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करीब दो महीने तक चले युद्ध और हवाई पाबंदियों के बाद ईरान ने तेहरान एयरपोर्ट से कमर्शियल फ्लाइट्स फिर शुरू कर दी हैं. आज तेहरान से इस्तांबुल, मस्कट और मदीना के लिए फ्लाइट रवाना हुई हैं.
तेहरान से एक बार फिर इंटरनेशनल फ्लाइट्स का ऑपरेशन शुरू हो गया है.
Flights From Iran: करीब दो महीने तक युद्ध की आग में झुलसने के बाद अब ईरान ने आसमान में फिर से उड़ान भरनी शुरू कर दी है. तेहरान के इमाम खोमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल फ्लाइट्स बहाल कर दी गई हैं. जिसके बाद सबको लगने लगा है कि जंग का दौर खत्म हुआ और फिर एक नई शुरुआत हो चुकी है.
ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह कदम एक चरणबद्ध योजना के तहत उठाया गया है. फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद कर दिया था. इस फैसले का असर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों पर पड़ा था.
अब सीजफायर के बीच, ईरान ने धीरे-धीरे हालात सामान्य करने की कोशिश शुरू की है. इसी कड़ी में तेहरान एयरपोर्ट से पहली उड़ानें इस्तांबुल (तुर्की), मस्कट (ओमान) और मदीना (सऊदी अरब) के लिए रवाना हुई हैं. इन उड़ानों के टेकऑफ होने के साथ लगने लगा है कि ईरान में एक बार जिंदगी पटरी पर आना शुरू हो गई है.
ईरान सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन ने फ्लाइट्स बहाली के लिए चार चरणों की योजना बनाई है. पहले चरण में सिर्फ ट्रांजिट फ्लाइट्स को ईरानी हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति दी गई. इसके बाद पूर्वी हिस्सों के एयरपोर्ट्स को खोला गया. तीसरे चरण में तेहरान के बड़े एयरपोर्ट मेहराबाद और इमाम खोमैनी से उड़ानें शुरू की गई हैं.
आखिरी चरण में देश के पश्चिमी हिस्सों के एयरपोर्ट्स को भी खोल दिया जाएगा, जिससे पूरे देश में हवाई सेवाएं पूरी तरह बहाल हो सकेंगी. इससे पहले, इसी महीने की शुरुआत में सीजफायर लागू होने के बाद ईरान ने अपने एयरस्पेस को आंशिक रूप से खोल दिया था. लेकिन अब कमर्शियल फ्लाइट्स की वापसी को ज्यादा अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे इंटरनेशनल कनेक्टिविंटी फिर से बन सकेगी.
हालांकि, हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं कहे जा सकते. कूटनीतिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है. ईरान ने अमेरिका के साथ सीधे बातचीत से इनकार किया है, लेकिन मध्यस्थों के जरिए बातचीत की कोशिशें जारी हैं. अमेरिकी प्रतिनिधियों के इस्लामाबाद पहुंचने की संभावना है, जहां वे ईरान के साथ सीजफायर को लेकर चर्चा कर सकते हैं.
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुके हैं और वहां की राजनीतिक व सैन्य नेतृत्व से मुलाकात कर रहे हैं. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, आने वाले दिनों में और बातचीत की तैयारी है, जिससे इलाके में स्थिरता लाई जा सके.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें


