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TATA Moters Result : टाटा मोटर्स ने अपने पैसेंजर व्हीकल सेग्मेंट को पिछले साल अक्टूबर में अलग किया था. अब कंपनी ने अपना पहला वित्तवर्ष पूरा किया तो आखिरी तिमाही में उसका मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 31 फीसदी कम रहा है.
टाटा मोटर्स ने मार्च तिमाही में 31 फीसदी कम मुनाफा दर्ज किया है.
नई दिल्ली. 1 अक्टूबर, 2025 को टाटा मोटर्स ने अपने पैसेंजर और कॉमर्शियल विंग को अलग-अलग कर दिया था और इसके साथ ही पैसेंजर व्हीकल बेचने वाली अलग कंपनी बन गई थी. लेकिन, अलग कंपनी के रूप में नाम दर्ज होने के बाद पहले ही वित्तवर्ष में मुनाफे को तगड़ा झटका लगा है. आंकड़े बताते हैं कि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) का वित्तवर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 31.29 फीसदी घटकर 5,878 करोड़ रुपये रह गया. कंपनी ने वित्तवर्ष 2024-25 की समान (जनवरी-मार्च) तिमाही में 8,556 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था.
पिछली तिमाही में कंपनी की ऑपरेशनल कमाई 7 फीसदी बढ़कर 1.05 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की इसी तिमाही में 98,377 करोड़ रुपये थी. कंपनी ने बताया कि जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) का उत्पादन सामान्य होने और घरेलू बाजार में रिकॉर्ड बिक्री के कारण तिमाही आधार पर प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. इससे चौथी तिमाही में मुक्त नकदी प्रवाह (एफसीएफ) 11,400 करोड़ रुपये रहा. हालांकि, कुछ घटनाओं की वजह से मुनाफे पर असर दिखा है.
क्यों कम हुआ कंपनी का मुनाफा
कंपनी के अनुसार, जेएलआर पर साइबर हमले, टैरिफ शुल्क, चीन के लक्जरी कर, मार्केटिंग खर्च के दबाव और कच्चे माल की ऊंची कीमतों जैसे कई प्रतिकूल कारकों का समूचे वित्तवर्ष में कारोबार के मुनाफे पर असर पड़ा है. जेएलआर की उत्पादन इकाइयों में रुकावट आने से मुक्त नकदी प्रवाह पर प्रतिकूल असर पड़ा जिससे कुल शुद्ध कर्ज बढ़कर 30,700 करोड़ रुपये हो गया. जाहिर है कि इसका असर मुनाफे पर भी दिखा है.
साइबर घटनाओं ने किया परेशान
टीएमपीवी के मुख्य वित्तीय अधिकारी धीमन गुप्ता ने कहा कि वित्तवर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में सभी एकीकृत वित्तीय मानकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ, क्योंकि साइबर घटना के बाद जेएलआर का परिचालन सामान्य हुआ और घरेलू कारोबार ने सकारात्मक रुख बनाए रखा. भविष्य में हम नए उत्पादों की पेशकश और लागत नियंत्रण संबंधी उपायों के जरिये अपनी कारोबारी मजबूती को और बढ़ाने पर ध्यान देंगे. हालांकि, वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और कमोडिटी कीमतों पर अब भी नजर रखने की जरूरत है.
टाटा मोटर्स क्यों हुई अलग
टाटा मोटर्स ने पिछले साल अक्टूबर से आधिकारिक रूप से अपने कॉमर्शियल और पैसेंजर व्हीकल सेग्मेंट को अलग किया था. इसके बाद से ही दोनों कंपनियों के सारे कारोबार और मुनाफे के आंकड़े भी अलग हो गए हैं. टाटा मोटर्स का पैसेंजर सेग्मेंट अलग होने के बाद यह पहली तिमाही है, जिसमें कंपनी का कुल मुनाफा प्रभावित हुआ है. हालांकि, इसके पीछे साइबर हमले को सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है, जिसके कारण जगुआर का उत्पादन प्रभावित हुआ था.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें


