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बदला लखनऊ सुपर जॉयंट्स का मिजाज…जब सीजन हुआ खत्म, तब जागा अर्जुन तेंदुलकर का भाग्य

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नई दिल्ली. क्रिकेट की दुनिया में कुछ सरनेम अपने साथ उम्मीदों और दबाव का एक ऐसा भारी-भरकम पहाड़ लेकर आते हैं, जिसकी बराबरी करना आसान नहीं होता. अर्जुन तेंदुलकर भी इसी हकीकत के साथ जीते आ रहे हैं. लेकिन शनिवार का दिन उनके लिए दबाव से ज्यादा, राहत और अपनी पहचान साबित करने का मौका लेकर आया. लखनऊ सुपर जायंट्स के प्रशंसकों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हुआ, जब आईपीएल 2026 के एक बेहद अहम मैच में पंजाब किंग्स के खिलाफ बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया., लखनऊ के ऐतिहासिक इकाना स्टेडियम में जैसे ही टॉस के वक्त अर्जुन के नाम की घोषणा हुई, मैदान पर मौजूद फैंस के चेहरे खिल उठे.

लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह आईपीएल सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है. टीम लगातार खराब प्रदर्शन के कारण पहले ही प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी है. ऐसे में अपनी ही सरजमीं पर खेला जा रहा यह आखिरी लीग मैच उनके लिए केवल एक औपचारिकता मात्र था. लेकिन खेल के इस मोड़ पर अर्जुन तेंदुलकर को टीम में शामिल करने के फैसले ने इस नीरस हो चुके मैच में एक नई जान फूंक दी. टॉस के दौरान जब कप्तान ऋषभ पंत से टीम में बदलावों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए कह, ‘मिच (मिचेल मार्श) वापस घर लौट चुके हैं, इसलिए उनकी जगह टीम में अर्जुन तेंदुलकर और अर्शिन कुलकर्णी को शामिल किया गया है.’

अर्जुन तेंदुलकर की लंबे समय बाद आईपीएल की प्लेइंग इलेवन में वापसी.

मिचेल मार्श इस सीजन में लखनऊ के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे हैं. उनके जाने से टीम का बल्लेबाजी क्रम निश्चित रूप से कमजोर हुआ है और एलएसजी पूरी तरह से एक प्रयोगात्मक मोड में आ गई है. इसी प्रयोग और मजबूरी के बीच अर्जुन के लिए किस्मत का ताला खुला, जो पिछले कई हफ्तों से बेंच पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे.

मुंबई से लखनऊ तक का सफर
अर्जुन तेंदुलकर के लिए आईपीएल का यह सफर आसान नहीं रहा है. आईपीएल 2026 की नीलामी और ट्रेडिंग विंडो के दौरान वे मुंबई इंडियंस (MI) से अलग होकर 30 लाख की बेस प्राइस पर लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ जुड़े थे. साल 2023 में मुंबई इंडियंस के लिए अपना आईपीएल डेब्यू करने वाले अर्जुन को वहां ज्यादा मौके नहीं मिले थे. उन्होंने मुंबई के लिए कुल 5 मैच खेले थे, जिसमें उन्होंने 9.37 की इकॉनमी रेट से 3 विकेट चटकाए थे.

मुंबई इंडियंस में स्टार खिलाड़ियों की भरमार के बीच उनका दम घुट रहा था, इसलिए लखनऊ का रुख करना उनके करियर के लिए एक ताजी हवा के झोंके जैसा था. हालांकि, लखनऊ ने भी उन्हें सीजन के शुरुआती दौर में मौका नहीं दिया. कप्तान और कोच ने पूरे सीजन बाएं हाथ के इस सीम गेंदबाज के विकल्प का इस्तेमाल नहीं किया, जिससे कई सवाल भी खड़े हो रहे थे. लेकिन जब सीजन हाथ से निकल गया, तो फ्रेंचाइजी ने इसे एक ऑडिशन के रूप में इस्तेमाल करने का फैसला किया ताकि यह देखा जा सके कि अर्जुन भविष्य की योजनाओं में कहां फिट बैठते हैं.

घरेलू क्रिकेट का दमदार अनुभव
भले ही आईपीएल में अर्जुन का रिकॉर्ड अभी बहुत बड़ा न दिख रहा हो, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्होंने गोवा की तरफ से खेलते हुए खुद को एक बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया है. उनके नाम रणजी ट्रॉफी के डेब्यू मैच में ही एक शानदार शतक दर्ज है, जो यह साबित करता है कि वे जरूरत पड़ने पर निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी कर सकते हैं. इसके अलावा, प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वे एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा भी कर चुके हैं. इसी ऑलराउंडर प्रोफाइल की बदौलत लखनऊ ने उन पर भरोसा जताया है.

पंजाब किंग्स के लिए ‘करो या मरो’ का मुकाबला
यह मुकाबला भले ही लखनऊ के लिए केवल सम्मान की लड़ाई हो, लेकिन रिकी पोंटिंग की अगुवाई वाली पंजाब किंग्स के लिए यह किसी ‘अग्निपरीक्षा’ से कम नहीं है. पंजाब की टीम इस समय प्लेऑफ की रेस में बनी हुई है, लेकिन उनकी स्थिति बेहद नाजुक है. लगातार मिली कुछ हार के बाद पंजाब के ऊपर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है. प्लेऑफ के टिकट की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए उन्हें हर हाल में इस मैच में दो अंक हासिल करने होंगे. ऐसे दबाव वाले माहौल में, एक ऐसी टीम के खिलाफ खेलना जो पूरी तरह से बेखौफ होकर मैदान पर उतर रही है, पंजाब के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. लखनऊ के पास खोने के लिए कुछ नहीं है, जबकि पंजाब के पास बचाने के लिए पूरी साख है.

क्या पंजाब के समीकरण बिगाड़ेंगे अर्जुन?
इकाना स्टेडियम की पिच शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद दे सकती है. ऐसे में नई गेंद के साथ अर्जुन तेंदुलकर की बाएं हाथ की इन-स्विंग पंजाब के शीर्ष क्रम, विशेषकर उनके सलामी बल्लेबाजों के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन सकती है. क्रिकेट में अक्सर देखा गया है कि जब कोई नया गेंदबाज बिना किसी दबाव के मैदान पर उतरता है, तो वह विपक्षी टीम के बने-बनाए समीकरणों को बिगाड़ देता है. पंजाब की टीम अर्जुन के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई बरतने का जोखिम नहीं उठा सकती.



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