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राइट टू एजुकेशन एक्ट के अनुसार दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बिना टीसी के दाखिला संभव है. कोई भी स्कूल टीसी न होने पर दाखिले से इनकार नहीं कर सकता है, जबकि ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जब स्कूल टीसी के बिना दाखिला नहीं दे रहे.
दिल्ली में स्कूल में एडमिशन के लिए क्या टीसी जरूरी है? जानें नियम
‘हाल ही में दिल्ली के वेस्ट विनोद नगर में रहने वाले एक शख्स अपनी बेटी को दिल्ली के सर्वोदय कन्या विद्यालय में 9वीं कक्षा में दाखिले के लिए लेकर गए. उनके पास एडमिशन के लिए जरूरी सभी डॉक्यूमेंट थे सिवाय टीसी के. तभी स्कूल की प्रिंसिपल ने कहा कि बच्ची का एडमिशन बिना टीसी के नहीं हो सकता है. यहां तक कि उन्होंने दाखिले का आवदेन लेने से भी इनकार कर दिया और टीसी लेकर आने के लिए कहा, परेशान पति की समझ में नहीं आ रहा था कि टीसी तो बाद में भी जमा कराई जा सकती है, लेकिन क्यों स्कूल वाले टीसी के बिना दाखिला नहीं ले रहे. क्या सच में टीसी के बिना स्कूल में एडमिशन नहीं मिल सकता है?’
यह घटना पहली नहीं है, ऐसे और भी कई मामले सामने आ चुके हैं जब बच्चों को कोई न कोई बात कहकर स्कूल में दाखिले से रोक दिया जाता है, लेकिन टीसी की वजह सेएडमिशन से रोका जा सकता है या नहीं, आइए आपको बताते हैं..
बता दें कि राइट टू एजुकेशन (RTE) एक्ट की धारा 5(2) और 5(3) स्पष्ट रूप से कहती है कि किसी भी बच्चे को टीसी न होने या उसमें देरी के कारण एडमिशन देने से इनकार नहीं किया जा सकता. पुराने स्कूल का प्रधानाध्यापक या शिक्षक टीसी तुरंत जारी करने के लिए बाध्य हैं. देरी होने पर नया स्कूल बच्चे को उम्र के अनुरूप कक्षा में दाखिला दे सकता और बाद में टीसी मंगवा सकता है. RTE का मकसद है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे.
इतना ही नहीं दिल्ली सरकार के 2021 के आदेश में भी साफ कहा गया था कि प्राइवेट स्कूल से सरकारी स्कूल में आने वाले छात्रों को बिना टीसी के एडमिशन मिलना चाहिए. खुद दिल्ली के शिक्षा मंत्री रहे मनीष सिसोदिया ने कुछ साल पहले इस मुद्दे को उठाया था और कहा था कि बच्चों को टीसी के नाम पर दाखिले से नहीं रोका जा सकता.
इस बारे में एजुकेशन एक्टिविस्ट और एडवोकेट अशोक अग्रवाल ने News18hindi से बातचीत में कहा कि RTE एक्ट के तहत शिक्षा बच्चे का मौलिक अधिकार है. टीसी की देरी या कमी के नाम पर दाखिला रोकना गैरकानूनी है.दिल्ली सरकार को सभी सरकारी स्कूलों को सख्त निर्देश जारी करने चाहिए कि बिना टीसी के भी एडमिशन दिया जाए. कई अभिभावक इस समस्या से जूझ रहे हैं और बच्चों का एक साल बर्बाद हो जाता है.
वहीं दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग का कहना है कि RTE नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी बच्चे को ऐसे कारणों से शिक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता.
एडवोकेट अशोक कहते हैं कि अगर किसी पेरेंट को इन कारणों से बच्चों के एडमिशन से मना किया जाए तो वे जिला शिक्षा अधिकारी या शिक्षा निदेशालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
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Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें


