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5 batsman Fastest hundreds in T20I: टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट की दुनिया अब उस दौर में पहुंच चुकी है जहां गेंदबाजों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है. वह समय बीत गया जब 100 रनों का आंकड़ा छूना एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी. आज मुकाबला इस बात का है कि कौन कितनी कम गेंदों में तबाही मचा सकता है. जून 2024 से लेकर मार्च 2026 के बीच, क्रिकेट के मैदानों ने ऐसी आतिशबाजी देखी है जिसने रिकॉर्ड बुक्स को बार-बार बदलने पर मजबूर कर दिया.
क्रिकेट जगत उस वक्त सन्न रह गया जब एस्टोनिया के साहिल चौहान (Salil Chauhan) ने साइप्रस के खिलाफ महज 27 गेंदों में शतक जड़ दिया. 17 जून 2024 का वह दिन एपिस्कोपी के मैदान पर किसी चक्रवात की तरह था. साहिल ने न केवल सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि यह भी साबित किया कि ‘एसोसिएट नेशंस’ के खिलाड़ियों में भी विश्व स्तरीय विस्फोटक क्षमता है. उनकी इस पारी ने भविष्य के बल्लेबाजों के लिए एक ऐसा मानक तय कर दिया, जिसे पार करना लगभग नामुमकिन सा लगता है.

तुर्की और बुल्गारिया के बीच 12 जुलाई 2025 को सोफिया में खेला गया मैच इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया. तुर्की के मुहम्मद फहद (Muhammad Fahad) ने बुल्गारियाई गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए सिर्फ 29 गेंदों में अपना सैकड़ा पूरा किया. फहद की इस पारी की खासियत उनकी टाइमिंग और मैदान के चारों कोनों में शॉट लगाने की क्षमता थी. उन्होंने दिखाया कि आधुनिक क्रिकेट में ‘पावर हिटिंग’ ही एकमात्र रास्ता है.

2024 की शुरुआत में नामीबिया के जॉन निकोल लॉफ्टी-ईटन (Jan Nicol Loftie-Eaton) ने नेपाल के कीर्तिपुर में वह कारनामा किया जिसे देख लोकल फैंस भी दंग रह गए. 27 फरवरी 2024 को उन्होंने सिर्फ 33 गेंदों में शतक ठोक कर उस वक्त का सबसे तेज टी-20 इंटरनेशनल शतक बनाने का गौरव हासिल किया था. नेपाल की पहाड़ियों के बीच उनकी गेंदों की गूंज आज भी सुनाई देती है, जिसने नामीबिया को क्रिकेट के नक्शे पर एक नई पहचान दी.
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जिम्बाब्वे के दिग्गज ऑलराउंडर सिकंदर रज़ा (Sikandar Raza) ने उम्र को महज एक नंबर साबित कर दिया. 23 अक्टूबर 2024 को नैरोबी के रुआरका मैदान पर गाम्बिया के खिलाफ रजक ने सिर्फ 33 गेंदों में शतक पूरा किया.उनकी इस पारी में अनुभव और आक्रामकता का अद्भुत संगम था. रजा ने दिखा दिया कि टी-20 फॉर्मेट सिर्फ युवाओं का खेल नहीं है, बल्कि सही मानसिकता के साथ कोई भी खिलाड़ी मैदान पर आग लगा सकता है.

ताजा आंकड़ों की बात करें तो न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज फिन एलन (Finn Allen) ने भारत की धरती पर अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया. 4 मार्च 2026 को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एलन ने मात्र 33 गेंदों में शतक जड़ा. बड़े मंच पर और एक मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ एलन की यह पारी उनकी निर्भीक बल्लेबाजी शैली का प्रमाण है.

इन रिकॉर्ड्स की कहानी सिर्फ खिलाड़ियों के हुनर तक सीमित नहीं है. मॉडर्न क्रिकेट में बाउंड्री का छोटा होना और बैट की बढ़ती गुणवत्ता ने इन शतकों की राह आसान की है. एपिस्कोपी से लेकर नैरोबी तक, मैदानों का आकार और पिच की सपाट प्रकृति ने बल्लेबाजों को पहली ही गेंद से बड़े शॉट खेलने का लाइसेंस दे दिया है. अब शतक केवल धैर्य का फल नहीं, बल्कि शुद्ध ताकत का प्रदर्शन है.


