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बचे 2 मैच जीतकर भी 15 अंक तक ही पहुंच पाएगी KKR, समझिए प्लेऑफ का पूरा गुणा-भाग

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बचे 2 मैच जीतकर भी 15 अंक तक पहुंच पाएगी KKR, समझिए प्लेऑफ का पूरा गुणा-भाग

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IPL 2026 kkr playoff scenario: कोलकाता नाइटराइडर्स ने गुजरात टाइटंस को आईपीएल के 60वें मुकाबले में हराकर प्लेऑफ की अपनी उम्मीदें बरकरार रखी हैं. अपने होम ग्राउंड ईडन गार्डन्स में केकेआर ने सीजन की 5वीं जीत दर्ज की. इससे उसके 12 मैचों में 11 अंक हो गए हैं और टीम सातवें स्थान पर है. यहां से केकेआर को प्लेऑफ में जगह बनानी है तो क्या करना होगा? चलिए जानते हैं…

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केकेआर के लिए प्लेऑफ का समीकरण.

नई दिल्ली. कोलकाता नाइट राइडर्स ने ईडन गार्डन्स पर खेले गए आईपीएल 2026 के एक बेहद अहम मुकाबले में गुजरात टाइटंस को 29 रनों से हरा दिया. इस जीत के साथ ही केकेआर टूर्नामेंट से बाहर होने से बच गई है और प्लेऑफ में पहुंचने की उसकी उम्मीदें अभी भी जिंदा हैं. यह मैच केकेआर के लिए कई मायनों में यादगार रहा. टीम के स्टार स्पिनर सुनील नरेन अपना 200वां आईपीएल मैच खेलने उतरे थे. वह आईपीएल में 200 मुकाबले खेलने वाले पहले ओवरसीज प्लेयर बन गए. वहीं, केकेआर ने ईडन गार्डन्स के मैदान पर अपना 100वां मैच खेला. केकेआर की इस जीत के बाद फैंस जानने के लिए बेताब हैं कि यहां से अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली ये टीम कैसे प्लेऑफ का टिकट कटा सकती है. चलिए हम समीकरण समझने की कोशिश करते हैं.

प्लेऑफ में कैसे पहुंचेगी केकेआर?
इस जीत के बाद केकेआर के 12 मैचों में 11 अंक हो गए हैं. प्लेऑफ में जगह बनानी है तो केकेआर को सबसे पहले अपने बचे दोनों लीग मैच जीतने होंगे. 20 मई को उसकी टक्कर मुंबई इंडियंस से है, जबकि 24 मई को केकेआर का सामना दिल्ली कैपिटल्स से होगा. अगर केकेआर ये दोनों मैच जीत जाती है, तो वह अधिकतम 15 अंकों तक पहुंच सकती है. चूंकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस पहले ही 16-16 अंकों के साथ आगे निकल चुके हैं, इसलिए केकेआर तीसरे या चौथे स्थान के लिए सनराइजर्स हैदराबाद, पंजाब किंग्स, राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी टीमों से मुकाबला कर रही है.

दूसरी टीमों के नतीजों पर निर्भरता
केकेआर के लिए सिर्फ 15 अंक हासिल करना ही काफी नहीं होगा, क्योंकि उसकी किस्मत अब दूसरी टीमों के प्रदर्शन पर भी टिकी रहेगी. केकेआर को आगे बढ़ने के लिए नीचे दिए गए 4 समीकरणों में से कम से कम दो का होना जरूरी है.

सनराइजर्स हैदराबाद (14 अंक) अपने बचे हुए दोनों मैच (चेन्नई और बेंगलुरु के खिलाफ) हार जाए, ताकि उनके 14 अंक ही रहें. पंजाब किंग्स (13 अंक)अपने बचे हुए मैचों (बेंगलुरु या लखनऊ के खिलाफ) में से कम से कम एक मैच जरूर हारे. राजस्थान रॉयल्स (12 अंक) अपने बचे हुए तीन मैचों (दिल्ली, लखनऊ या मुंबई के खिलाफ) में से कम से कम दो मैच हारे. चेन्नई सुपर किंग्स (12 अंक) अपने बचे हुए मैचों (हैदराबाद या गुजरात के खिलाफ) में से कम से कम एक मैच जरूर हारे.

केकेआर को बड़े अंतर से जीतने होंगे अपने बचे दोनों मुकाबले.

नेट रन रेट की बड़ी चुनौती
गुजरात पर 29 रनों की जीत से केकेआर के नेट रन रेट में थोड़ा सुधार जरूर है, लेकिन यह अब भी माइनस में (-0.040) है. यह केकेआर के लिए एक बड़ी मुसीबत है, क्योंकि उनके साथ रेस में पंजाब किंग्स (+0.355) और सनराइजर्स हैदराबाद (+0.331) का रन रेट कहीं बेहतर है. इसका सीधा मतलब यह है कि अगर अंक बराबर होते हैं, तो केकेआर पिछड़ सकती है. इसलिए केकेआर को न सिर्फ अपने आखिरी दोनों मैच जीतने होंगे, बल्कि वे मैच बहुत बड़े अंतर से जीतने होंगे ताकि उनका नेट रन रेट दूसरी टीमों से बेहतर हो सके.

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Shivam Upadhyay

शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें



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