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Noida News : आरोपियों के पास से 32 बोर की एक पिस्टल, पांच कारतूस, एक चाकू और दो मोबाइल बरामद. एटीएस ने नोएडा से तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्लाह अली खान और समीर खान को गिरफ्तार किया है. तुषार मेरठ का रहने वाला है जबकि समीर खान नई दिल्ली से है. दोनों सोशल मीडिया के जरिए शहजाद भट्टी से इंक्रिप्टेड चैनल के जरिए जुड़े थे. समीर को दीवारों पर “तहरीके तालिबान हिंदुस्तान” लिखने और इस काम में दूसरे लोगों को जोड़ने का टास्क दिया गया था.
लखनऊ. पाकिस्तानी गैंगस्टर और आईएसआई के लिए काम करने वाले दो कथित आतंकी गिरफ्तार किए गए हैं. आरोपियों के पास से 32 बोर की एक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, एक चाकू और दो मोबाइल बरामद. भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी थी. आरोपी आतंकी संगठनों, पाकिस्तानी गैंगस्टर के साथ मिलकर इंस्टाग्राम और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जुड़े थे. आईएसआई के इशारे पर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट और कट्टरपंथी पाकिस्तानी यूट्यूबर भारत के नौजवानों को निशाना बना रहे हैं. एटीएस ने नोएडा से तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्लाह अली खान और समीर खान को गिरफ्तार किया है. तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान मेरठ का रहने वाला है जबकि समीर खान नई दिल्ली से है. सोशल मीडिया के जरिए शहजाद भट्टी से इंक्रिप्टेड चैनल के जरिए दोनों आरोपी जुड़े थे.
इस्लाम के प्रति बढ़ता गया झुकाव
समीर को दीवारों पर “तहरीके तालिबान हिंदुस्तान” लिखने और अन्य लोगों को जोड़ने का टास्क दिया गया था. तुषार उर्फ हिज्बुल्लाह अली खान इंस्टाग्राम के जरिए समीर से जुड़ा था. दोनों पाकिस्तानी गैंगस्टर के इशारे पर दिए गए टारगेट की रेकी करने और वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार थे. दोनों कॉन्फ्रेंस कॉल पर पाकिस्तानी हैंडलर से भी जुड़े रहते थे. सोशल मीडिया और कुछ अन्य लोगों के बहकावे में आकर तुषार का झुकाव इस्लाम के प्रति बढ़ गया. तुषार इस्लामी परंपराओं का पालन भी करने लगा. इंस्टाग्राम के जरिए शहजाद भट्टी और आबिद जट से तुषार जुड़ा था. बाद में वॉइस, वीडियो और पुश टू टॉक कॉलिंग से भी पाकिस्तानी गैंगस्टर से जुड़ा.
पाकिस्तान बुलाने का झांसा
शहजाद भट्टी को प्रभावित करने के लिए शहजाद भट्टी नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट भी तुषार ने बनाया था. बाद में जिसे इंस्टाग्राम ने ब्लॉक कर दिया. इसी के जरिए शहजाद भट्टी का मोबाइल नंबर तुषार को मिला. शहजाद भट्टी ने तुषार को कुछ टारगेटेड लोगों के घर पर ग्रेनेड फेंकने और जान से मारने को कहा था, जिसके लिए अत्याधुनिक हथियार शहजाद भट्टी ने उपलब्ध कराने की बात कही थी. शहजाद भट्टी ने इस काम को करने के लिए करने से पहले 50 हजार रुपए नकद और काम होने के बाद ढाई लाख रुपए देने का लालच दिया. पासपोर्ट बनवाकर दुबई के रास्ते पाकिस्तान बुलाने का झांसा भी दिया. आईएसआई एजेंट मेजर हमीद, मेजर इकबाल, मेजर अनवर भी टारगेट देने वाले थे. इन्हीं लोगों ने कुछ पैसे और पिस्टल भी तुषार के पास पहुंचाए थे.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें


