Last Updated:
UP Work From Home : प्रधानमंत्री मोदी की अपील का असर धरातल पर भी दिखाई देने लगा है. नोएडा की इस कंपनी ने अपने यहां कार पूलिंग और वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू कर दी है. लोकल 18 से कंपनी के डायरेक्टर आशुतोष कहते हैं कि जब कर्मचारी एक साथ सफर करते हैं तो सिर्फ ईंधन की बचत नहीं होती, बल्कि उनके बीच बेहतर तालमेल और दोस्ताना माहौल भी बनता है. उनकी कंपनी में 100 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं. सभी को कार पूलिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया गया है.
नोएडा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील अब केवल भाषणों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि उसका असर अब धरातल पर भी दिखाई देने लगा है. नोएडा की एक निजी कंपनी ने पीएम मोदी की “फ्यूल बचाओ और साझा यात्रा अपनाओ” सोच को गंभीरता से लेते हुए अपनी कंपनी में कार पूलिंग और वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू कर दी है. सेक्टर-136 स्थित Talent Compliance India ऐसा करने वाली पहली कंपनी है. कंपनी ने अपने सभी कर्मचारियों के बीच इस संबंध में मैसेज सर्कुलेट कर अपील की है कि वे निजी वाहनों की बजाय कार पूलिंग का सहारा लें. कंपनी का दावा है कि इस पहल का असर पहले ही दिन से देखने को मिला और अधिकांश कर्मचारी साझा यात्रा करते हुए ऑफिस पहुंचे.
कंपनी न बताए इसके दूसरे भी फायदे
कंपनी के डायरेक्टर आशुतोष लोकल 18 से कहते हैं कि देश में बढ़ती ईंधन खपत और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए हर नागरिक और संस्थान की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपनी तरफ से योगदान दें. देशहित में इतना तो बनता है. उनकी कंपनी में 100 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं और सभी को कार पूलिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया गया है. कर्मचारियों ने भी इसे सकारात्मक तरीके से लिया है. आशुतोष के अनुसार, जब कर्मचारी एक साथ सफर करते हैं तो सिर्फ ईंधन की बचत नहीं होती, बल्कि उनके बीच बेहतर तालमेल और दोस्ताना माहौल भी बनता है. यात्रा के दौरान आपसी बातचीत और टीम बॉन्डिंग का अलग ही अनुभव देखने को मिलता है.
दूसरी कंपनियों से ये अपील
डायरेक्टर आशुतोष बताते हैं कि उन्होंने हाल ही में सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से दिए गए वर्क फ्रॉम होम संबंधी निर्देशों को भी अपनी कंपनी में पहले ही लागू कर दिया गया है. कंपनी में सप्ताह में दो दिन कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी जा रही है. आशुतोष ने कहा कि इससे एक तरफ ट्रैफिक और फ्यूल की खपत कम होगी, दूसरी तरफ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगा. आशुतोष का मानना है कि यदि दूसरी कंपनियां भी अपनी सुविधानुसार इस मॉडल को अपनाएं तो इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है. वे इस पहल को अपनाकर देशहित में योगदान दे सकती हैं.
क्या बोले कर्मचारी
कर्मचारी मंश चौधरी और आकांक्षा ने कंपनी के इस फैसले की जमकर सराहना की. उनका कहना है कि कार पूलिंग से न सिर्फ खर्च कम हो रहा है बल्कि देश के लिए कुछ अच्छा करने का एहसास भी होता है. कर्मचारियों ने बताया कि अब ऑफिस के अलावा बाजार या अन्य जगहों पर जाने के लिए भी वे दोस्तों और सहकर्मियों के साथ साझा यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं. अगर हर व्यक्ति छोटी-छोटी जिम्मेदारियां निभाए तो बड़े स्तर पर बदलाव संभव है.
About the Author
प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें


