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UP Board Topper’s Story: मुजफ्फरनगर के गरीब किसान के बेटे ने यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा में इतिहास रच दिया. वंश सैनी ने ना सिर्फ जिला टॉप किया बल्कि पूरे प्रदेश में छठी रैंक भी हासिल की. वंश को 96.83% अंक प्राप्त हुए. वंश सैनी ने कहा कि सोशल मीडिया से दूरी उनकी सफलता का राज है.
मुजफ्फरनगर किसान के बेटे ने किया जिला टॉप
मुजफ्फरनगर. ढाई बीघा बटाई पर खेती करने वाले गरीब किसान के बेटे ने मुजफ्फरनगर का नाम रोशन किया है. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाई स्कूल परीक्षा में इस मेधावी छात्र ने जिले में टॉप करने के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर भी 6वीं रैंक हासिल की है. सीमित संसाधनों के बावजूद छात्र ने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रोजाना 10 घंटे की पढ़ाई कर यह उपलब्धि अपने नाम की.
नगर के रामलीला टिल्ला निवासी किसान सुनील सैनी का बेटा वंश सैनी, कुंवर जगदीश प्रसाद सनातन धर्म इंटर कॉलेज का छात्र है. वंश ने हाई स्कूल परीक्षा में 96.83% अंक प्राप्त कर मुजफ्फरनगर जिले में प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि पूरे उत्तर प्रदेश में 6वीं रैंक पर रहा. वंश सैनी का कहना है कि उसने परीक्षा के दौरान रोजाना लगभग 10 घंटे और सामान्य दिनों में 2 से 3 घंटे नियमित पढ़ाई की. खास बात यह है कि वंश ने बिना किसी ट्यूशन या कोचिंग के यह सफलता प्राप्त की.
सोशल मीडिया से दूरी
उसने बताया कि वह सोशल मीडिया से दूर रहा और पिछले साल के मॉडल पेपर पर विशेष ध्यान दिया. वंश ने कहा कि उसके स्कूल के शिक्षकों ने उसे हर विषय बहुत अच्छे से समझाया, जिससे उसे परीक्षा में काफी मदद मिली. उसने बताया कि उसके सबसे अधिक अंक गणित में आए हैं, जिसमें उसे पूरे 100 नंबर प्राप्त हुए. वंश ने अपनी सफलता का श्रेय सबसे ज्यादा अपने स्कूल के शिक्षकों को दिया. साथ ही उसने बताया कि उसने ऑनलाइन ‘विद्याकुल’ चैनल से भी कुछ मदद ली. वंश ने कहा कि वह भविष्य में इंजीनियरिंग करना चाहता है और एक सफल इंजीनियर बनना उसका लक्ष्य है. वह अन्य छात्रों को संदेश देते हुए कहता है कि वे पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें और इंस्टाग्राम, ट्विटर, व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समय बर्बाद करने से बचें, इन्हें केवल जरूरत पड़ने पर ही इस्तेमाल करें.
पिता है किसान
वंश के पिता सुनील सैनी ने बताया कि उनका परिवार खेती पर निर्भर है और वे ढाई बीघा जमीन बटाई पर लेकर मेहनत से गुजारा करते हैं. उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां और सबसे छोटा बेटा वंश है. सुनील के अनुसार, वंश शुरू से ही पढ़ाई में तेज रहा है और हमेशा अच्छे नंबर लाता रहा है, इसलिए उन्हें विश्वास था कि वह हाई स्कूल में भी बेहतरीन प्रदर्शन करेगा. सुनील सैनी ने कहा कि उन्होंने वंश को कभी खेत या अन्य कामों में नहीं लगाया, बल्कि हमेशा उसे पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया. वे बताते हैं कि वंश रात 10 बजे तक पढ़ाई करता था और मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी बहुत कम करता था. सुनील ने कहा कि बेटे की इस सफलता से पूरा परिवार बेहद खुश है और वे चाहते हैं कि अन्य बच्चे भी मेहनत कर अपने माता-पिता और जिले का नाम इसी तरह रोशन करें.
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अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें


