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बंगाल के नए सीएम सुवेंदु अधिकारी ने पदभार संभालते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज कर दी है. बॉलीवुड फिल्म ‘नायक’ में जिस तरह से अनिल कपूर एक्शन में आए थे, कुछ उसी अंदाज में सुवेंदु अधिकारी नजर आ रहे हैं. सोमवार शाम 5 बजे नबन्ना में राज्य के सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और आला अफसरों की अनिवार्य बैठक बुलाई गई है. शपथ के तुरंत बाद सीएस और डीजीपी के साथ बैठक कर सुवेंदु ने साफ कर दिया है कि राज्य में अब ‘सिंडिकेट राज’ नहीं चलेगा.
बंगाल के नए सीएम सुवेंदु अधिकरी एक्श मोड में.
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ‘एक्शन मोड’ में आ गए हैं. बॉलीवुड मूवी ‘नायक’ में जिस तरह से अनिल कपूर ने ताबड़तोड़ एक्शन लेना शुरू किया था, कुछ उसी अंदाज में सुवेंदु अधिकारी नजर आ रहे हैं. बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम लगभग 12 बजे तक चला, पीएम मोदी सहित कई वीवीआईपी को एयरपोर्ट पर विदा करने के बाद सीधे एक्शन में आ गए. सबसे पहले राज्य के मुख्य सचिव यानी चीफ सेक्रेटरी सहित कोलकाता में मौजूद वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी के साथ मीटिंग की. फिर सोमवार को राज्य के सभी जिलों के एसपी, डीआईजी, आईजी सहति वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियो को सोमवार को कोलकाता बुला लिया.
सुवेंदु अधिकारी और पीएम मोदी
सोमवार को नबन्ना में महाबैठक
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सोमवार शाम 5 बजे राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है. इस बैठक की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें किसी भी अधिकारी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ने की अनुमति नहीं है. राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP), सभी पुलिस कमिश्नर, DIG और IG रैंक के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है.
STF और CID की भी होगी सक्रियता
इस बैठक में केवल जिला पुलिस ही नहीं, बल्कि स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और अपराध जांच विभाग (CID) के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे. सूत्रों के अनुसार, सुवेंदु अधिकारी राज्य में पिछले कुछ समय से सक्रिय माफिया नेटवर्क, सीमा पार तस्करी और चुनावी हिंसा के मामलों पर इन एजेंसियों से सीधे जवाब-तलब कर सकते हैं. मुख्यमंत्री चाहते हैं कि पुलिस बल राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर काम करे और जनता के बीच सुरक्षा का भाव पैदा हो.
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस सोमवार की बैठक के बाद बंगाल पुलिस के ढांचे में एक बड़ा फेरबदल (Reshuffle) देखने को मिल सकता है. जो अधिकारी पिछली सरकार के बेहद करीबी माने जाते थे या जिन पर पक्षपात के आरोप लगे हैं, उन पर मुख्यमंत्री की पैनी नजर है. सुवेंदु अधिकारी ने पहले ही संकेत दिया है कि वह पुलिसिंग में ‘प्रोफेशनलिज्म’ लाना चाहते हैं.
बंगाल में वैचारिक मजबूती और संगठनात्मक नियंत्रण के लिए एक्शन में सुवेंदु.
मुख्यमंत्री का यह ‘एक्शन अवतार’ संदेश देता है कि वह अपनी जीत को केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि बंगाल की प्रशासनिक व्यवस्था को बदलने के जनादेश के रूप में देख रहे हैं. सोमवार की बैठक में पुलिस अधिकारियों को दिए जाने वाले ‘स्पेशल टास्क’ से यह तय हो जाएगा कि बंगाल में आने वाले दिनों में अपराधियों और उपद्रवियों के खिलाफ कैसी कार्रवाई होने वाली है. बंगाल की जनता को अब एक ऐसी सरकार की उम्मीद है जो ‘कानून का राज’ स्थापित करे, और सुवेंदु अधिकारी इसकी शुरुआत अपने पहले ही कदम से कर चुके हैं.


