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आईपीएल का रोमांच भी फीका… एक गेंद पर बने 286 रन, बल्लेबाजों ने दौड़ लिए 6 किलोमीटर, क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा चमत्कार

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नई दिल्ली. आईपीएल का खुमार हर किसी के सिर चढ़कर बोल रहा है. क्रिकेट खेल ही ऐसा है कि हर गेंद पर बदलता रोमांच और हार-जीत के बीच झूलती सांसें दर्शकों को बांधे रखती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा वाकया भी दर्ज है, जिसके सामने आज के टी-20 और आईपीएल के बड़े से बड़े रोमांचक मैच भी फीके नजर आते हैं. क्रिकेट की दुनिया में एक ऐसी विचित्र और अविश्वसनीय घटना घटी थी, जब सिर्फ 1 गेंद पर 286 रन बन गए. पहली बार में यह किसी काल्पनिक कहानी या सोशल मीडिया का कोई ‘फेक वीडियो’ लग सकता है, लेकिन इतिहास के पन्नों में इस घटना का जिक्र मिलता है.

कुछ समय पहले इंस्टाग्राम के एक अकाउंट @bdm_cricket_fans पर एक वीडियो पोस्ट किया गया था, जिसमें इस हैरान कर देने वाले मैच का दावा किया गया. आज के दौर में जब हर बात पर भरोसा करना मुश्किल होता है, तो क्रिकेट प्रेमियों ने इसपर भी सवाल उठाए. लेकिन जब क्रिकेट जगत की सबसे विश्वसनीय वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो के दस्तावेजों को खंगाला गया, तो इस घटना की गहराई और सच्चाई सामने आई. क्रिकेट इतिहास के जानकारों के मुताबिक, इस अनोखी घटना का इकलौता और मुख्य सोर्स उस दौर का मशहूर अंग्रेजी अखबार ‘पॉल मॉल गजट’ (Pall Mall Gazette) था. 19वीं सदी के अंत में घटी इस घटना के समय आधुनिक कैमरे या वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा तो नहीं थी, लेकिन ‘पॉल मॉल गजट’ की इस रिपोर्ट को बाद में दुनिया भर के कई प्रतिष्ठित अखबारों ने भी प्रमुखता से छापा था, जो इसके सच होने की गवाही देता है.

132 साल पहले क्रिकेट के एक मैच में एक गेंद पर 286 रन बल्लेबाजों ने दौड़कर बनाए.

15 जनवरी 1894 को जब मैदान पर हुआ ‘चमत्कार’
यह दिलचस्प मैच आज से करीब 132 साल पहले, यानी 15 जनवरी 1894 को पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के बॉनबरी मैदान पर खेला गया था. यह मैच ‘विक्टोरिया’ और ‘स्क्रैच-XI’ नाम की दो स्थानीय टीमों के बीच खेला जा रहा था. मैच की शुरुआत सामान्य तरीके से हुई थी. विक्टोरिया टीम के बल्लेबाज क्रीज पर मौजूद थे. गेंदबाज ने गेंद फेंकी और बल्लेबाज ने उस पर एक करारा शॉट खेला. शॉट इतना जोरदार था कि गेंद बाउंड्री पार जाने के बजाय, मैदान के अंदर ही लगे एक ऊंचे और घने पेड़ की टहनियों के बीच जाकर अटक गई.

पेड़ पर अटकी गेंद और नियमों का फेरबदल
जैसे ही गेंद पेड़ पर अटकी, बल्लेबाजों ने सूझबूझ दिखाई और पिच पर रनों के लिए दौड़ना शुरू कर दिया. दूसरी तरफ, फील्डिंग कर रही टीम (स्क्रैच-XI) के खिलाड़ी गेंद को पेड़ से निकालने की जद्दोजहद में जुट गए. गेंद इतनी ऊंचाई पर फंसी थी कि वहां तक हाथ पहुंचना नामुमकिन था. थक-हारकर फील्डिंग टीम ने अंपायर से अपील की कि वे इस गेंद को ‘लॉस्ट बॉल’ (खोई हुई गेंद) घोषित कर दें, ताकि बल्लेबाज रन लेना बंद कर दें. लेकिन अंपायर ने नियमों का हवाला देते हुए इस अपील को साफ खारिज कर दिया. अंपायर का तर्क था कि गेंद साफ नजर आ रही है, इसलिए उसे ‘खोया हुआ’ नहीं माना जा सकता. बस फिर क्या था, अंपायर के इस फैसले ने बल्लेबाजों के हौसले बढ़ा दिए और वे लगातार विकेटों के बीच दौड़ते रहे.

कुल्हाड़ी से लेकर राइफल तक का ड्रामा
मैदान पर अब क्रिकेट मैच नहीं, बल्कि एक थ्रिलर फिल्म जैसा नजारा था.फील्डिंग टीम ने पेड़ काटकर गेंद निकालने के लिए कुल्हाड़ी मंगवाने की कोशिश की, लेकिन पूरे मैदान या आसपास कहीं कुल्हाड़ी नहीं मिल सकी. समय बीतता जा रहा था और स्कोरबोर्ड की सुई बुलेट ट्रेन की रफ्तार से भाग रही थी. आखिरकार, एक अनोखा रास्ता निकाला गया. मैदान पर एक राइफल (बंदूक) मंगवाई गई! फील्डिंग टीम के एक खिलाड़ी ने पेड़ पर फंसी गेंद को निशाना बनाकर गोली चलाई.कई कोशिशों के बाद आखिरकार गोली गेंद पर लगी और वह पेड़ से नीचे गिरी.

जब थककर चूर हो गए खिलाड़ी
जब तक गेंद नीचे गिरी, तब तक फील्डिंग टीम के खिलाड़ी मानसिक और शारीरिक रूप से इतने हताश और थक चुके थे कि किसी ने गेंद को कैच करने की कोशिश तक नहीं की. वहीं दूसरी तरफ, विक्टोरिया टीम के दोनों बल्लेबाज पिच पर दौड़ते-दौड़ते हांफ रहे थे. जब तक गेंद को जमीन से उठाकर वापस अंपायर तक पहुंचाया गया, तब तक दोनों बल्लेबाजों ने दौड़कर 286 रन पूरे कर लिए थे. वैज्ञानिकों और खेल विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, 286 रन बनाने के लिए उन बल्लेबाजों को 22 गज की पिच पर करीब 6 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी थी.

इतिहास का सबसे अनोखा मैच
क्रिकेट के इतिहास में न तो इससे पहले और न ही इसके बाद कभी ऐसा वाकया दोबारा देखा गया. आज के दौर में जहां एक-एक रन के लिए कड़ा मुकाबला होता है, वहीं एक गेंद पर इतने रन बन जाना किसी चमत्कार से कम नहीं लगता. यही वजह है कि आज भी जब लोग इस घटना के बारे में सुनते हैं, तो दातों तले उंगलियां दबा लेते हैंय. यह वाकया हमें याद दिलाता है कि क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अनिश्चितताओं और कभी न खत्म होने वाले रोमांच का दूसरा नाम है.



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