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Vaibhav sooryavanshi youth odi records: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब-जब किसी युवा खिलाड़ी ने अपनी चमक बिखेरी है, दुनिया ने उसे कौतूहल भरी नजरों से देखा है. आज वही चमक 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के बल्ले से निकल रही है. बिहार की धरती से निकले इस युवा बल्लेबाज ने न केवल घरेलू क्रिकेट बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिग्गजों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या भारत को अपना अगला ‘सचिन तेंदुलकर’ मिल गया है. वैभव का खेल केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह उस आत्मविश्वास की कहानी है जो दुनिया के सबसे घातक गेंदबाजों के सामने भी डगमगाता नहीं है.
वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने बहुत ही कम उम्र में यह साबित कर दिया है कि वह केवल एक फॉर्मेट के खिलाड़ी नहीं हैं. चाहे वह टी20 की आक्रामकता हो, यूथ टेस्ट का धैर्य या यूथ वनडे की निरंतरता. वैभव के बल्ले ने हर जगह रन उगलें हैं. उनकी तकनीक और मानसिक मजबूती उन्हें अपनी उम्र के अन्य खिलाड़ियों से बहुत आगे खड़ा करती है. दिग्गजों का मानना है कि वैभव के पास वह ‘एक्स-फैक्टर’ है जो उन्हें लंबे समय तक क्रिकेट के मैदान पर राज करने में मदद करेगा.

वैभव को जो चीज सबसे अलग बनाती है, वह है उनका ‘फीयरलेस’ अप्रोच। आज के दौर में जहां बल्लेबाज सेट होने के लिए समय लेते हैं, वैभव पारी की पहली ही गेंद पर छक्का मारने का माद्दा रखते हैं. उनका मानना है कि वह गेंदबाज के नाम या कद को नहीं, बल्कि सिर्फ गेंद को खेलते हैं। यही निडरता उन्हें एक मैच विनर बनाती है. उनके लिए सामने खड़ा गेंदबाज चाहे कोई भी हो, उनका लक्ष्य केवल गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाना होता है.

आईपीएल 2026 वैभव के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है. इस सीजन में उन्होंने जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा जैसे विश्व स्तरीय गेंदबाजों के खिलाफ जिस तरह से बल्लेबाजी की, उसने सबको हैरान कर दिया. भुवनेश्वर कुमार, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड जैसे अनुभवी गेंदबाजों की पहली ही गेंद पर चौका या छक्का लगाना वैभव के लिए आम बात हो गई थी. इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को यह संदेश दे दिया है कि वह बड़े मंच के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
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वैभव के शानदार प्रदर्शन का इनाम उन्हें जल्द ही मिल गया. उन्हें अब इंडिया ए टीम में जगह दी गई है, जो जून में श्रीलंका ए और अफगानिस्तान ए के खिलाफ ट्राई सीरीज खेलेगी. अंडर-19 से सीधे इंडिया ए तक का यह सफर दर्शाता है कि बीसीसीआई उन्हें भविष्य के लिए तैयार कर रहा है. यह ट्राई सीरीज वैभव के लिए खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर के और करीब ले जाने का सुनहरा मौका है.

वैभव का वनडे रिकॉर्ड किसी सपने जैसा लगता है. उन्होंने अब तक 25 यूथ वनडे मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 1412 रन बनाए हैं. सबसे चौंकाने वाली बात उनका स्ट्राइक रेट है जो 165.72 का है, जो आमतौर पर टी20 में देखा जाता है. 56.48 की औसत के साथ उन्होंने यह साबित किया है कि वह तेजी से रन बनाने के साथ-साथ लंबी पारियां खेलने में भी सक्षम हैं.

वैभव की सबसे बड़ी पारियों में से एक अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ आई. दबाव के उस बड़े क्षण में उन्होंने 175 रनों की विशाल पारी खेलकर भारत को जीत के करीब पहुंचाया. यह उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर है और इस पारी ने उनकी बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया.

टी20 क्रिकेट वैभव का पसंदीदा क्षेत्र बनता जा रहा है.अब तक खेले गए 19 टी20 मुकाबलों में उन्होंने 215.68 की अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 1141 रन बनाए हैं. इस छोटे प्रारूप में भी उनके नाम 4 शतक दर्ज हैं, जो उनकी आक्रामकता और निरंतरता का प्रमाण है.उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 144 रन रहा है, जो टी20 के लिहाज से बहुत बड़ा माना जाता है.

भले ही वैभव की उम्र केवल 15 साल है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में एक अनुभवी खिलाड़ी जैसी परिपक्वता दिखती है. हालांकि, कभी-कभी वह जल्दबाजी में अपना विकेट गंवा देते हैं, लेकिन सुखद बात यह है कि वह अपनी गलतियों से लगातार सीख रहे हैं. मैच दर मैच वह खुद को मांझ रहे हैं और स्थिति के अनुसार अपने खेल को ढालने की कोशिश कर रहे हैं.

भारतीय चयनकर्ता वैभव को एक ‘स्पेशल टैलेंट’ के रूप में देख रहे हैं. 15 साल की उम्र में टीम इंडिया के लिए खेलने की पात्रता हासिल कर लेना एक बड़ी उपलब्धि है. उन्हें प्रमोट किया जाना साफ तौर पर जाहिर करता है कि अगर वह इसी तरह प्रदर्शन करते रहे, तो वह जल्द ही मुख्य भारतीय टीम की नीली जर्सी में नजर आ सकते हैं.

वैभव सूर्यवंशी में वह सारी संभावनाएं मौजूद हैं जो एक बार सचिन तेंदुलकर में देखी गई थीं. जिस तरह से उन्होंने छोटी उम्र में बड़े मुकाम हासिल किए हैं, उससे उम्मीद जताई जा रही है कि वह भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे.अब गेंद वैभव के पाले में हैं. उन्हें इंडिया ए और घरेलू स्तर पर अपने प्रदर्शन को जारी रखना होगा ताकि वह जल्द से जल्द अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें.


