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Bengal Chunav Results 2026 LIVE: पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान संपन्न हो चुका है, लेकिन शिकायत मिलने के बाद चुनाव आयोग ने दो विधानसभा क्षेत्रों के कुल 15 बूथों पर दोबारा से मतदान कराने का फैसला किया है. …और पढ़ें
पश्चिम बंगाल के दो विधानसभा क्षेत्र के कुल 15 बूथों पर आज दोबारा से वोट डाले जाएंगे. (फाइल फोटो/Reuters)
चुनाव आयोग के पुनर्मतदान के फैसले का भाजपा ने स्वागत किया है, लेकिन साथ ही अधिक बूथों पर पुनर्मतदान की मांग भी उठाई है. विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यह कदम स्वागत योग्य है, लेकिन डायमंड हार्बर और फाल्टा क्षेत्र के कई अन्य बूथों पर भी दोबारा मतदान होना चाहिए था. वहीं, भाजपा नेता दिलीप घोष ने भी मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर गड़बड़ी की कोशिशें हुई थीं, जिसके चलते पुनर्मतदान की नौबत आई. दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इन घटनाओं के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है. राज्य मंत्री शशि पांजा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जानबूझकर मतदान के दिन माहौल बिगाड़ने की कोशिश की ताकि बड़े पैमाने पर पुनर्मतदान हो और राज्य की छवि खराब की जा सके. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने उकसावे के बावजूद संयम बरता.
ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर चिंता
इसी बीच, TMC ने स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है. शशि पांजा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि कई स्ट्रॉन्ग रूम में CCTV कैमरों में रुक-रुक कर खराबी आ रही है. उन्होंने कहा कि यह स्थिति EVM और VVPAT मशीनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है और इससे चुनाव प्रक्रिया में जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है. पांजा ने सभी प्रभावित स्थानों की विस्तृत रिपोर्ट, पूरी निगरानी फुटेज और रियल-टाइम मॉनिटरिंग बहाल करने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी. हालांकि, मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी तरह का विवाद नहीं है.
Bengal Chunav Results LIVE: 4 मई को 294 सीटों के मतगणना केंद्रों पर मौजूद रहेंगे जनरल ऑब्जर्वर्स, चुनाव आयोग का निर्देश
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम लाइव: चुनाव आयोग ने मतगणना के दिन और उसके बाद हिंसा या किसी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए कई कदम पहले ही तय कर दिए हैं. सूत्रों का कहना है कि अब तक यह तय किया गया है कि मतगणना केंद्रों के सबसे अंदरूनी सुरक्षा घेरे यानी मतगणना कक्षों में सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 200 कंपनियां तैनात की जाएंगी. इसके अलावा एक मतगणना केंद्र के अंदर और दूसरा केंद्र के बाहर, दो और सुरक्षा घेरों की व्यवस्था होगी. इस बार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए मतगणना केंद्रों की संख्या घटाकर 77 कर दी गई है. अधिकृत चुनाव अधिकारी, कर्मचारी, राजनीतिक दलों के एजेंट और उम्मीदवारों को मतगणना केंद्र में प्रवेश के लिए तीन स्तर की जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा. पहले और दूसरे चरण में पहचान पत्र की मैन्युअल जांच होगी, जबकि तीसरे चरण में क्यूआर कोड के जरिए पहचान सत्यापन किया जाएगा. वहीं, 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा को देखते हुए चुनाव आयोग ने एहतियात के तौर पर अगली सूचना तक राज्य में सीएपीएफ की 700 कंपनियां तैनात रखने का फैसला किया है.
