नई दिल्ली. वनडे विश्व कप के इतिहास में आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ कि टूर्नामेंट की मेजबानी करने वाला कोई देश मुख्य प्रतियोगिता से ही पूरी तरह बाहर हो जाए. लेकिन साल 2027 में होने वाले आगामी वनडे विश्व कप में यह अनचाहा और ऐतिहासिक उलटफेर हकीकत में बदल सकता है. इस समय संकट की सबसे तेज तलवार जिस देश के ऊपर लटकी हुई है, वह कोई और नहीं बल्कि संयुक्त मेजबान नामीबिया है. जो समीकरण इस वक्त बनते दिख रहे हैं, वे इसी ओर इशारा कर रहे हैं कि नामीबिया के हाथ से अपने ही घर में खेलने का ऐतिहासिक मौका छिटक सकता है.
साल 2027 का आईसीसी वनडे विश्व कप अफ्रीकी महाद्वीप के तीन देशों साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाना तय हुआ है. आईसीसी के मौजूदा नियमों के अनुसार, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के ‘फुल मेंबर’ (पूर्ण सदस्य) होने के नाते साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को इस मेगा टूर्नामेंट में सीधे एंट्री (डायरेक्ट क्वालिफिकेशन) मिल चुकी है.
नामीबिया क्रिकेट टीम पर 2027 वनडे विश्व कप से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है.
असली पेंच नामीबिया के साथ फंसा है. नामीबियाई क्रिकेट टीम के शानदार उभार के बावजूद वह अभी भी आईसीसी की केवल एक ‘एसोसिएट मेंबर’ ही है. आईसीसी के कड़े नियमों के मुताबिक, किसी भी एसोसिएट मेंबर देश को सिर्फ मेजबान होने के नाते विश्व कप में सीधा प्रवेश नहीं दिया जा सकता. इसका सीधा मतलब यह है कि नामीबिया को दुनिया की बाकी एसोसिएट टीमों की तरह ही मैदान पर पसीना बहाकर और कड़े क्वालिफिकेशन दौर से गुजरकर विश्व कप का टिकट हासिल करना होगा. लेकिन मौजूदा हालात गवाही दे रहे हैं कि नामीबिया के लिए यह रास्ता दिनोंदिन बेहद पथरीला और नामुमकिन सा होता जा रहा है.
लीग 2 के चक्रव्यूह में फंसी नामीबियाई टीम
आईसीसी की ओर से इस समय साल 2027 के विश्व कप में क्वालिफिकेशन तय करने के लिए ‘क्रिकेट विश्व कप लीग 2’ का आयोजन किया जा रहा है। इस लीग में कुल 8 एसोसिएट टीमें एक-दूसरे के खिलाफ भिड़ रही हैं. इस टूर्नामेंट का नियम बेहद सीधा और क्रूर है पॉइंट टेबल की केवल टॉप-4 टीमें ही सीधे मुख्य वर्ल्ड कप क्वालीफायर राउंड के लिए आगे बढ़ेंगी. वहीं, नीचे रहने वाली बाकी 4 टीमों को एक बेहद पेचीदा और मुश्किल रास्ते (क्वालीफायर प्लेऑफ) से होकर गुजरना पड़ेगा, जिसे करीब-करीब ‘एलिमिनेशन’ ही समझा जाना चाहिए.
फिलहाल नामीबिया की स्थिति इस चक्रव्यूह में बेहद नाजुक बनी हुई है. अंक तालिका में शीर्ष चार में पहुंचने की उसकी उम्मीदें हर बीतते मैच के साथ धुंधली होती जा रही हैं. वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो: यूएसए अंक तालिका में पहले स्थान पर मजबूती से काबिज है. स्कॉटलैंड दूसरे स्थान पर अपनी स्थिति सुरक्षित किए हुए है. ओमान तीसरे स्थान पर मौजूद है. नीदरलैंड्स 28 अंकों के साथ फिलहाल चौथे स्थान पर है. नेपाल अपने पिछले मैच जीतकर 22 अंकों और बेहतर नेट रन रेट के साथ पांचवें स्थान पर पहुंच गया है.
नामीबिया फिलहाल छठे स्थान पर खिसक चुका है.
नामीबिया के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति
अंक तालिका का गणित नामीबिया के लिए किसी डरावने सपने जैसा है. नामीबिया के पास इस वक्त 22 अंक हैं. हालांकि, नेपाल के भी 22 ही अंक हैं, लेकिन बेहतर नेट रन रेट होने की वजह से नेपाल पांचवें स्थान पर काबिज है और उसने नामीबिया को पीछे धकेल दिया है. नामीबिया के लिए असली चुनौती नंबर 4 पर मौजूद नीदरलैंड्स की टीम है, जिसके पास वर्तमान में 28 अंक हैं. यानी नामीबिया को अगर टॉप-4 में सीधे जगह बनानी है, तो उसे कम से कम 6 से अधिक अंकों के फासले को पाटना होगा. क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि मौजूदा फॉर्म और बचे हुए मैचों को देखते हुए नामीबिया का यहां से सीधे चौथे स्थान पर पहुंचना किसी चमत्कार से कम नहीं होगा. अब नामीबिया के लिए स्थिति ‘करो या मरो’ वाली हो चुकी है; उसे न सिर्फ अपने आने वाले सभी मैच हर हाल में जीतने होंगे, बल्कि दूसरी टीमों के हारने की दुआ भी करनी होगी.
क्या है 2027 विश्व कप का पूरा फॉर्मेट?
2027 में होने वाले वनडे विश्व कप में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें से 10 टीमें सीधे प्रवेश पाएंगी, जिसमें आईसीसी रैंकिंग की टॉप-8 टीमें और 2 फुल मेंबर मेजबान देश (साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे) शामिल हैं. इसके बाद जो शेष 4 स्थान बचेंगे, उसके लिए मुख्य वर्ल्ड कप क्वालीफायर में 10 टीमों के बीच जंग होगी. इस मुख्य क्वालीफायर की टॉप-4 टीमें ही अंततः विश्व कप का मुख्य टिकट हासिल कर पाएंगी. लीग 2 की नीचे की चार टीमों के लिए इस मुख्य क्वालीफायर तक पहुंचना ही अपने आप में लोहे के चने चबाने जैसा है.
अगर नामीबिया बाहर हुआ, तो बनेगा एक अनचाहा इतिहास
क्रिकेट इतिहास में ऐसा कई बार हुआ है जब बड़ी टीमें विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाईं (जैसे 2023 में दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज बाहर हो गई थी), लेकिन किसी मेजबान देश का ही अपनी सरजमीं पर होने वाले टूर्नामेंट से गायब होना क्रिकेट जगत ने कभी नहीं देखा. यदि नामीबिया लीग 2 के टॉप-4 में जगह बनाने में नाकाम रहता है, तो उसे प्लेऑफ का वो सबसे कठिन रास्ता चुनना होगा, जहां चूकने की कोई गुंजाइश नहीं होती. अगर नामीबिया आधिकारिक तौर पर बाहर हो जाता है, तो यह विश्व क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा अनचाहा और ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज कर देगा जो आने वाले कई दशकों तक याद रखा जाएगा. नामीबिया की टीम इस समय भारी दबाव में है, उम्मीदें अभी कागजों पर जिंदा जरूर हैं, लेकिन हकीकत की पिच पर आगे का रास्ता बेहद संकरा हो चुका है.


