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IPL और एक्सप्रेसवे से सीखें निवेश का मंत्र! ज्यादा रफ्तार के चक्कर में कहीं ‘क्लीन बोल्ड’ न हो जाएं आप

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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में जैसे ज्यादा तेज खेलने के चक्कर में बल्लेबाज जल्दी आउट हो जाता है, वैसे ही निवेश में भी ज्यादा रिटर्न की दौड़ खतरनाक हो सकती है. मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे (Mumbai Pune Expressway) पर तेज रफ्तार आपको कुछ मिनट जल्दी पहुंचा सकती है, लेकिन रिस्क कई गुना बढ़ा देती है. ठीक इसी तरह, निवेश में ज्यादा रिटर्न के लिए बहुत बड़ा रिस्क लेना पड़ता है.

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जल्दी अमीर बनने का सपना पड़ सकता है भारी (इमेज- एआई)

नई दिल्ली. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमें सब कुछ ‘इंस्टेंट’ चाहिए. लेकिन जितनी तेजी से ज्यादा रिटर्न कमाने की चाह बढ़ती है, उतना ही रिस्क भी तेजी से बढ़ जाता है. निवेश का यह मंत्र आप इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे (Mumbai Pune Expressway) से सीख सकते हैं. इसलिए समझदारी इसी में है कि बैलेंस बनाकर खेलें, ना कि हर गेंद पर छक्का मारने की कोशिश करें. वरना ज्यादा रफ्तार के चक्कर में आपका पोर्टफोलियो भी ‘क्लीन बोल्ड’ हो सकता है.

IPL से क्या सीख मिलती है?
IPL 2024 और 2025 के टॉप स्कोरर्स के आंकड़े बताते हैं कि एक खास सीमा के बाद अगर बल्लेबाज ज्यादा तेजी से रन बनाने की कोशिश करता है, तो उसके आउट होने का खतरा बढ़ जाता है और उसका औसत गिर जाता है. जैसे विराट कोहली का स्ट्राइक रेट करीब 132 है और उनका औसत लगभग 40 के आसपास रहता है. वहीं अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ी 160+ स्ट्राइक रेट से खेलते हैं, लेकिन उनका औसत गिरकर 25-30 के आसपास आ जाता है. मतलब—ज्यादा तेजी से रन बनाने की कोशिश में खिलाड़ी जल्दी आउट भी हो जाते हैं.

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे से क्या सीखें
सड़क पर भी यही नियम लागू होता है. अगर आप 80 किमी/घंटा की रफ्तार से कार चलाते हैं, तो एक्सीडेंट का खतरा बहुत कम होता है. अगर आप रफ्तार बढ़ाकर 140 किमी/घंटा कर देते हैं, तो आप मुश्किल से 7 मिनट बचा पाते हैं, लेकिन जान का रिस्क ‘बेहद खतरनाक’ लेवल पर पहुंच जाता है.

निवेश में भी यही नियम लागू होता है
शेयर बाजार में भी लोग मुनाफे (CAGR) के चक्कर में रिस्क को भूल जाते हैं. एक रिसर्च के अनुसार, अगर आप अपना पोर्टफोलियो 50% इक्विटी (शेयर) और 50% डेट (सुरक्षित निवेश) में रखते हैं, तो आपको 13.14% रिटर्न मिलता है. लेकिन अगर आप लालच में आकर इसे 100% इक्विटी कर देते हैं, तो रिटर्न बढ़कर 16.06% तो हो जाता है, लेकिन आपका रिस्क 101% बढ़ जाता है यानी थोड़े से ज्यादा मुनाफे के लिए आप साढ़े चार गुना ज्यादा रिस्क ले रहे हैं.

क्या है असली सीख?
चाहे क्रिकेट हो, ड्राइविंग हो या निवेश हर जगह एक स्वीट स्पॉट (Sweet Spot) होती है.
उससे ज्यादा तेजी से फायदा कम और नुकसान का खतरा ज्यादा हो जाता है. इसलिए निवेश में जल्दबाजी नहीं, बल्कि लॉन्ग टर्म और बैलेंस ही असली सफलता की कुंजी है.

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विनय कुमार झासीनियर कॉपी एडिटर

वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें



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