Bengal Chunav Results LIVE: 4 मई को 294 सीटों के मतगणना केंद्रों पर मौजूद रहेंगे जनरल ऑब्जर्वर्स, चुनाव आयोग का निर्देश
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम लाइव: चुनाव आयोग ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों के सामान्य पर्यवेक्षकों (जनरल ऑब्जर्वर्स) को निर्देश दिया कि वे 4 मई को सुबह 8 बजे मतगणना शुरू होने से पहले अपने-अपने मतगणना केंद्रों और मतगणना हॉल में मौजूद रहें. आयोग ने यह भी कहा है कि वे मतगणना पूरी होने और विजयी उम्मीदवारों को जीत का प्रमाणपत्र दिए जाने तक वहां मौजूद रहें. पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि आयोग ने यह भी तय किया है कि मतगणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी गड़बड़ी या अनियमितता के लिए जनरल ऑब्जर्वर्स को जिम्मेदार माना जाएगा. सूत्र ने न्यूज एजेंसी IANS को बताया कि जनरल ऑब्जर्वर्स को मतगणना की कार्यवाही की नियमित जानकारी कोलकाता स्थित सीईओ कार्यालय के केंद्रीय कंट्रोल रूम और संबंधित जिला मजिस्ट्रेट (जिला निर्वाचन अधिकारी) के कार्यालयों में बने जिलास्तरीय कंट्रोल रूम को देनी होगी.
Bengal Chunav Results LIVE: TMC क्यों पहुंची सुप्रीम कोर्ट, क्या चाहती हैं ममता बनर्जी? CJI की बेंच आज करेगी सुनवाई
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम लाइव: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले अब वहां सुप्रीम कोर्ट की एंट्री हो गई है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक तत्काल सुनवाई के लिए अर्जी दी. इसमें उसने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसके तहत पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दो चरणों के लिए मतगणना पर्यवेक्षक के तौर पर केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को नियुक्त करने का निर्णय लिया गया था. भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत ने इस मामले पर शनिवार को तत्काल सुनवाई करने के निर्देश दिए. TMC द्वारा यह कदम तब उठाया गया जब कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें काउंटिंग सेंटर्स पर सुपरवाइजर के तौर पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों की नियुक्ति को चुनौती दी गई थी.
Bengal Eletion Repolling LIVE: EVM स्ट्रॉन्ग रूम पर तकरार जारी, टीएमसी ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी
पश्चिम बंगाल पुनर्मतदान लाइव: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर नया विवाद सामने आया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता शशि पांजा ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर कई स्ट्रॉन्ग रूम में CCTV के बार-बार बंद होने पर गंभीर चिंता जताई है. 1 मई को लिखे गए पत्र में पांजा ने कहा कि कोलकाता, जलपाईगुड़ी, गाइघाटा विधानसभा क्षेत्र, चंदननगर गवर्नमेंट कॉलेज और जंगीपुर पॉलिटेक्निक कॉलेज समेत कई स्थानों से CCTV निगरानी में रुकावट की शिकायतें मिली हैं. उन्होंने आशंका जताई कि इससे EVM और VVPAT मशीनों की सुरक्षा और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं. पांजा ने चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए 24×7 निर्बाध CCTV निगरानी सुनिश्चित करने और पूरी रिकॉर्डिंग तक तत्काल पहुंच देने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं होने पर पार्टी आंदोलन का रास्ता अपना सकती है.
Bengal Eletion Repolling LIVE: पश्चिम बंगाल में 15 बूथों पर आज दोबारा वोटिंग
पश्चिम बंगाल पुनर्मतदान लाइव: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में कथित छेड़छाड़ और गड़बड़ियों की शिकायतों के बीच चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया है. आयोग के अनुसार, 2 मई को मग्राहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 11 और डायमंड हार्बर क्षेत्र के 4 बूथों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक दोबारा मतदान कराया जाएगा. चुनाव आयोग ने यह निर्णय रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों से प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर लिया है. आयोग ने स्पष्ट किया कि 29 अप्रैल को हुए मतदान को इन बूथों पर निरस्त करते हुए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58(2) के तहत पुनर्मतदान का आदेश दिया गया है. साथ ही निर्देश दिया गया है कि मतदाताओं को ढोल बजाकर सूचना दी जाए और सभी उम्मीदवारों को लिखित रूप में इसकी जानकारी दी जाए.


