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5 batters Highest maiden hundred in ODI: वनडे क्रिकेट में ‘मेडन’ शतक हर बल्लेबाज का सपना होता है, लेकिन कुछ खिलाड़ियों ने इसे इतना ऐतिहासिक बना दिया कि आज भी उनकी चर्चा होती है. ईशान किशन का चटोग्राम में लगाया गया 210 रनों का दोहरा शतक हो या 1983 वर्ल्ड कप में कपिल देव की वह जादुई 175 रनों की पारी ये सिर्फ रन नहीं, बल्कि साहस और रिकॉर्ड का बेजोड़ संगम हैं. इन पारियों ने न सिर्फ मैच जीते, बल्कि क्रिकेट इतिहास में हमेशा के लिए अपना नाम दर्ज करा लिया. आइए, जानते हैं वो 5 पारियां जिन्होंने मैदान पर मचाया कोहराम.
पहला शतक ही वर्ल्ड रिकॉर्ड! इन 5 बल्लेबाजों ने मैदान पर मचाया कोहराम.
नई दिल्ली. क्रिकेट के खेल में ‘मेडन’ यानी पहला इंटरनेशनल वनडे शतक हर बल्लेबाज के लिए एक मील का पत्थर होता है. यह वह पल है जब एक खिलाड़ी अपना परिचय दुनिया को देता है. लेकिन इतिहास के पन्नों में कुछ ऐसे खिलाड़ी भी दर्ज हैं, जिन्होंने अपने पहले ही शतक को इतना विशाल बना दिया कि वह न केवल एक रिकॉर्ड बन गया, बल्कि उस खिलाड़ी के करियर की सबसे बड़ी पहचान बन गया. कहानी शुरू होती है 10 दिसंबर 2022 से. बांग्लादेश का चटोग्राम का मैदान और भारत के युवा सलामी बल्लेबाज ईशान किशन. वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाना अपने आप में एक स्वप्निल उपलब्धि है, और ईशान ने इसे अपने पहले शतक के रूप में हासिल किया. उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 210 रनों की ऐसी आक्रामक पारी खेली कि विपक्षी गेंदबाज बेबस नजर आए. यह पारी वनडे इतिहास के सबसे यादगार ‘मेडन’ शतकों में शुमार हो गई. यह सिर्फ 210 रन नहीं थे, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की एक दहाड़ थी.
अब हम पीछे चलते हैं 16 अगस्त 2009 को. बुलावायो में जिम्बाब्वे के चार्ल्स कोवेंट्री (Charles Coventry) ने जो किया, वह आज भी क्रिकेट प्रेमियों को याद है. बांग्लादेश के खिलाफ खेलते हुए, उन्होंने नाबाद 194 रन बनाए. यह उनका पहला वनडे शतक था. अफसोस बस इस बात का रहा कि वे दोहरे शतक से मात्र 6 रन दूर रह गए, लेकिन उन्होंने जो बल्लेबाजी की, उसने उस समय के वनडे क्रिकेट के मानकों को हिला कर रख दिया था. उन्होंने साबित किया कि अगर इरादे बुलंद हों, तो एक मध्यम स्तर की टीम का खिलाड़ी भी विश्व स्तर पर अपनी छाप छोड़ सकता है.
पहला शतक ही वर्ल्ड रिकॉर्ड! इन 5 बल्लेबाजों ने मैदान पर मचाया कोहराम.
जॉन कैंपबेल और पॉल स्टर्लिंग आक्रामकता का नया युग
क्रिकेट में पावर-हिटिंग की बात हो और कैरेबियाई बल्लेबाजों का जिक्र न हो, ऐसा मुमकिन नहीं. 5 मई 2019 को डबलिन में वेस्टइंडीज के जॉन कैंपबेल (John Campbell) ने आयरलैंड के खिलाफ 179 रनों की पारी खेली. यह उनका पहला शतक था और उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि लोग उनके नाम को लंबे समय तक याद रखें. उनकी बल्लेबाजी में वह कैरेबियाई लय और ताकत थी जिसने विपक्षी गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए.
वहीं दूसरी ओर, 7 सितंबर 2010 को टोरंटो में आयरलैंड के ही पॉल स्टर्लिंग ने कनाडा के खिलाफ 177 रन बनाए. स्टर्लिंग की यह पारी आयरलैंड की क्रिकेट यात्रा के लिए एक बड़ा मोड़ थी. उन्होंने यह दर्शाया कि एसोसिएट देश भी विश्व क्रिकेट में किसी से कम नहीं हैं. यह शतक केवल अंकों की गिनती नहीं, बल्कि उस जिद का परिणाम था जिसके दम पर आयरलैंड ने आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जगह मजबूत की है.
कपिल देव 1983 की अमर गाथा
इस लिस्ट की सबसे भावुक और ऐतिहासिक पारी है.18 जून 1983, टर्नब्रिज वेल्स. जब भारत का स्कोर 17 रन पर 5 विकेट था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि भारत इस मैच में वापसी करेगा. लेकिन फिर मैदान पर उतरे कप्तान कपिल देव. जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने नाबाद 175 रन बनाए. यह न केवल उनका पहला वनडे शतक था, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ था. यह पारी उस वर्ल्ड कप जीत की नींव बनी जिसने भारत को एक क्रिकेट राष्ट्र के रूप में हमेशा के लिए बदल दिया.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें


