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खेती किसानों के लिए प्राकृतिक का एक सुनहरा उपहार है, जिसको सही ढंग से किया जाए तो किसान मालामाल बन सकते हैं. आज खेती में बात बहराइच जिले की महिला किसान को लेकर जिन्होंने अपनी आमदनी में चार चांद लगाने को लेकर गजब का दिमाग लगाया अब मोटी कमाई मक्के से और किस्तों में कमाई खीरे से जाने पूरी गुड़ा गणित.
बहराइच: खेती किसानों के लिए प्रकृति का एक सुनहरा उपहार है, जिसे यदि सही ढंग से किया जाए तो किसान मालामाल बन सकते हैं. आज हम बात कर रहे हैं बहराइच जिले की एक महिला किसान की, जिन्होंने अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए गजब का तरीका अपनाया है. अब वे मक्के से मोटी कमाई और खीरे से किस्तों में आय प्राप्त कर रही हैं.
मक्के की खेती ने दिलाई पहचान
बहराइच जिले के ग्राम कटरा बहादुरगंज की रहने वाली महिला किसान माया देवी लंबे समय से मक्के की खेती कर रही हैं. जिले में मक्के की खेती को लेकर उनकी एक अलग पहचान बन चुकी है.
लोकल 18 टीम से बातचीत में माया देवी ने पूरी गणित समझाई. उन्होंने बताया कि मक्के की खेती से एकमुश्त आय होती है, लेकिन घर-गृहस्थी चलाने के लिए रोज पैसों की जरूरत होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने नेट हाउस में खीरे की खेती शुरू की है. इसके साथ ही लोबिया और भिंडी अपने उपयोग के लिए उगाती हैं.
खीरे की खेती से कमाई
खीरा तैयार होने पर हर दूसरे-तीसरे दिन व्यापारी आकर इसे खरीद ले जाते हैं, जिससे उन्हें प्रतिदिन 1000 से 2000 रुपये तक की कमाई हो जाती है. इस सीजन में अब तक माया देवी करीब 35,000 रुपये के खीरे बेच चुकी हैं. खास बात यह है कि यह खेती उन्होंने सिर्फ पांच बिस्वा जमीन में नेट हाउस के अंदर की है.
माया देवी बताती हैं कि बच्चों की पढ़ाई और घर के अन्य खर्च खीरे की रोजाना होने वाली कमाई से पूरे हो जाते हैं. वहीं, जब मक्का तैयार होता है तो उससे मिलने वाली एकमुश्त रकम से वे बड़े खर्च पूरे कर लेती हैं और बचत भी कर लेती हैं.
प्राकृतिक तरीके से खेती
खास बात यह है कि वे खीरे और अन्य फसलों की खेती प्राकृतिक तरीके से करती हैं. उन्होंने दो गाय पाल रखी हैं और उन्हीं के गोबर व मूत्र से खाद और पोषण की जरूरत पूरी करती हैं.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


