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Manish Pandey joins kohli Rohit elite club: आईपीएल इतिहास में रविवार का दिन मनीष पांडे के लिए बेहद खास रहा. 37 वर्षीय मनीष पांडे आईपीएल के सभी 19 सीजन में खेलने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं. इस विशिष्ट क्लब में अब तक सिर्फ विराट कोहली और रोहित शर्मा का ही नाम था. केकेआर की जर्सी में वापसी करते हुए उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, मुंबई इंडियंस से लेकर दिल्ली कैपिटल्स और केकेआर तक, उनका सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन निरंतरता के मामले में वे अब आईपीएल के दिग्गजों की कतार में खड़े हैं.
मनीष पांडे एक से लेकर 19वां सीजन खेलने वाले तीसरे खिलाड़ी बने.
नई दिल्ली. आईपीएल के 19 वर्षों के लंबे सफर में कई खिलाड़ी आए और गए. लेकिन कुछ चुनिंदा नाम ही ऐसे हैं जो इस लीग की धड़कन के साथ निरंतर चलते रहे हैं.कोलकाता नाइट राइडर्सके लिए जब मनीष पांडे मैदान पर उतरे, तो उन्होंने केवल एक मैच नहीं खेला, बल्कि इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करवा लिया. 37 वर्षीय मनीष पांडे अब विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ उस विशिष्ट क्लब का हिस्सा बन गए हैं, जिन्होंने आईपीएल के सभी 19 सीजन में शिरकत की है. जब हम आईपीएल में निरंतरता की बात करते हैं, तो ज़हन में सबसे पहले विराट कोहली का नाम आता है, जो ‘वन-फ्रैंचाइजी मैन’ रहे हैं. वहीं रोहित शर्मा ने मुंबई इंडियंस और डेक्कन चार्जर्स के साथ अपना साम्राज्य बनाया. लेकिन मनीष पांडे का सफर इन दिग्गजों से बिल्कुल जुदा रहा है.जहां कोहली और रोहित ने स्थिरता का दामन थामा, वहीं मनीष पांडे इस लीग के ‘घुमंतू’ रहे हैं.
मुंबई इंडियंस से शुरुआत करने वाले मनीष पांडे (Manish Pandey ) ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, पुणे वॉरियर्स इंडिया, सनराइजर्स हैदराबाद, लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स जैसी तमाम जर्सी पहनी हैं. इस सफर में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे. पांडे के पास शायद उन दिग्गजों वाला वह ‘कल्ट स्टेटस’ न हो, लेकिन उनके पास वह दृढ़ता है जिसने उन्हें 19 सीजन तक प्रासंगिक बनाए रखा है.
2009 से 2024 तक ऐतिहासिक विरासत
मनीष पांडे का नाम आईपीएल के इतिहास में हमेशा एक मील के पत्थर के रूप में दर्ज रहेगा. 2009 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेलते हुए उन्होंने नाबाद 114 रनों की जो धुआंधार पारी खेली थी, वह आईपीएल में किसी भी भारतीय द्वारा जड़ा गया पहला शतक था. वह पारी भारतीय युवाओं के लिए एक सपने की शुरुआत थी.
हालांकि, उनके करियर का सबसे परिभाषित अध्याय कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के साथ लिखा गया. 2014 के आईपीएल फाइनल में उनकी 50 गेंदों पर खेली गई 94 रनों की जादुई पारी को भला कौन भूल सकता है? उस नॉक ने केकेआर को खिताब दिलाया था. नियति देखिए कि सालों बाद, वह फिर से केकेआर में लौटे और 2024 में टीम को दोबारा चैंपियन बनाने में अपनी भूमिका निभाई. 174 आईपीएल मैचों में 3,942 रन, 22 अर्धशतक और वह ऐतिहासिक शतक ये आंकड़े बताते हैं कि पांडे एक ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ रहे हैंण् पिछले सीजन में भी उन्होंने तीन मैचों में 141.54 के स्ट्राइक रेट से 92 रन बनाकर साबित किया था कि उनमें अभी भी बहुत क्रिकेट बाकी है.
केकेआर की नई रणनीति और पांडे की वापसी
केकेआर ने उन्हें प्लेइंग 11 में वापस लाकर एक बड़ा दांव खेला है. टीम मैनेजमेंट ने रमनदीप सिंह की जगह मनीष पांडे को प्राथमिकता दी है. इस बदलाव के पीछे के कारण स्पष्ट हैं. रमनदीप का फॉर्म 2026 सीजन में रमनदीप संघर्ष करते दिखे हैं. उन्होंने 6 पारियों में केवल 82 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट भी 120 के आसपास सिमट कर रह गया है. दूसरी ओर, रिंकू सिंह का ‘फिनिशर’ के रूप में निखरना केकेआर के लिए एक वरदान साबित हुआ है. अब टीम के पास रिंकू सिंह और रोवमैन पावेल की जोड़ी है, जो मिडिल ऑर्डर को मजबूती दे रही है. केकेआर को अब एक ऐसे अनुभवी बल्लेबाज की जरूरत थी जो पारी को संभाल सके और जरूरत पड़ने पर गियर बदल सके. पांडे की मौजूदगी इस मिडिल ऑर्डर को स्थिरता प्रदान करती है.
केकेआर की 11: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरून ग्रीन, रोवमैन पॉवेल, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, अनुकूल रॉय, सुनील नरेन, वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती. इम्पैक्ट खिलाड़ी जो दूसरी पारी में आएगा: फिन एलन.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें


