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प्यार, पैसा और सगी बेटी का धोखा… मुरादाबाद में पीतल कारोबारी के घर 1.20 करोड़ की डकैती की इनसाइड स्टोरी!

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मुरादाबाद: कहते हैं कि गुनाह कितना भी शातिर तरीके से क्यों न किया जाए, कानून के हाथ उस तक पहुंच ही जाते हैं. लेकिन जब गुनाह की साजिश रचने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि घर की अपनी ही लाडली बेटी हो, तो रिश्तों पर से विश्वास उठ जाता है. ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से. दरअसल, यहां नागफनी थाना क्षेत्र के अकबर कंपाउंड इलाके में रहने वाले मशहूर पीतल कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद इमरान के घर सोमवार (11 मई) की तड़के करीब 3:40 बजे डकैती की एक वारदात घटी. आठ हथियारबंद बदमाशों ने कारोबारी के घर में घुसकर पूरे परिवार को बंधक बनाया और तमंचे की नोक पर 1.20 करोड़ रुपए कैश और 6 तोला सोना लूटकर फरार हो गए. पुलिस ने जब इस डकैती की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया, तो जो सच सामने आया उसने न सिर्फ पुलिस के होश उड़ा दिए, बल्कि खुद कारोबारी पिता के पैरों तले से जमीन खिसक गई.

दरअसल, इस पूरी वारदात की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि कारोबारी की अपनी 21 साल की बेटी अरीबा निकली, जिसने अपने 7 साल पुराने कॉलेज-गोइंग बॉयफ्रेंड और उसके दोस्तों के साथ मिलकर इस पूरी वारदात की स्क्रिप्ट लिखी थी. एसएसपी सतपाल अंतिल ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस चौंकाने वाले मामले का पर्दाफाश किया. पुलिस ने कारोबारी की बेटी अरीबा, उसके प्रेमी अरशद वारसी समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनके पास से लूटे गए रुपयों में से 47 लाख 24 हजार रुपये कैश, वारदात में इस्तेमाल की गई दो कारें और कई अवैध हथियार बरामद हुए हैं. इस डकैती में शामिल गिरोह के बाकी आरोपियों और फरार बदमाशों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं.

आधी रात का वो खौफनाक मंजर, जब घर में घुसे 8 हथियारबंद बदमाश
घटना बीते सोमवार यानी 11 मई की तड़के करीब 3:40 बजे की है. पूरा इलाका गहरी नींद में सोया हुआ था. अचानक पीतल कारोबारी मोहम्मद इमरान के आलीशान घर में सन्नाटा चीरती हुई आहट हुई. देखते ही देखते 8 नकाबपोश हथियारबंद बदमाश घर के अंदर दाखिल हो गए. बदमाशों ने सीधे कारोबारी के 23 वर्षीय बेटे अरकान की कनपटी पर लोडेड तमंचा सटा दिया. पूरे परिवार को एक कमरे में बंधक बना लिया गया. जान से मारने की धमकी देकर बदमाशों ने घर की अलमारियों में रखा 1.20 करोड़ रुपए का भारी-भरकम कैश और सोने के जेवरात समेटे और पलक झपकते ही बाहर खड़ी दो कारों में सवार होकर रफूचक्कर हो गए. सुबह होते ही इस डकैती की खबर से पूरे मुरादाबाद में हड़कंप मच गया.

हाईटेक डिजिटल लॉक ने खोला राज
वारदात की गंभीरता को देखते हुए बरेली जोन के एडीजी रमित शर्मा, डीआईजी मुनिराज जी और एसएसपी सतपाल अंतिल खुद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. मामले की तफ्तीश के लिए पुलिस की 5 स्पेशल टीमें लगाई गईं. लेकिन इस पूरी डकैती में एक पेंच ऐसा था जिसने पुलिस के कान खड़े कर दिए. दरअसल, कारोबारी मोहम्मद इमरान का घर पूरी तरह सुरक्षित था और मुख्य दरवाजों पर अत्याधुनिक ‘डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक लॉक’ लगे हुए थे. पुलिस ने जांच में पाया कि बदमाशों ने न तो कोई ताला तोड़ा था, न ही खिड़की या दीवार फांदी थी. वह सीधे मुख्य दरवाजे से अंदर आए थे. एसएसपी सतपाल अंतिल को तुरंत शक हो गया कि यह किसी बाहरी गैंग का काम नहीं है, बल्कि ‘घर का भेदी’ ही इस पूरी डकैती का सूत्रधार है.

7 साल का अफेयर और रातों-रात अमीर बनने की चाहत
पुलिस ने जब घर के सदस्यों की गतिविधियों और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से जांच आगे बढ़ाई, तो शक की सुई कारोबारी की बेटी अरीबा (21) पर जाकर टिक गई. जब पुलिस ने अरीबा को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने जो उगलना शुरू किया, उसे सुनकर पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए. अरीबा ने बताया कि अमरोहा के रहने वाले अरशद वारसी (27) के साथ उसका पिछले 7-8 सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों शादी करना चाहते थे और घर से दूर जाकर एक बेहद आलीशान, ऐश-ओ-आराम वाली ज़िंदगी बिताना चाहते थे.

अरीबा सिर्फ 12वीं पास थी और घर पर रहती थी, जबकि अरशद मुरादाबाद के प्रसिद्ध आईएफटीएम (IFTM) यूनिवर्सिटी से बी-फार्मा की पढ़ाई कर रहा था. अरशद एक बेहद साधारण परिवार से था, इसलिए अरीबा के घरवाले इस शादी के सख्त खिलाफ थे. अरीबा और अरशद ने तय कर लिया था कि वे परिवार की मर्जी के बिना शादी करेंगे और घर से दूर जाकर अपनी एक नई, लग्जरी दुनिया बसाएंगे. अब शानदार जिंदगी जीने और शादी करने के लिए उन्हें बहुत सारे पैसों की जरूरत थी.

