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‘मैं गृहस्थ नहीं हूं, लेकिन पता सब है…’ : PM मोदी ने क्यों कहा- अब बेटे भी मां की राय मांगते हैं

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पीएम मोदी ने परिवार में महिलाओं की स्थिति पर बहुत अहम बात कही. पीएम ने कहा कि पहले पिता और बेटे ही बिजनेस की बात करते थे. जब मां चाय लेकर आती थी तो उसे किचन में वापस भेज दिया जाता था. पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं गृहस्थ नहीं हूं लेकिन मुझे पता बहुत है’. पीएम की इस मजेदार बात पर वहां मौजूद सभी लोग जोर से हंस पड़े. पूरे हाल में बहुत देर तक तालियों की भारी गूंज सुनाई देती रही. अब आर्थिक रूप से मजबूत होने पर बेटे भी मां की राय मांगते हैं.

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पीएम मोदी ने कहा कि वित्तीय सशक्तिकरण ने परिवार में महिलाओं की स्थिति को मजबूत किया है.

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वित्तीय सशक्तीकरण ने महिलाओं को परिवार में अधिक अधिकार दिये हैं, जिन्हें परंपरागत रूप से हाशिए पर रखा गया था. उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा कि भले ही वह ‘गृहस्थ जीवन’ में न हों, लेकिन इससे बखूबी अवगत हैं. उन्होंने एक महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सभी इस बात से भलीभांति अवगत हैं कि भारत में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाना आवश्यक है, और इसलिए उनकी सरकार ने अपने द्वारा लिए गए प्रत्येक निर्णय और योजना में इस पहलू को ध्यान में रखा है.

प्रधानमंत्री ने कहा, “पहले पारिवारिक संपत्ति मुख्य रूप से पुरुषों के नाम पर होती थी. घर पुरुष के नाम पर होता था. खेती की जमीन, दुकान, कार पुरुष के नाम पर होती थी. यहां तक ​​कि स्कूटर भी पुरुष के नाम पर होता था और इसे स्वाभाविक माना जाता था. पीएम आवास योजना के तहत, हमने घर की महिलाओं के नाम पर आवास के पंजीकरण को प्राथमिकता देना शुरू किया.” पीएम मोदी ने कहा, “पिछले 11 वर्षों में 3 करोड़ से अधिक महिलाओं को इस पहल से लाभ हुआ है और वे अपने घरों की स्वामी बन गई हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं.”

प्रधानमंत्री ने कहा, “आमतौर पर जब पिता और पुत्र व्यापार के बारे में बात कर रहे होते हैं और मां चाय लेकर आती हैं और वहां खड़ी रहती हैं, तो वे कहते हैं, ‘आप रसोई में जाओ, हम बात कर रहे हैं’.” उन्होंने कहा, “मैं गृहस्थ नहीं हूं, लेकिन पता बहुत है.” उनकी यह बात सुनकर श्रोता मुस्कुरा उठे और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा कार्यक्रम स्थल गूंज उठा.

प्रधानमंत्री ने कहा, “अब, चूंकि वह आर्थिक रूप से सशक्त हो गई हैं, तो बेटा भी कहता है, ‘कृपया मम्मी को भी बातचीत में शामिल कीजिए, उन्हें भी बुलाइए’.” पीएम मोदी ने कहा कि जब बच्चे स्कूल जाते हैं, तो स्वाभाविक रूप से पिता का नाम रिकॉर्ड में दर्ज होता है, लेकिन उनकी सरकार ने हस्तक्षेप किया और माता का नाम भी लिखे जाने की परिपाटी शुरू की.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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