे सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और इसके बाद कांस्टेबल मिथुन मंडल के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक निवास के लिए भेज दिया गया है.
About the Author

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें


