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Muzaffarnagar News: फिल्म बंटी-बबली की तरह ही एक प्रेमी जोड़े ने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और अब दोनों जोड़े पुलिस के चंगुल में फंस गए हैं. हाई स्कूल और इंटर पास यह गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड अब तक करीब 20 लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं. मुजफ्फरनगर में भी इन्होंने एक महिला से 5 लाख रुपये हड़प लिए.
मुजफ्फरनगर पुलिस ने साइबर ठगों को किया गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर: फिल्म ‘बंटी और बबली’ की तर्ज पर दिल्ली के एक प्रेमी जोड़े ने फिल्मों और टीवी सीरियल से आइडिया लेकर फर्जी CBI और कस्टम अधिकारी बनकर लोगों से लाखों की ठगी की है. हाई स्कूल और इंटर पास यह गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड अब तक करीब 20 लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं. मुजफ्फरनगर में भी इन्होंने एक महिला से 5 लाख रुपये हड़प लिए.
शाहपुर थाना क्षेत्र निवासी इकरा नाम की महिला ने 4 अप्रैल को पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में बताया कि कुछ दिन पहले उनके व्हाट्सएप पर हिदायतुल्लाह नाम के एक व्यक्ति से बातचीत शुरू हुई थी. जांच में सामने आया कि यह व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि दिल्ली का रहने वाला मंसूर अहमद था, जो फर्जी पहचान से इकरा से बात कर रहा था.
ब्लैकमेल कर 5 लाख की ठगी
मंसूर ने पहले इकरा से बहन बनकर नजदीकियां बढ़ाईं और उसकी और परिवार की पूरी जानकारी जुटाई. इसके बाद अपनी गर्लफ्रेंड रोजी के साथ मिलकर फर्जी आईडी के माध्यम से कभी खुद को CBI अधिकारी, तो कभी कस्टम अधिकारी बताकर इकरा और उसके परिवार को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और इस जोड़े ने इकरा से 5 लाख रुपये वसूल लिए.
परेशान होकर इकरा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया. सर्विलांस सेल की मदद से की गई जांच के बाद रविवार को पुलिस ने दिल्ली से इस प्रेमी जोड़े, मंसूर अहमद और रोजी को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से 3 डेबिट कार्ड, 3 मोबाइल फोन, 1 फर्जी आईडी कार्ड, 1 फर्जी सर्च वारंट, 1 पासबुक और लगभग 2 लाख रुपये नकद बरामद किए. बरामद सर्च वारंट वही फॉर्मेट था, जैसा CBI अधिकारी इस्तेमाल करते हैं.
खर्च पूरे करने के लिए करते थे ठगी
पुलिस पूछताछ में रोजी और मंसूर ने स्वीकार किया कि अपने खर्च पूरे करने के लिए उन्होंने फिल्मों और सीरियल देखकर यह तरीका अपनाया. वे सोशल मीडिया के जरिए भोले-भाले लोगों से पहले दोस्ती करते, फिर व्हाट्सएप और फेसबुक के माध्यम से उनकी कमाई, आय के स्रोत और टैक्स संबंधी जानकारियां जुटाते और खुद को CBI या कस्टम अधिकारी बताकर उन पर दबाव बनाकर ब्लैकमेल करते थे. इस तरह वे अब तक 15 से 20 मामलों में ठगी कर चुके हैं और कई लाख रुपये कमा चुके हैं.
पुलिस की जांच में बड़ी कार्रवाई
एसएसपी मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा ने बताया कि साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिले की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है. इकरा के मामले में भी तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई, जिसने तकनीकी निगरानी और विभिन्न प्रकार के कैमरों की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. एसएसपी के अनुसार, मंसूर अहमद मूल रूप से बिजनौर का निवासी है, लेकिन इस समय दिल्ली में रहकर सैलून में काम करता है. वहीं रोजी के पिता टेलर का काम करते हैं. दोनों हाई स्कूल/इंटर पास हैं.
पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल किया है और बताया कि वे फिल्मों और कुछ वेब सीरियल देखकर CBI और कलेक्टर जैसे अफसरों की नकल करते हुए लोगों को फंसाने की योजना बनाते थे. महिला रोजी खासतौर पर अपने दिल की बातें और भावनात्मक कहानियां सुनाकर सामने वाले से परिवार और आर्थिक स्थिति की पूरी जानकारी ले लेती थी, फिर उसी आधार पर ब्लैकमेल किया जाता था.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.


