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NEET-UG पेपर लीक के आरोपियों की हेकड़ी उस वक्त हवा हो गई, जब सीबीआई कोर्ट में पेशी के दौरान वे खर्राटे भरने लगे. जज साहब के ऑर्डर के लंबे इंतजार ने आरोपियों को इस कदर थकाया कि पांच में से तीन आरोपी कोर्ट रूम में ही झपकियां लेने लगे. यह नजारा देख कोर्ट स्टाफ ने चुटकी लेते हुए पूछा-चाय बनवाई जाए क्या?
नीट यूजी पेपर लीक पर सुनवाई के दौरान कोर्ट जाते आरोपी.
लाखों छात्रों का भविष्य ‘लीक’ करने वाले जब कानून की चौखट पर पहुंचे, तो उनकी हेकड़ी हवा हो गई. NEET-UG पेपर लीक मामले के आरोपियों का कोर्ट रूम में जो हाल हुआ, उसने वहां मौजूद हर शख्स को मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया. सीबीआई की गिरफ्त में आए ये मास्टरमाइंड जज साहब के फैसले का इंतजार करते-करते कोर्ट रूम में ही झपकी लेने लगे. आलम यह था कि आरोपियों की झपकी देख कोर्ट स्टाफ ने चुटकी ली- चाय बनवाई जाए क्या?
घड़ी की सुइयां टिक-टिक कर आगे बढ़ रही थीं. दोपहर के 3:15 बजे आरोपियों को पेश किया गया था, और सूरज ढलने के बाद शाम के 6:42 बज चुके थे. सीबीआई की टीम टस से मस नहीं हुई थी. जज साहब अपने चेंबर में डॉक्यूमेंट खंगाल रहे थे ताकि पेपर लीक की इस साजिश की हर कड़ी को जोड़ सकें. कोर्ट रूम में सन्नाटा ऐसा कि सुई भी गिरे तो आवाज आ जाए, लेकिन इस सन्नाटे को तोड़ रही थी आरोपियों की भारी पलकें.
पेपर लीक के खिलाड़ी और कोर्ट में नींद की झपकी
शायद आरोपियों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि ट्रांजिट रिमांड की भागदौड़ उन्हें इस कदर थका देगी. कोर्ट रूम में बैठे-बैठे जब तीन घंटे बीत गए, तो पांच में से तीन आरोपियों का सिस्टम हैंग होने लगा. जिन दिमागों ने कभी पेपर चोरी करने की प्लानिंग की थी, वो अब नींद की झपकियों में डूबे थे. आरोपियों को इस तरह ऊंघते देख सीबीआई के तफ्तीशकर्ता भी एक-दूसरे का मुंह ताक रहे थे कि भाई, ये सजा काट रहे हैं या पिकनिक मना रहे हैं?
वो एक जुमला… और कोर्ट रूम में ठहाका
माहौल काफी गंभीर था, लेकिन तभी कोर्ट के एक स्टाफ ने अपनी हाजिरजवाबी से माहौल को ‘लाइट’ कर दिया. आरोपियों की नींद पर करारा तंज कसते हुए स्टाफ ने बड़े ही मजे में पूछा- चाय-वाय बनवाई जाए क्या? यह सुनते ही कोर्ट रूम में हंसी छूट गई. सीबीआई के अधिकारी भी हंसते नजर आए.


