नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट को अक्सर धैर्य और तकनीक का खेल माना जाता है. लेकिन इतिहास के पन्नों में कुछ दिन ऐसे भी दर्ज हैं जब बल्लेबाजों ने मैदान पर मानो तूफान ला दिया हो. लाल गेंद से खेले जाने वाले इस फॉर्मेट में एक दिन में 500 से अधिक रन बनना किसी चमत्कार से कम नहीं लगता, लेकिन दुनिया की 5 ऐसी टीमें रही हैं जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से इस ‘असंभव’ को संभव कर दिखाया है. आइए, टेस्ट क्रिकेट के उन ऐतिहासिक दिनों का सफर करते हैं जब रनों की बारिश ने रिकॉर्ड्स की पुरानी इमारतों को ढहा दिया.
टेस्ट इतिहास में एक दिन में सबसे ज्यादा रन बनाने का ऑलटाइम रिकॉर्ड इंग्लैंड और भारत के बीच साल 1936 में खेले गए मैनचेस्टर टेस्ट के नाम है. खेल के दूसरे दिन (25 जुलाई) बल्लेबाजों ने इतिहास रच दिया. उस एक दिन में 588 रन बोर्ड पर लग गए. इस दिन की खासियत यह थी कि रनों का योगदान दोनों तरफ से आया. इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में दिग्गज वॉली हैमंड के 167 रनों की बदौलत रनों का पहाड़ खड़ा किया, तो जवाब में भारत के विजय मर्चेंट (Vijay Merchant) और मुश्ताक अली (Mushataq Ali) की सलामी जोड़ी ने भी अंग्रेज गेंदबाजों को दिन का चैन नहीं लेने दिया. उस दिन गिरे सिर्फ 6 विकेट इस बात का प्रमाण थे कि पिच पर सिर्फ और सिर्फ बल्लेबाजों का राज था.
वो 5 क्रिकेट टीमें, जिन्होंने एक दिन में खड़ा किया रनों का पहाड़.
क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर 1924 में एक ऐसा नजारा दिखा जिसने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया. इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच मैच के दूसरे दिन बल्लेबाजों ने 522 रन कूट डाले. दिलचस्प बात यह है कि पूरे दिन में सिर्फ 2 विकेट गिरे. यह आंकड़ा आज के टी-20 युग में भी हैरान करने वाला है. इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दक्षिण अफ्रीकी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए टेस्ट क्रिकेट को एक नया आयाम दिया था.
कोलंबो का कोहराम
एशियाई पिचों पर जब श्रीलंका की टीम अपने चरम पर थी, तब साल 2002 में कोलंबो के मैदान पर बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने इतिहास रचा. मैच के दूसरे दिन कुल 509 रन बने. श्रीलंका के बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए. हालांकि इस दौरान बांग्लादेशी गेंदबाजों ने 9 विकेट झटके, लेकिन वे रनों की गति को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे. यह आधुनिक युग के उन चुनिंदा मैचों में से एक था जहां टेस्ट मैच, वन-डे की रफ्तार से आगे बढ़ा.
इंग्लैंड बनाम दक्षिण अफ्रीका ओवल का संग्राम
इंग्लैंड की टीम इस लिस्ट में बार-बार नजर आती है, जो उनके आक्रामक खेल की परंपरा को दर्शाता है. 1935 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ओवल टेस्ट के तीसरे दिन कुल 508 रन बने थे. 8 विकेटों के नुकसान पर बने इन रनों ने उस दौर के क्रिकेट प्रेमियों को रोमांचित कर दिया था. यह वह दौर था जब टेस्ट मैचों में ‘ड्रॉ’ से बचने के लिए टीमें तेजी से रन बनाने की रणनीति अपनाने लगी थीं.
पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड रावलपिंडी का ‘बैजबॉल’ धमाका
लिस्ट में सबसे ताजा और शायद सबसे प्रभावशाली रिकॉर्ड 1 दिसंबर 2022 को बना. रावलपिंडी की बेजान पिच पर इंग्लैंड ने टेस्ट क्रिकेट खेलने का तरीका ही बदल दिया. मैच के पहले ही दिन इंग्लैंड ने 506 रन बनाकर दुनिया को हैरान कर दिया. यह टेस्ट इतिहास में पहले दिन बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर है. जैक क्राउली, बेन डकेट, ओली पोप और हैरी ब्रूक इन चार बल्लेबाजों ने एक ही दिन में शतक जड़कर पाकिस्तान के गेंदबाजों को असहाय कर दिया. ‘बैजबॉल’ के नाम से मशहूर इंग्लैंड की इस आक्रामक शैली ने लगभग 112 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया.
मैनचेस्टर टेस्ट आज भी कुल रनों के मामले में टॉप पर
अगर इन आंकड़ों की तुलना करें, तो 1936 का मैनचेस्टर टेस्ट आज भी कुल रनों के मामले में टॉप पर है, क्योंकि वहां दोनों टीमों (भारत और इंग्लैंड) ने मिलकर रन बनाए थे. लेकिन यदि किसी एक टीम के प्रभुत्व की बात करें, तो 2022 में पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड का प्रदर्शन सबसे भयावह था, क्योंकि उन्होंने पहले ही दिन मात्र 75 ओवरों में 500 का आंकड़ा पार कर लिया था. पुराने दौर में जहां पिचें और खेल की परिस्थितियां अलग थीं, वहां 500 प्लस रन बनाना धैर्य का परिणाम होता था, लेकिन आधुनिक ‘बैजबॉल’ युग में यह शुद्ध आक्रामकता और निडरता का प्रतीक बन चुका है. ये पांचों मैच इस बात की गवाही देते हैं कि जब बल्ला चलता है, तो टेस्ट क्रिकेट की धीमी रफ्तार भी तूफान में बदल सकती है.


