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भीषण गर्मी और उमस के बीच बलिया जिला अस्पताल से सामने आया वायरल वीडियो स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है. घंटों बिजली गुल रहने और जनरेटर समय पर चालू न होने से वार्डों में मरीज तड़पते नजर आए. अस्पताल में अंधेरा, उमस और बेचैनी का माहौल बना रहा, यहां तक कि इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित होने के आरोप लगे. स्थानीय लोगों ने इसे गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार बताया है, जबकि अस्पताल प्रशासन बार-बार बिजली कटौती को समस्या की वजह बता रहा है. वायरल वीडियो के बाद जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल तेज हो गए हैं.
बलिया. दिन में चिलचिलाती धूप और रात को उमस भरी गर्मी में जब लोग घरों में भी चैन नहीं पा रहे हैं. तब जिला अस्पताल बलिया से सामने आई तस्वीर ने पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. अस्पताल में घंटों बिजली गुल रहने से मरीज बेहाल और परिजन हाथ वाले पंखे से किसी तरह राहत पहुंचाने की कोशिश करते खुद से वीडियो बनाकर वायरल किए हुए हैं. हालात इतने खराब बताए जा रहे हैं, कि वार्डो में उमस, अंधेरा और बेचैनी का माहौल बना हुआ है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि, इमरजेंसी में भी जनरेटर व्यवस्था नाकाम नजर आ रहा है. अब वायरल वीडियो ने अस्पताल प्रशासन की तैयारी और स्वास्थ्य विभाग की हकीकत यानि पूरे सिस्टम का पोल खोल कर रख दिया है.
वायरल वीडियो में मरीज बोल रहे हैं कि, आधे घंटे से लाइट नहीं है. यहां पर बहुत गर्मी हो रही है. मरीज की तड़प सही नहीं जा रही है. यहां इलाज कराने कैसे आएगा आदमी, जब स्वस्थ ही नहीं रहेगा. लाइट कटने के बाद यहां जनरेटर भी नहीं चल पा रहा है. एक बार बिजली कटने के बाद बहुत देर के बाद आ रही है और बार-बार यही रवैया मरीज को बेचैन कर रहा है. बलिया के आनंद नगर निवासी वरिष्ठ नागरिक लक्ष्मण यादव ने कहा कि, जिला अस्पताल में पहले लाइट कटने के बाद इनवर्टर की व्यवस्था थी. बाद में जिला अस्पताल के लिए 24 घंटे की बिजली की व्यवस्था की गई. इसके बाद जब कभी केबल में फाल्ट आता था, तो जनरेटर चलता था, जिसके लिए अस्पताल में तेल और बजट की व्यवस्था भी है. अब ऐसी स्थिति में वह भी भीषण गर्मी में अगर बिजली कट रही है, तो यह पूरी तरह से भ्रष्टाचार है.
घंटो तक चालू नहीं हो रहा जनरेटर
इस दौरान जनरेटर घंटों चालू नहीं हो रहा है, तो यह विभाग की पूरी तरह से लापरवाही है. जिम्मेदार कुंभकर्णीय नींद में सो रहे हैं. अगर जिला अस्पताल का इनवर्टर खराब हो गया है, तो उसको बनवाया क्यों नहीं गया?. सरकार बार-बार हीट वेव को लेकर चेतावनी दे रही है, लेकिन यह जिला अस्पताल इतना लापरवाह क्यों है?. यहां सारी व्यवस्थाएं फेल है. उमस भरी रात बिताना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है. न केवल जिला अस्पताल, बल्कि पूरे शहर में लक्ष्मण यादव का दावा है कि, 24 घंटे में सही से अधिकतम 4 से 5 घंटे ही बिजली मिल पा रही है. वहीं जिला अस्पताल बलिया के CMS डॉ. एसके यादव ने कहा कि, जनरेटर सही है, लेकिन बार बार बिजली कटने से जनरेटर चालू होने में समय लग रहा है, जिससे थोड़ी बहुत मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो बहुत जल्द खत्म हो जाएगी.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें


