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6 batsman Most runs in career in T20: टी-20 क्रिकेट की दुनिया ने खेल के पारंपरिक व्याकरण को पूरी तरह बदल दिया है. जहां पहले संयम और धैर्य की बात होती थी, वहीं अब यह खेल ‘पावर-हिटिंग’ और ‘इम्पैक्ट’ का पर्याय बन चुका है. विश्वभर की लीगों और अंतरराष्ट्रीय मैचों को मिलाकर अगर हम सबसे अधिक रन बनाने वाले दिग्गजों की सूची देखें, तो इसमें क्रिस गेल का साम्राज्य अब खतरे में नजर आता है. हालिया आंकड़ों के अनुसार, इस छोटे फॉर्मेट के ‘बादशाहों’ की जंग बेहद रोमांचक हो गई है.
टी-20 क्रिकेट का जिक्र हो और ‘यूनिवर्स बॉस’ क्रिस गेल का नाम न आए, यह नामुमकिन है. गेल ने 2005 से 2022 के बीच 463 मैचों में 14,562 रन बनाकर एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जो लंबे समय तक अजेय रहा. उनके नाम इस प्रारूप में सर्वाधिक 22 शतक और 1056 छक्के दर्ज हैं. गेल की नाबाद 175 रनों की पारी आज भी इस प्रारूप की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है. उन्होंने आरसीबी से लेकर किंग्स इलेवन पंजाब और दुनिया भर की लगभग हर बड़ी लीग में अपनी धाक जमाई है.

वेस्टइंडीज के ही एक और दिग्गज कीरोन पोलार्ड इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं. 2006 से 2026 तक के अपने लंबे करियर में पोलार्ड ने 735 मैच खेले हैं, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है. उन्होंने 14,482 रन बनाए हैं। पोलार्ड की खासियत यह रही कि उन्होंने मध्यक्रम में आकर फिनिशर की भूमिका निभाते हुए ये रन बटोरे. मुंबई इंडियंस और ट्रिनबागो नाइट राइडर्स जैसी टीमों के लिए वह हमेशा एक ‘मैच विनर’ साबित हुए हैं.

इंग्लैंड के एलेक्स हेल्स ने पिछले कुछ वर्षों में टी-20 सर्किट पर अपनी जबरदस्त छाप छोड़ी है. 528 मैचों में 14,449 रनों के साथ वह गेल के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच चुके हैं. हेल्स के नाम 7 शतक और 92 अर्धशतक दर्ज हैं. उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकत पावरप्ले में तेजी से रन बनाना है. इस्लामाबाद यूनाइटेड और सिडनी थंडर जैसी टीमों के लिए खेलते हुए उन्होंने खुद को इस प्रारूप का सबसे भरोसेमंद ओपनर साबित किया है.
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ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने 2007 से 2026 के बीच 439 मैचों में 14,284 रन बनाए हैं. वॉर्नर का औसत 37.29 का है, जो इस सूची के शीर्ष बल्लेबाजों में काफी बेहतर माना जाता है. उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल्स के लिए आईपीएल में जो निरंतरता दिखाई, वही उनके करियर की सबसे बड़ी पूंजी है. उनके नाम 10 शतक और 118 अर्धशतक दर्ज हैं, जो उनकी लंबी पारियां खेलने की क्षमता को दर्शाते हैं.

इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर ने बहुत कम समय में 505 मैचों में 14,200 रन पूरे कर लिए हैं. बटलर की बल्लेबाजी में क्लास और पावर का अद्भुत मिश्रण है. राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने जिस तरह से रनों का अंबार लगाया, उसने उन्हें ‘मॉडर्न डे ग्रेट’ बना दिया है. बटलर का स्ट्राइक रेट 146.21 का है और वह अब तक 8 शतक जड़ चुके हैं. वे जिस गति से रन बना रहे हैं, उसे देखते हुए वह जल्द ही शीर्ष तीन में शामिल हो सकते हैं.

भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने टी-20 प्रारूप में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. 426 मैचों में 14,027 रनों के साथ वह 14 हजारी क्लब में शामिल हो चुके हैं. कोहली की सबसे बड़ी ताकत उनका 42.25 का औसत है, जो दुनिया के किसी भी अन्य बल्लेबाज से काफी ज्यादा है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और टीम इंडिया के लिए खेलते हुए उन्होंने 10 शतक और 108 अर्धशतक लगाए हैं. कोहली आंकड़ों से ज्यादा अपनी तकनीक और परिस्थितियों के अनुसार खेलने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं.

अगर हम इन आंकड़ों की गहराई में जाएं, तो देखते हैं कि क्रिस गेल और कीरोन पोलार्ड ने छक्कों के जरिए अपनी सत्ता कायम की. जहां गेल के नाम 1000 से ज्यादा छक्के हैं, वहीं पोलार्ड भी 1000 के आंकड़े के करीब हैं. दूसरी ओर, एलेक्स हेल्स और डेविड वॉर्नर जैसे बल्लेबाजों ने चौकों (4s) पर ज्यादा भरोसा दिखाया है. हेल्स ने 1560 और वॉर्नर ने 1464 चौके लगाकर यह साबित किया है कि बिना जोखिम लिए भी तेजी से रन बनाए जा सकते हैं.

इन सभी खिलाड़ियों के करियर को गौर से देखें, तो पता चलता है कि इनकी सफलता में आईपीएल, पीएसएल, बिग बैश और सीपीएल जैसी लीग्स का बड़ा योगदान रहा है. क्रिस गेल ने अपने करियर में 28 अलग-अलग टीमों का प्रतिनिधित्व किया, जबकि पोलार्ड ने 23 और हेल्स ने 22 टीमों के लिए खेला. यह दिखाता है कि ये खिलाड़ी दुनिया के हर कोने और हर तरह की पिचों पर रन बनाने में सक्षम हैं.

मौजूदा आंकड़ों में गेल भले ही सबसे ऊपर हों, लेकिन पोलार्ड, हेल्स और वॉर्नर जिस तरह से 2026 तक सक्रिय हैं, गेल का रिकॉर्ड अब सुरक्षित नहीं है. विशेष रूप से एलेक्स हेल्स और जोस बटलर जिस फॉर्म में हैं, वे अगले एक साल के भीतर टी-20 इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाज बन सकते हैं. फिटनेस और फॉर्म इस रेस में सबसे निर्णायक कारक होंगे.

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि अब टी-20 क्रिकेट केवल पावर-हिटर्स का खेल नहीं रह गया है। विराट कोहली और डेविड वॉर्नर जैसे खिलाड़ी, जो दौड़कर रन बनाने और तकनीक पर भरोसा करते हैं, वे भी उतने ही सफल हैं जितने कि गेल या पोलार्ड. यह विविधता ही टी-20 क्रिकेट को दुनिया का सबसे लोकप्रिय प्रारूप बनाती है. आने वाले समय में 15,000 रनों का आंकड़ा छूना इन बल्लेबाजों का अगला बड़ा लक्ष्य होगा.


