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Moradabad News: यूपी का मुरादाबाद पूरी दुनिया में पीतल नगरी के नाम से जाना जाता है. यहां के बने सामान देश-विदेश में एक्सपोर्ट किए जाते हैं. इन दिनों यहां बड़े साइज का फूलदान तैयार किया जा रहा है, जिसकी सबसे ज्यादा डिमांड विदेश से देखने को मिल रही है. शादी-विवाह हो या अन्य कोई फंक्शन, उसमें डेकोरेशन में इसे इस्तेमाल किया जा रहा है. गल्फ कंट्रीज में तो इसकी जमकर धूम मच रही है.
मुरादाबाद: यूपी का मुरादाबाद पूरी दुनिया में पीतल नगरी के नाम से जाना जाता है. यहां के पीतल के उत्पादन देश-विदेश में एक्सपोर्ट किए जाते हैं. वहीं इन पीतल के उत्पादों पर चार चांद लगाने का काम करते हैं. यहां के शिल्पगुरु, जो अपनी सुंदर-सुंदर नक्काशी से इन्हें और ज्यादा खूबसूरत और आकर्षित बनाते हैं. यही वजह है कि यहां के उत्पादन देश-विदेश में इतना पसंद किए जाते हैं. वहीं पीतल नगरी के इस शहर में इन दिनों पीतल का बड़े साइज का फूलदान तैयार किया जा रहा है, जिसकी सबसे ज्यादा डिमांड विदेश से देखने को मिल रही है. शादी-विवाह हो या अन्य कोई फंक्शन, उसमें डेकोरेशन में इसे इस्तेमाल किया जा रहा है. गल्फ कंट्रीज में तो इसकी जमकर धूम मच रही है.
8 इंच के साइज से होती है शुरुआत
पीतल कारोबारी राघव खन्ना ने बताया कि पीतल नगरी के इस शहर में पीतल के विभिन्न उत्पाद के साथ-साथ इन दिनों पीतल का फूलदान तैयार किया जा रहा है, जिसकी 8 इंची साइज से शुरुआत हो जाती है और लगभग 6 फीट तक के साइज में यह फूलदान तैयार किया जाता है. इसके साथ ही इसके वजन की बात की जाए तो इसका शुरुआती वजन लगभग 800 ग्राम रहता है और 27 से 28 किलो तक के वजन का फूलदान तैयार किया जाता है. उन्होंने कहा कि इसकी कीमत की अगर बात की जाए तो साढ़े बारह सौ रुपए किलो के हिसाब से इसकी कीमत शुरू होती है और साढ़े पंद्रह सौ रुपए किलो तक इसकी कीमत रहती है. इसके साथ ही सबसे ज्यादा डिमांड इसकी साउथ से देखने को मिल रही है.
डेकोरेशन आइटम के फूलदान
यह एक ऐसा आइटम है जो डेकोरेशन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है. इसे लगाते ही कोठियां में अलग ही रौनक देखने को मिलती है और खूबसूरती सी आ जाती है. मिडिल ईस्ट, साउथ, गल्फ कंट्री सहित दूर-दूर से इसकी डिमांड देखने को मिल रही है. विदेश में यह सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है. इसके साथ ही इस पर बारीक नकाशी की गई है और नकाशी के नाम की बात की जाए तो टहनी की नक्काशी इस पर की गई है. यह फूलदान इस समय टहनी नक्काशी में तैयार किया गया है, जो देखने में बेहद खूबसूरत और आकर्षण लगता है. यही वजह है कि विदेशियों को यह बहुत पसंद आ रहा है. इसके अलावा इंडिया से भी इसकी अच्छी खासी डिमांड देखने को मिल रही है और अच्छे खासे ऑर्डर सामने आ रहे हैं.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.