‘पापा के पास बहुत पैसा है, डाका डालो और जिंदगी संवारो’
अरीबा को अच्छी तरह मालूम था कि उसके पिता का पीतल और प्रॉपर्टी का बड़ा कारोबार है और घर में हमेशा करोड़ों रुपये का कैश रखा रहता है. उसने अपने बॉयफ्रेंड अरशद से कहा, ‘मेरे पापा बहुत बड़े बिजनेसमैन हैं. घर में भारी-भरकम कैश रहता है. अगर हम वहां हाथ साफ कर लें, तो हमारी आगे की पूरी जिंदगी राजा-रानी की तरह कटेगी.’ इस पर अरशद के दिमाग में लालच आ गया. उसने अरीबा से कहा कि अगर वह अपने ही घर में मोटी रकम की चोरी या डकैती की सेटिंग करा दे, तो दोनों की जिंदगी हमेशा के लिए संवर जाएगी और वे ऐशो-आराम से रह सकेंगे. अरीबा अपने प्यार और लक्ज़री लाइफ के चक्कर में इस कदर अंधी हो चुकी थी कि वह अपने ही पिता का घर लुटवाने के लिए तुरंत तैयार हो गई. दोनों ने मिलकर जनवरी के महीने से ही डकैती का मास्टरप्लान बनाना शुरू कर दिया था.

एक महीने पहले बनी चाबी, रात में दबाया ‘डिजिटल बटन’
पूछताछ में यह बात सामने आई कि इस डकैती की स्क्रिप्ट जनवरी महीने से ही लिखी जा रही थी. अरीबा ने बड़ी ही चालाकी से करीब एक महीने पहले अपने घर के मेन गेट की एक डुप्लीकेट चाबी बनवाई और उसे अरशद को सौंप दिया. 11 मई की तड़के, तय प्लानिंग के मुताबिक, अरशद वारसी अपने बी-फार्मा कॉलेज के दोस्तों और अन्य बदमाशों (कुल 8 लोग) को लेकर दो कारों से अकबर कंपाउंड पहुंचा. अरशद ने डुप्लीकेट चाबी से मेन गेट का ताला खोला. इसके बाद, घर के अंदर मौजूद अरीबा ने जागकर अंदर लगे स्विच बोर्ड से बटन दबाया और अंदर के सारे ‘डिजिटल लॉक’ खोल दिए. बदमाशों के लिए रास्ता पूरी तरह साफ था. अरीबा ने अपने ही भाइयों और माता-पिता को बदमाशों के हवाले कर दिया ताकि वह अपने प्रेमी के साथ भाग सके.

टोल प्लाजा पर नंबर प्लेट की चालाकी पड़ी भारी
बदमाशों को लगा था कि वह बेहद शातिर हैं. वारदात को अंजाम देने के बाद वह कारों की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर भाग रहे थे. लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनकी यह चालाकी धरी की धरी रह गई. पुलिस ने जब शहर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो देखा कि टोल प्लाजा पार करने से ठीक पहले बदमाशों ने पकड़े जाने के डर से कारों की फर्जी नंबर प्लेट हटाकर असली नंबर प्लेट लगा दी थी. पुलिस ने तुरंत कार के असली नंबर से उसके मालिक कुलदीप को दबोच लिया. कुलदीप के मुंह खोलते ही पूरी कड़ियां जुड़ती चली गईं और पुलिस ने मुख्य आरोपी बॉयफ्रेंड अरशद वारसी समेत पूरी गैंग को बेनकाब कर दिया.

सलाखों के पीछे पहुंचे बी-फार्मा के ये आरोपी छात्र, तीन की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से अधिकांश पढ़े-लिखे और बी-फार्मा के छात्र हैं. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुंडली इस प्रकार है:

  • अरीबा (21 वर्ष): मुख्य साजिशकर्ता, पीतल कारोबारी इमरान की बेटी
  • अरशद वारसी (27 वर्ष): मुख्य आरोपी और अरीबा का प्रेमी
  • कुलदीप (26 वर्ष): कार मालिक और साथी
  • रवि कुमार (26 वर्ष): वारदात में शामिल साथी
  • निक्की (21 वर्ष): वारदात में शामिल साथी

फरार आरोपियों को भी जल्द ही दबोच लिया जाएगा
एसएसपी सतपाल अंतिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने अब तक 47 लाख 24 हजार रुपए कैश, वारदात में इस्तेमाल की गई दो कारें और कई अवैध तमंचे व कारतूस बरामद कर लिए हैं. अरीबा ने अरशद को यह भरोसा दिलाया था कि उसके पिता लोक-लाज और ब्लैक मनी के डर से पुलिस में इतनी बड़ी रकम की शिकायत नहीं करेंगे, लेकिन कारोबारी इमरान सीधे पुलिस के पास पहुंच गए. फिलहाल, घटना में शामिल तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है. पुलिस का कहना है कि बाकी बचे हुए कैश और सोने के जेवरात को भी जल्द ही बरामद कर लिया जाएगा. प्यार और लालच के चक्कर में सलाखों के पीछे पहुंची बेटी और उसके साथियों ने अपनी पूरी जिंदगी खुद अपने हाथों बर्बाद कर ली है.



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