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महिला आरक्षण बिल पर प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार को सीधा आईना दिखाया है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को सभी पार्टियों से बात करनी चाहिए थी. विपक्ष को कोई जानकारी नहीं है कि सरकार क्या करना चाहती है. प्रियंका ने कहा, ‘सरकार जो करती है सबसे सहमति की उम्मीद करती है’. यह एक डेमोक्रेसी है और यहां आपस में चर्चा होना बहुत ज्यादा जरूरी है. उन्होंने कहा कि सरकार सबकुछ सिर्फ अपने हिसाब से कर रही है.
प्रियंका गांधी ने एलडीएफ और भाजपा में सांठगांठ का आरोप लगाया.
कोझिकोड. केरलम चुनाव में प्रचार करने पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यहां अब बदलाव की आहट दिखाई दे रही है. इसके साथ ही उन्होंने एलडीएफ और भाजपा पर हमला बोला है. केरलम चुनाव को लेकर कोझिकोड में मीडिया से बातचीत में प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि लोग अब समझ गए हैं कि एलडीएफ और भाजपा के बीच सांठगांठ है. इसके साथ ही, दस सालों से लोगों की तरक्की नहीं हुई है. लोगों से बात करके देखिए, लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है, कीमतों में कोई कमी नहीं आ रही है.
उन्होंने आगे कहा, “केरलम जैसे राज्य में लोग परेशान हैं और स्थिति को समझ भी रहे हैं और केरलम में बदलाव की आहट है.” महिला आरक्षण को लेकर प्रियंका ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री चाहते थे कि सभी दल एक साथ आएं और इस पर चर्चा करें, तो कम से कम उन दलों से चर्चा करनी चाहिए थी. हमें तो इसके बारे में कोई जानकारी ही नहीं है कि वे करना क्या चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि आप जो करते हैं, आप चाहते हैं कि सभी उससे सहमत हों. कम से कम बात तो करनी चाहिए. ये लोकतंत्र है. लोकतंत्र में चर्चा बहुत जरूरी होती है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर मैं आपके लिए कोई पॉलिसी बनाना चाहती हूं तो आपसे मैं यह भी जानना चाहूंगी ना कि आप चाहते क्या हैं? अगर सरकार कोई पॉलिसी बना रही है, तो चर्चा करनी चाहिए. प्रियंका गांधी ने कहा कि आप हमारी बात मानिए या ना मानिए, लेकिन कम से कम चर्चा तो करिए. सरकार सबकुछ अपने हिसाब से कर रही है और चर्चा नहीं करती है.
असम के डिब्रूगढ़ में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कांग्रेस ने सालों तक महिला आरक्षण के मामले को भी लटकाए रखा था. एनडीए ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास कराया था. इससे देश की संसद और असम की विधानसभा में भी 33 प्रतिशत आरक्षण बहनों-बेटियों को मिल पाएगा. अभी 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र होना है. इसमें महिला आरक्षण कानून में संशोधन पर चर्चा की जाएगी. ऐसे प्रावधान किए जाएंगे कि 2029 के लोकसभा चुनाव में कम से कम महिलाएं सांसद बनेंगी.”
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें





