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Highest PF Withdrawal Recorded in Noida: नोएडा में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े खाताधारकों ने पिछले चार सालों में अपनी जरूरतों के लिए 1255 करोड़ 74 लाख रुपये से अधिक की राशि पीएफ खातों से निकाली है. खास बात यह रही कि सबसे ज्यादा निकासी इलाज के खर्च के लिए की गई. कुल आवेदनों में करीब 90 प्रतिशत आवेदन बीमारी और मेडिकल इमरजेंसी से जुड़े रहे.
नोएडा में बड़ी संख्या में लोगों ने ईपीएफओ का सहारा लिया
महंगाई और इलाज के बढ़ते खर्च के बीच नोएडा में बड़ी संख्या में लोगों को अपनी जमा पूंजी का सहारा लेना पड़ा रहा है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के आंकड़ों के अनुसार पिछले 4 साल में खाताधारकों ने 1255 करोड़ 74 लाख रुपये से अधिक की पीएफ राशि निकाली है. जिसमें सबसे अधिक पैसा इलाज और मेडिकल जरूरतों पर खर्च किया गया. कोविड के बाद बढ़ी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और आर्थिक दबाव ने लोगों को अपने पीएफ खाते से धन निकालने के लिए मजबूर कर दिया है.
ईपीएफओ के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में पीएफ निकासी के मामले में नोएडा सबसे आगे रहा. कोविड काल के दौरान और उसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इलाज, दवाइयों और अस्पताल के खर्चों के लिए अपने पीएफ खातों का सहारा लिया. वहीं, करीब 10 प्रतिशत खाताधारकों ने मकान निर्माण, शादी-विवाह और जीवन बीमा जैसे कारणों से पीएफ राशि निकाली.
वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक लगातार पीएफ निकासी के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई. आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022-23 में 1933 करोड़ 32 लाख रुपये निकाले गए. इसके बाद 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 2342 करोड़ 75 लाख रुपये पहुंच गया. वहीं 2024-25 में 3248 करोड़ 19 लाख रुपये की निकासी हुई. वर्ष 2025-26 में अब तक 5033 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि निकाली जा चुकी है.
ईपीएफओ अधिकारियों के मुताबिक अब ऑनलाइन प्रक्रिया आसान होने से लोग तेजी से आवेदन कर रहे है. पीएफ निकालने के लिए खाताधारकों को ईपीएफओ पोर्टल पर लॉगिन कर ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है. इसके लिए यूएएन, आधार लिंक मोबाइल नंबर और केवाईसी अपडेट होना जरूरी है. अंगूठे के जरिए भी पीएफ निकासी की सुविधा दी गई है. जिसके लिए मोबाइल फोन पर ऐप डाउनलोड करना पड़ता है.
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम ऋषभ पांडेय ने बताया कि यदि खाताधारकों की सभी जानकारियां सही हों तो पीएफ की राशि तीन कार्यदिवस के भीतर खाते में पहुंच जाती है. उन्होंने कहा कि आवेदन करते समय सही उद्देश्य का चयन करना जरूरी है. कई बार नाम, पता, पिता के नाम या बैंक डिटेल में त्रुटि होने से दावे अस्वीकृत हो जाते है.
ईपीएफओ के अनुसार खाताधारकों की जानकारी सुधारने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है ताकि लोगों को निकासी में किसी तरह की परेशानी न हो. संगठन का उद्देश्य लोगों को जरूरत के समय आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है. जिससे वे संकट की घड़ी में अपनी जमा पूंजी का उपयोग कर सकें.
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काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें


