10.9 C
Munich

PM Modi Appeal To Indians | ‘खर्च बंद मत करिए पर फिजूलखर्ची रोकिए’, पीएम मोदी की अपील के पीछे है सरकार का बड़ा प्लान

Must read


होमताजा खबरदेश

‘खर्च बंद मत करिए पर फिजूलखर्ची रोकिए’, PM मोदी ने अचानक क्यों बदला गेमप्लान?

Last Updated:

PM Modi Appeal Inside Story: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के दिनों में देशवासियों से विदेशी यात्रा, सोना और ईंधन के इस्तेमाल में समझदारी दिखाने की अपील की है. सरकारी गलियारों में चल रही चर्चाओं के मुताबिक, यह कोई आर्थिक संकट का संकेत नहीं है. यह भारत की ग्रोथ स्टोरी को सुरक्षित रखने की एक सोची-समझी रणनीति है. सरकार चाहती है कि भारतीय खर्च करें, लेकिन ऐसे जिससे विदेशी मुद्रा भंडार और घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहे.

Zoom

PM मोदी आपसे खर्च न करने को नहीं कह रहे, बल्कि समझदारी से खर्च करने को कह रहे हैं.

नई दिल्ली: पिछले कुछ हफ्तों से सरकारी गलियारों में एक खामोश लेकिन बेहद जरूरी चर्चा चल रही है. यह चर्चा बंद कमरों में होने वाली उन रिव्यू मीटिंग्स और इकोनॉमिक ब्रीफिंग्स का हिस्सा है, जहां अधिकारी सिर्फ भारत की विकास गाथा को नहीं देख रहे. वे उन कारणों को भी तलाश रहे हैं जो भारत की रफ्तार को धीमा कर सकते हैं. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसी अपील शुरू की है जिसे शुरुआत में कई लोगों ने गलत समझा. जब पीएम मोदी मंत्रियों को गैर-जरूरी विदेशी दौरों से बचने के लिए कहते हैं या लोगों से तेल बचाने की अपील करते हैं, तो इसका मतलब आर्थिक तंगी नहीं है. जब वह कहते हैं कि शादियों में सोना खरीदने से पहले दो बार सोचें या विदेश जाने के बजाय देश में ही छुट्टियां मनाएं, तो यह कोई संकट का संकेत नहीं है.

सरकारी सूत्रों का कहना है कि इसके उलट सरकार का इरादा कुछ और ही है. सरकार खर्च कम नहीं कर रही है और न ही सब्सिडी में कटौती का कोई प्लान है. असल में यह भारत की आर्थिक मजबूती को ग्लोबल झटकों से बचाने की एक ‘प्री-एम्पटिव’ यानी पहले से की गई तैयारी है.

क्या भारत की अर्थव्यवस्था किसी बड़े संकट की ओर बढ़ रही है?

अक्सर यह माना जाता है कि जब सरकार बचत की बात करती है, तो हालात खराब होते हैं. लेकिन मोदी सरकार के मामले में ऐसा नहीं है. सरकार आज भी इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, हाईवे और डिफेंस पर रिकॉर्ड तोड़ पैसा खर्च कर रही है. दिल्ली का मानना है कि पब्लिक इन्वेस्टमेंट से ही नौकरियां पैदा होंगी और डिमांड बनी रहेगी. इसलिए यह किसी मंदी की तैयारी नहीं है, बल्कि देश की आर्थिक रफ्तार को सुरक्षित रखने की कोशिश है.

भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है. ग्लोबल मार्केट में भारत की छवि एक चमकते सितारे जैसी है. सरकार इस छवि को लेकर बहुत ज्यादा संवेदनशील है. नीति निर्माताओं को इस बात की चिंता नहीं है कि भारतीय पैसा खर्च कर रहे हैं. वे तो चाहते हैं कि लोग खूब खरीदारी करें ताकि फैक्ट्रियां चलती रहें. असली चिंता इस बात की है कि वह पैसा जा कहां रहा है. क्या वह पैसा भारतीय बाजार में घूम रहा है या फिर किसी दूसरे देश की तिजोरी में जा रहा है?



Source link

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article